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भारत, श्रीलंका और मालदीव समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए

By भाषा | Updated: November 28, 2020 23:29 IST

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कोलंबो, 28 नवम्बर भारत, श्रीलंका और मालदीव के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने सहयोग को और मजबूत बनाने तथा आम हितों के लिए शांति का माहौल सुनिश्चित करने पर शनिवार को सहमति व्यक्त की। उन्होंने एक उच्च स्तरीय त्रिपक्षीय वार्ता में क्षेत्र की वर्तमान समुद्री सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने श्रीलंका के रक्षा सचिव मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) कमल गुणारत्ने और मालदीव की रक्षा मंत्री मारिया दीदी के साथ वार्ता में हिस्सा लिया।

श्रीलंका, भारत और मालदीव के साथ समुद्री सुरक्षा सहयोग पर चौथी त्रिपक्षीय बैठक का आयोजन कर रहा है। छह साल बाद यह बैठक हो रही है। इससे पहले यह बैठक 2014 में नयी दिल्ली में हुई थी।

श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक संयुक्त बयान के अनुसार समुद्री सुरक्षा से संबंधित आम मुद्दों पर हिंद महासागर क्षेत्र में सार्थक सहयोग को बढ़ावा देने के इच्छुक तीन देशों ने क्षेत्र में वर्तमान समुद्री सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया।

बयान में कहा गया है कि उन्होंने समुद्री क्षेत्र जागरूकता, मानवीय सहायता और आपदा राहत, संयुक्त अभ्यास, क्षमता निर्माण, समुद्री सुरक्षा और खतरे, समुद्री प्रदूषण आदि क्षेत्रों में आपसी सहयोग पर चर्चा की।

संयुक्त बयान में कहा गया है कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चुनौतियों से निपटने में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी।

इसमें कहा गया है कि तीन देशों ने साझा सुरक्षा खतरों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और खुफिया जानकारी को साझा करने के लिए व्यापक सहयोग को बढ़ाने तथा आतंकवाद, कट्टरता, मादक पदार्थ, हथियार और मानव तस्करी, धन शोधन, साइबर सुरक्षा और समुद्री पर्यावरण पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव जैसे मुद्दों को शामिल करने पर सहमत हुए।

यह बैठक हिंद प्रशांत क्षेत्र और हिंद महासागर में अपने प्रभाव को बढ़ाने के चीन के प्रयासों के बीच हुई। चीन हिंद महासागर में अपनी समुद्री सिल्क रोड परियोजना के लिए मालदीव और श्रीलंका को महत्वपूर्ण मानता है।

बयान के अनुसार प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों ने सूचनाओं के आदान-प्रदान और चर्चा के लिए नियमित मुलाकात करने और बैठक में लिये गये फैसलों का समय पर कार्यान्वयन सुनिश्चित करने पर सहमति जताई। उन्होंने परिचालन स्तर पर सहयोग के लिए उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर के कार्य समूह की बैठकों को द्विवार्षिक रूप से आयोजित करने का निर्णय लिया।

श्रीलंका, भारत और मालदीव ने 2011 में समुद्री सुरक्षा सहयोग पर त्रिपक्षीय एनएसए स्तर की बैठक की शुरूआत की थी और इससे पहले इसकी तीन बैठकों का आयोजन हो चुका है।

श्रीलंकाई विदेश मंत्रालय ने ट्वीट किया कि श्रीलंका के विदेश मंत्री दिनेश गुणावर्धने ने मुख्य अतिथि के रूप में बैठक को संबोधित किया। विदेश सचिव एडमिरल प्रो. जयनाथ कोलंबेज ने भी बैठक में हिस्सा लिया।

वार्ता के लिए शुक्रवार को कोलंबो पहुंचे डोभाल ने कल ही मालदीव की रक्षा मंत्री मारिया दीदी से मुलाकात की थी और हिंद महासागर में प्रमुख द्वीपीय देश के साथ द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने पर सौहार्दपूर्ण और विस्तृत चर्चा की थी।

डोभाल ने शनिवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों में विविधता लाने तथा इसे और आगे बढ़ाने के तरीकों को लेकर उनके साथ ‘‘सार्थक’’ बातचीत की।

भारतीय उच्चायोग ने यहां एक ट्वीट में कहा कि एनएसए अजित डोभाल ने राष्ट्रपति राजपक्षे से मुलाकात की और सार्थक चर्चा की। डोभाल ने उम्मीद जतायी कि भारत-श्रीलंका द्विपक्षीय संबंध प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति राजपक्षे के मजबूत नेतृत्व में और प्रगाढ़ होंगे।

डोभाल ने शुक्रवार को श्रीलंका के रक्षा सचिव गुणारत्ने से भी मुलाकात की थी और वे दोनों देशों के बीच ‘‘मूल्यवान’’ सहयोग को और बढ़ाने के लिए कई कदमों पर सहमत हुए थे।

कोलंबो में भारतीय उच्चायोग ने एक अन्य ट्वीट में कहा था, ‘‘एनएसए अजित डोभाल ने मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) कमल गुणारत्ने से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा साझेदारी से संबंधित मामलों को लेकर विचार-विमर्श हुआ।’’

हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा पर समन्वित कार्रवाई, राहत और बचाव अभियान का प्रशिक्षण, समुद्र में बढ़ते प्रदूषण को लेकर कदम उठाने, सूचनाएं साझा करने, अवैध हथियारों, मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने जैसे मुद्दे त्रिपक्षीय बैठक में चर्चा का विषय थे।

नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा था कि एनएसए स्तर की त्रिपक्षीय बैठक हिंद महासागर के देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए एक प्रभावी मंच हैं।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा था, ‘‘हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।’’

इस साल डोभाल का श्रीलंका का यह दूसरा दौरा है। इससे पहले वह जनवरी में श्रीलंका आए थे और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की थी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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