Tuesday remedies to obtain blessings of Lord Hanuman | मंगलवार की शाम यहां जलाएं एक 'दीया', होगी मन की हर मुराद पूरी

शास्त्रों के अनुसार मंगलवार का दिन पवनपुत्र हनुमान जी को समर्पित होता है। ऐसी मान्यता है कि सभी देवताओं में हनुमान जी ऐसे देव हैं जो भक्त की अराधना से शीघ्र ही प्रसन्न हो जाते हैं। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित 'रामचरितमानस' के अनुसार भगवान हनुमान को हमेशा अजर-अमर रहने का वरदान है। इसलिए ऐसी मान्यता है कि कलियुग में भी वे अपने भक्तों की रक्षा करने के लिए हर पल मौजूद रहते हैं। 

शास्त्रों में हनुमान जी को प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने के कई सारे उपाय दर्ज हैं। इन उपायों को विधिवत करने से बजरंगबली खुश हो जाते हैं और भक्त की मन माँगी मुराद को पूरा करते हैं। तो अगर आपकी भी कोई इच्छा है तो लंबे समय से पूरी नहीं हो रही तो हम आपको हनुमान जी को खुश करने का एक खास उपाय बताने जा रहे हैं। इसे विधिवत करने से हनुमत कृपा होती है और मनोकामना भी पूर्ण होती है। 

पीपल के ग्यारह पत्तों का उपाय

यह उपाय पीपल के पत्ते के इस्तेमाल से किया जाता है। इस उपाय को करने से रोग नष्ट हो जाते हैं, हनुमान जी के प्रभु श्रीराम की कृपा प्राप्त होती है, धन संबंधी कठिनाइयों का खात्मा होता है और यदि शत्रु भय हो तो वह भी नष्ट हो जाता है। 

उपाय के अनुसार किसी भी मंगलवार और शनिवार के दिन सुबह जल्दी उठकर, स्नान करने के बाद पीपल के ग्यारह पत्ते तोड़ लाएं, ध्यान रहे ये पत्ते सही सलामत हों और कहीं से सूखे ना हों। इन पत्तों को लेकर साफ पानी में धो लें और फिर गीले कुमकुम या फिर चन्दन की मदद से हर पत्ते पर 'श्रीराम' लिखें। इन सभी ग्यारह पत्तों की एक माला बनाएं और मंगलवार या शनिवार को किसी भी हनुमान मंदिर जाकर हनुमान जी की प्रतिमा पर अर्पित कर दें। मान्यता है कि ऐसा करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं।

 

हनुमान मंदिर में जलाएं दीया

इस उपाय के अलावा एक अन्य उपाय भी है जिसके अनुसार किसी भी मंगलवार या शनिवार को आपको केवल हनुमाना मंदिर जाना है और प्रभु की प्रतिमा के आगे चौमुखी दीया जलाना है। यह उपाय बेहद सरल अपितु प्रभावशाली माना जाता है। इस उपाय को लगातार कुछ सप्ताह तक हर मंगलवार और शनिवार करने से आने वाले कई वर्षों तक हनुमान जी की कृपा बनी रहती है।