tehreek e labbaik pakistan tlp chief khadim hussain rizvi dies mysteriously | भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले पाकिस्तानी मौलाना की मौत बनी रहस्य, कुतुबमीनार-ताजमहल को बताया था अपना
maulana rizvi

Highlightsकई दिनों से बीमार चल रहे मौलाना खादिम पाकिस्तान के लाहौर में मौत हुई है।खराब तबीयत में भी उसने लाहौर से इस्लामाबाद का सफर तय किया था।

भारत के खिलाफ हमेशा जहर उगलने वाला पाकिस्तानी मौलाना खादिम हुसैन रिजवी हमेशा के लिए खामोश हो चुका है। आप इस जहरीले मौलाना को भारत का दुश्मन भी कह सकते हैं। मौलाना की मौत कैसे हुई यह अभी एक बड़ा सवाल बना हुआ है। मौलाना की संदिग्ध मौत से हंगामा खड़ा हो गया है। मौलाना तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान का नेता था। ये वही मौलाना है जिसने फ्रांस पर एटमी अटैक की धमकी भी दी थी। मौलाना इमरान खान के लिए भी सिरदर्द बना हुआ था। उसने इमरान को को कश्मीर पर फेल बताया था। पाकिस्तान की सेना को कश्मीर में बहादुरी दिखाने का ताना दिया था। वो अचानक मौत की नींद सो गया जिसे लोग पचा नहीं पा रहे हैं। मौलाना की मौत का कारण कोरोना बताया जा रहा है। मौलाना के करीबी इसके पीछे ISI का हाथ होने का शक जता रहे हैं। आइये आपको बताते हैं इस मौलाना के बारे में जो हर वक्त भारत के खिलाफ जहर उगलता रहता था..

फ्रांस और भारत के खिलाफ जहर उगलने वाला मौलाना खादिम कई दिनों से बीमार था। खराब तबीयत में भी उसने लाहौर से इस्लामाबाद का सफर तय किया था और TLP के मार्च में हिस्सा लिया था। इस्लामाबाद में ज्यादा तबीयत बिगड़ने पर उसे वापस लाहौर ले जाया गया। जहां उसने दम तोड़ दिया। मौलाना की मौत को लेकर पाक मीडिया में कई तरह की खबरें चल रही हैं। कहीं उसकी मौत के पीछे कोरोना बताया जा रहा है, तो कहीं यह भी कहा जा रहा है कि इमरान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की वजह से ISI ने उसकी हत्या कराई है।

मौलाना खादिम हुसैन रिजवी ह्वील चेयर से उठ नहीं पाता था। उसके भाषण इतने जहरीले होते थे कि उसके समर्थक उसकी हर जुबान पर जान देने को तैयार रहते थे। चंद रोज पहले उसे जरा सा इल्म नहीं था कि मौत उसके सिर पर मंडरा रही थी। वो तो इस्लामाबाद में डेरा जमाए बैठा था और फ्रांसीसी राजदूत की हत्या की साजिश रच रहा था। 2 दिन पहले ही उसने भारत को धमकी दी थी कि उसकी पार्टी TLP के जेहादी बाबरी मस्जिद का बदला लेकर रहेंगे। भारत को धमकी देते हुए उसने कहा था, ''हमें कुतुबमीनार भी कुतुबुद्दीन एबक छोड़कर गए थे, दिल्ली में मस्जिद भी हमारी है, आगरा का ताजमहल भी हमारा है, बाबरी मस्जिद के साथ जो तुमने किया, उसका बदला तो हमें लेना है।"

मौलाना खादिम ने कश्मीर को भी अपने जिहादियों के जरिए फतह करने की योजना बनाई थी। उसने खुले मंच से इमरान खान को कश्मीर मुद्दे पर भारत से मात खाया हुआ खिलाड़ी बताते हुए कहा था कि कश्मीर का मसला उसका संगठन TLP हल करेगा। जैसे मुसलमानों ने मक्का फतह किया था उसी तरह कश्मीर को भी लेंगे। मौलाना खादिम ने कहा था, ''चौक पर खड़े होकर आधे घंटे तक भाषण देने से कश्मीर आजाद नहीं होगा। कश्मीर आजाद ऐसे ही होना है। जैसे मक्का फतह हुआ। जैसे सदर फतह हुआ। जब कश्मीर फतह करना है तो मेरी दो बात करा दो।''

मौलाना ने  इस्लामाबाद स्थित फ्रांस के राजदूत और फ्रांसिसी राष्ट्रपति का सिर कलम करने का नारा दिया था। उसी मंशा को लेकर उसने इस्लामाबाद में अपने 5 हजार जेहादियों को लेकर कूच किया था। मौलाना खादिम की मौत के बाद इमरान खान ने राहत की सांस ली है क्योंकि अगले चुनाव में बरेलवी पंथ का ये मौलाना इमरान खान को चुनाव में कड़ी टक्कर देने वाला था। इस्लामिक कट्टरपंथी होने की वजह से उसकी पार्टी TLP को पाकिस्तान में तेजी से लोकप्रियता मिल रही थी। इसी वजह से वो खुले मंच से इमरान खान को फ्रांस और कश्मीर के मसले पर नाकारा बताने लगा था। अगले चुनाव में वो पूरे पाकिस्तान में चुनाव लड़ने वाला था। इस्लामाबाद कूच करना उसकी सियासी महात्वाकांक्षा का ही एक हिस्सा था। लेकिन दूसरों की मौत का हु्क्म देने वाले मौलाना खादिम को खुद पता नहीं था कि मौत उसके सिर पर सवार हो चुकी है।

Web Title: tehreek e labbaik pakistan tlp chief khadim hussain rizvi dies mysteriously

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