सुप्रीम कोर्ट भारत का सर्वोच्च न्यायिक फोरम है। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त 30 अन्य न्यायमूर्ति होते हैं। जिनके पास संविधान समीक्षा समेत अनेक शक्तियां होती हैं। सुप्रीम कोर्ट के पास किसी संबैधानिक मसले पर स्वतः संज्ञान लेने की भी शक्तियां होती हैं। भारत की सुप्रीम कोर्ट भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित है। सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा हैं।भारत के संविधान के चैप्टर पांच के पांचवें भाग द्वारा निर्धारित संवैधानिक निकाय है। इसकी स्थापना 26 जनवरी 1950 में हुई थी। जैसा कि भारतीय संविधान द्वारा कहा गया है, सुप्रीम कोर्ट का काम संविधान के रक्षक के तौर पर काम करना है, संघीय सरकार के प्राधिकार द्वारा स्थापित अदालत और अपील के लिए यह सबसे ऊपरी अदालत है। Read More
1984 के सिख विरोधी दंगा मामलाः न्यायमूर्ति एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने सज्जन कुमार के आवेदन पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। पीठ ने कहा, ‘‘हम समझते हैं कि ये साधारण आपराधिक मामले नहीं है।’’ ...
रविवार 28 जुलाई को उन्नाव रेप पीड़िता के कार का एक्सीडेंट रायबरेली में हो गया था। जिसमें पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई है। एक्सीडेंट के चार दिन बाद भी पीड़िता और उसके वकील की हालत गंभीर है। ...
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि उन्होंने 10 जुलाई को विभिन्न उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को संबोधित किया था और उनसे अन्य विषयों के साथ 50 साल तथा 25 साल पुराने मामलों को निपटाने का आग्रह किया था। ...
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्हें मालूम था कि यह प्रयास विफल होगा। उन्होंने यहां संत-महात्माओं की सभा में कहा, ‘‘ हमें मालूम था कि इस मध्यस्थता से कुछ निकलने नहीं जा रहा है। लेकिन यह अच्छा है। यदि प्रयास होते हैं तो अच्छी बा ...
28 जुलाई को उन्नाव रेप पीड़िता के कार का एक्सीडेंट रायबरेली में हो गया था। जिसमें पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई है। एक्सीडेंट के बाद अब भी पीड़िता और उसके वकील की हालत गंभीर बनी हुई है। ...
दोनों याचिकाएं तब दायर की गई हैं जब एक दिन पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नये कानून को अपनी स्वीकृति दे दी। उच्चतम न्यायालय में दायर की गई याचिका में कहा गया है, ‘‘इस कानून में खासतौर से धार्मिक पहचान पर आधारित व्यक्तियों के एक वर्ग के लिए दंड का प ...
बिहारः गृह विभाग के शपथ पत्र को देख कर अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जब 2020 तक सभी रिक्त पदों को भरने का निर्देश दिया है तो किन कारणों से इन पदों को 2023 तक भरने की बात शपथ पत्र में कही गई है. ...
आरएसएस ने कहा है कि हम 6 अगस्त से रोजाना अयोध्या भूमि मामले की सुनवाई करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। हमें विश्वास है कि लंबे समय से लंबित मामले को समय की निश्चित अवधि में हल किया जाएगा। ...