शिवसेना एक राजनीति दल है। यह मुख्यत महाराष्ट्र की क्षेत्रीय पार्टी है। इसकी स्थापना 19 जून 1966 में प्रमुख राजनीतिक कार्टूनिस्ट बालासाहेब ठाकरे ने की थी। इस दल का प्रतीक चिह्न (लोगो) बाघ है। पूरे देश में शिव सेना को एक कट्टर हिन्दू राष्ट्रवादी दल के रूप में जाना जाता है। इस समय उद्धव ठाकरे प्रमुख हैं। इसका मुखपत्र सामना है। Read More
दिलीप सोपाल के अलावा कांग्रेस के पूर्व विधायक दिलीप माने भी शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के बांद्रा स्थित आवास पर पार्टी में शामिल हो गये। सोलापुर जिले से कांग्रेस के नेता नागनाथ क्षीरसागर ने भी बुधवार को शिवसेना का दामन थामा। ...
भाजपा के चुनाव प्रचार प्रभारी ने बताया, ‘‘ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुष्टि की है कि वह महाजनादेश यात्रा के दूसरे चरण की समापन रैली में हिस्सा लेंगे।’’ ...
राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा और शिवसेना में पिछले एक महीने में करीब 12 वरिष्ठ कांग्रेसी और राकांपा नेता शामिल हुए हैं जिसके बाद अटकलें शुरू हो गयीं कि दोनों सत्तारूढ़ सहयोगी 2014 की तरह राज्य विधानसभा चुनाव अलग-अलग तरह लड़ सकते हैं। ...
महाजनादेश यात्रा के तहत अहमदनगर जिले के पठार्डी तालुका में एक रैली को संबोधित करते हुए फड़नवीस ने कहा, ‘‘हमारी सरकार कम से कम 25 साल तक सत्ता में रहेगी क्योंकि लोग कांग्रेस और राकांपा दोनों के ‘‘सत्ता के अहंकार’’ से वाकिफ हैं।’’ ...
आरएसपी महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ भाजपा की एक छोटी सहयोगी पार्टी है। शिवसेना ने तंज कसते हुए कहा, ‘‘अगर सिनेमावाले (पार्टी में) आयेंगे तो धनगरों को क्या मिलेगा? अगर संजय दत्त को जानकर की पार्टी में शामिल होना है तो शाहरुख खान, अक्षय कुमार रामदास अठावले ...
शिवसेना के एक खेमे द्वारा भले ही यह कहा जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में 288 सीटों में से भाजपा-शिवसेना 144-144 सीटों पर लड़ेंगी. लेकिन, भाजपा मित्र दलों सहित 163 से 168 सीटें चाहती है. सूत्रों का कहना है कि इसलिए शिवसेना को केवल 120 से 125 सीट ...
दत्त ने मीडिया को दिये बयान में कहा, "मैं किसी भी पार्टी में शामिल होने नहीं जा रहा। श्री जानकर मेरे प्रिय मित्र और भाई हैं और मैं विनम्रतापूर्वक उन्हें भविष्य की योजनाओं के लिये शुभकामनाएं देता हूं।" ...
चुनाव आयोग ने इससे पहले जदयू को एक नियम के तहत दोनों राज्यों में अपने चुनाव चिह्न का इस्तेमाल कर चुनाव लड़ने की छूट दी थी। लेकिन अब यह छूट वापस ले ली गई है क्योंकि झामुमो ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाते हुए कहा था कि चुनाव चिह्नों की समानता से मतदाता ...