भारतीय संसद (राज्य सभा और लोक सभा) की हर साल होने वाली तीन बैठकों को संसद सत्र कहते हैं। इन सत्रों में सभी विधायी कार्य पूरे किये जाते हैं। भारतीय संविधान के अनुसार संसद के दो सत्रों के बीच छह महीने से ज्यादा अंतराल नहीं होना चाहिए। इस वजह से हर साल संसद के कम से कम दो सत्र जरूर आयोजित होते हैं।संसद का बज़ट सत्र फ़रवरी से मई के बीच आहुत होता है। संसद का मॉनसून सत्र जुलाई से सितम्बर के बीच आहुत होता है। संसद का शीतकालीन सत्र नवंबर से दिसंबर के बीच आयोजित होता है। बज़ट सत्र के दौरान भारत सरकार अपना सालाना या अंतरिम बज़ट पेश करती है। इस बज़ट में सरकार वार्षिक आय और व्यय का लेखा-जोखा पेश करती है। Read More
अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने भी शाम पांच बजे बजट पेश करने की अतीत की परंपरा को बदला था। उसके बाद से सभी सरकारों में बजट सुबह 11 बजे पेश किया जाता रहा है। परंपरागत भारतीय व्यापारी अपना हिसाब-किताब बही खाता में रखत ...
Budget 2019: वित्त मंत्री ने कहा कि जल शक्ति मंत्रालय के तहत हम हर राज्य के साथ 'हर घर जल' मिशन पर काम करेंगे। इसके तहत 2024 तक हर घर में जल पहुंचाने पर जोर होगा। ...
Union Budget 2019: महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 5 ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था तक पहुंचने के लिए हमारी सरकार बुनियादी ढांचे में भारी निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था और रोज़गार निर्माण और लोगों की आशा, विश्वास और आकांक्षाएं पर ध्यान देगी। ...
पूर्व की परंपरा को छोड़ते हुए देश की पहली पूर्णकालिक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार को केंद्रीय बजट के दस्तावेज एक लाल बैग में लेकर पहुंचीं। यह परंपरागत ‘बही-खाते’ की याद दिला रहा था। ...
रेलवे ढांचागत सुविधा के लिये 2018 से 2030 के दौरान 50 लाख करोड़ रुपये निवेश की जरूरत, तेजी से विकास और रेलवे में यात्री तथा माल ढुलाई सेवाओं के विस्तार के लिये सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी मॉडल) का उपयोग किया जाएगा। ...
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि छोटे दुकानदारों को पेंशन दी जाएगी, साथ ही मात्र 59 मिनट में सभी दुकानदारों को लोन देने की भी योजना है। इसका लाभ 3 करोड़ से अधिक छोटे दुकानदारों को मिल सकेगा। हमारी सरकार इसके साथ ही हर किसी को घर देने की योजना पर भी आगे ब ...
सीतारमण ने भूरे रंग के ब्रिफकेस की परंपरा से आगे बढ़ते हुए लाल रंग का पार्सलनुमा बैग लिया हुआ था , जिसके ऊपर राष्ट्रीय चिह्न है। सीतारमण से पहले , पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी केंद्रीय बजट पेश करने वाली अब तक की और एकमात्र महिला थीं। ...
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2019- 20 के बजट प्रस्तावों को शुक्रवार को मंजूरी दी। इस बार देश में बजट नहीं 'बही खाता' पेश किया जा रहा है। इस बार बजट का नाम बदल दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गठित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबं ...