लाइव न्यूज़ :

Vaishno Devi Yatra 2026: नए साल में वैष्णो देवी आने वालों पर कई प्रकार की पाबंदियां

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: December 23, 2025 17:55 IST

वैष्णो देवी की यात्रा के दौरान भीड़ के बेहतर प्रबंधन को लेकर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड में यात्रा को लेकर कुछ बदलाव किए हैं। नई पाबंदी के तहत श्रद्धालुओं को पंजीकरण करवाने के बाद माता वैष्णो देवी की यात्रा को 24 घंटे में पूरी करनी होगी।

Open in App

जम्मू: नए साल में यात्रा प्रबंधन बेहतर बनाने के नाम पर माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने आने वाले श्रद्धालुओं पर कई प्रकार की पाबंदियां लगाने की घोषणा की है। बोर्ड के इन फैसलों को लेकर कहीं गम और कहीं खुशी का माहौल है। हालांकि बोर्ड का दावा है कि यह सब बेहतरी के लिए है। वैष्णो देवी की यात्रा के दौरान भीड़ के बेहतर प्रबंधन को लेकर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड में यात्रा को लेकर कुछ बदलाव किए हैं। नई पाबंदी के तहत श्रद्धालुओं को पंजीकरण करवाने के बाद माता वैष्णो देवी की यात्रा को 24 घंटे में पूरी करनी होगी। 

बोर्ड का दावा है कि यह बदलाव इसलिए किए गए हैं ताकि कटरा से माता वैष्णो देवी के मंदिर परिसर तक भक्तों की भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। नए नियमों के अनुसार अब जो भी श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए जरूरी रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटी कार्ड यानी रिफ्ड कार्ड लेता है तो उसे यह कार्ड लेने के 10 घंटे के भीतर अपनी यात्रा शुरू करनी होगी। और जो श्रद्धालु यह कार्ड लेने के 10 घंटे के अंदर अपनी यात्रा शुरू नहीं करता तो उसे अपना यह कार्ड दोबारा बनवाना पड़ेगा।

इसके साथ ही माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने सभी श्रद्धालुओं को हिदायत दी है कि जो भी श्रद्धालु अपनी यात्रा बाणगंगा से पैदल शुरू करता है उसे 24 घंटे के भीतर वापस बाणगंगा रिपोर्ट करना होगा।यही कारण है कि अगर आप इस नए साल पर श्री माता वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए जा रहे हैं, तो आप अपनी यात्रा के शेड्यूल पर दोबारा नजर डालें। नया साल और उसके बाद माता वैष्णो देवी के लिए उमड़ती भक्तों की भीड़ को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा को लेकर कुछ बदलाव किए हैं। बोर्ड का दावा है कि माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा जारी के गए इन दिशा निर्देशों के बाद यात्री काफी खुश है।

क्रिसमस और नए साल से पहले माता वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए पहुंचे कुछ श्रद्धालुओं ने दावा किया कि वह नए साल पर माता वैष्णो देवी के दर्शन करना चाहते थे, लेकिन भीड़ के चलते उन्होंने अपने प्रोग्राम में थोड़ा बदलाव किया और नए साल से पहले ही माता वैष्णो देवी के दर्शन कर लिए। इन श्रद्धालुओं का दावा था कि जिस तरह से भीड़ नियंत्रण को लेकर माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने नए नियम बनाए हैं उससे यात्रा बेहतर ढंग से चलाई जा सकेगी। हालांकि बोर्ड के फैसलों पर कई जगहों पर नाराजगी भी है। यही नहीं माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने माता वैष्णो देवी मंदिर परिसर से लेकर भैरों घाटी तक जाने वाले रोपवे के लिए जारी की जा रही टिकटों के लिए भी समय निर्धारित किया है। अब जो भी श्रद्धालु यह टिकट लेता है उसे 2 घंटे के भीतर अपनी भैरों घाटी की यात्रा पूरी करनी होगी।

बताया जाता है कि माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कटरा और माता वैष्णो देवी मंदिर परिसर में कंट्रोल रूम भी बनाए हैं। ताकि कटरा से लेकर माता वैष्णो देवी मंदिर परिसर तक लगाए गए सैकड़ो कैमरों से यात्रियों पर नजर रखी जा सके।

टॅग्स :वैष्णो देवी मंदिरजम्मू कश्मीर
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारतअमरनाथ यात्रा पर पहलगाम नरसंहार की परछाई?, सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता, 29 जून को पूजा और 17 जुलाई से शुरू?

भारतJammu-Kashmir: पाक की ओर से जम्मू सीमा पर गोलीबारी, भारतीय रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट पर हमले की कोशिश नाकाम

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठGuru Nakshatra Parivartan 2026: अप्रैल में इन 5 राशिवालों का शुरू होगा गोल्डन पीरियड, मोटी कमाई की उम्मीद

पूजा पाठPanchang 04 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 04 April 2026: कुंभ राशिवालों को अचानक धनलाभ मिलने की संभावना, जानें सभी राशियों का फल

पूजा पाठGrah Gochar April 2026: अप्रैल में 4 राशिवालों के लिए बनेंगे कई राजयोग, ये ग्रह गोचर दे रहे हैं शुभ संकेत

पूजा पाठPanchang 03 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग