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स्वामी विवेकानंद के 10 प्रेरक वचन, जिनसे बदल सकती है किसी की भी जिंदगी

By गुलनीत कौर | Updated: July 4, 2018 09:41 IST

स्वामी विवेकानंद का असली नाम नरेंद्र नाथ था। उन्होंने स्वामी रामकृष्ण परमहंस से प्रभावित होकर संन्यास ग्रहण किया और स्वामी विवेकानंद बन गये।

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भारत जब ब्रिटिश राज से आजादी की लड़ाई लड़ रहा था तो यह लड़ाई केवल राजनीतिक नहीं थी। राजनीति के साथ ही शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी भारतीय मनीषी देश को जगाने में लगे हुए थे। इनके साथ ही आध्यात्मिक जागरण के क्षेत्र में भी 19वीं सदी के उत्तरार्ध में एक नई जागृति देखने की मिली। इन आध्यात्मिक प्रेरणापुंजों में स्वामी विवेकानंद अग्रणी थे। स्वामी विवेकानन्द का जन्म 12 जनवरी, 1863 को कलकत्ता में हुआ था। इनके पिता का नाम विश्वनाथ दत्त और माता का नाम भुवनेश्वरी देवी था। इनके बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था। घर पर प्यार से इन्हें 'नरेन' कहकर पुकारा जाता था। रामकृष्ण परमहंस से मुलाकात ने नरेंद्र नाथ का जीवन बदल दिया। नरेंद्र नाथ आखिरकार रामकृष्ण के शिष्य बनकर संन्यासी हो गये और परंपरा अनुरूप अपना पुराना नाम छोड़कर स्वामी विवेकानंद के रूप में नया नाम ग्रहण किया। स्वामी विवेकानंद का 4 जुलाई 1902 को कोलकाता में स्थित बेल्लुर मठ में निधन हो गया। इन 39 सालों में ही वो भारत की आत्मा पर अपनी ओजस्वी वाणी और प्रखर विचारों की गहरी छाप छोड़ गये। आइए उनकी पुण्यतिथि पर पढ़ें उनके 10 प्रेरक वचन, जिन पर अमल करके किसी की भी जिंदगी बदल सकती है।

स्वामी विवेकानंद ने जब सड़क किनारे पिया गांजा, पढ़ें उनसे जुड़े 5 रोचक किस्से

1- हम वही हैं जो हमारे विचार हमें बनाते हैं, इसलिए अपने विचारों के लिए सजग हो जाओ

2- दिन में एक बार अपने आप से बात करो वरना तुम दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण आदमी से बात नहीं कर पाओगे

3- उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक अपने लक्ष्य को न पा लो

4- सारी शक्ति तुम्हारे अंदर ही है, तुम हर चीज कर सकते हो

5- दिल और दिमाग के बीच में हमेशा अपने दिल की सुनो

6- तुम भगवान में तब तक विश्वास नहीं कर सकते, जब तक तुम खुद पर विश्वास नहीं करोगे

7- एक विचार लो और उस विचार को अपनी जिंदगी बना लो, उसी विचार के बारे में सोचो, उसी के सपने देखो, उसी को जियो

8- दर्द और खुशी दोनों ही अच्छे टीचर हैं

9- अगर एक दिन भी ऐसा बीते कि तुम्हें एक भी परेशानी न आई हो, तो समझ लो कि तुम गलत रास्ते पर जा रहे हो 

10- आप जो भी सोचेंगे, आप वही हो जाएंगे। अगर आप खुद को कमजोर सोचेंगे तो आप कमजोर बन जाएंगे। अगर आप सोचेंगे कि आप शक्तिशाली हैं तो आप शक्तिशाली बन जाएंगे।

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