लाइव न्यूज़ :

Solar Eclipse (Surya Grahan) 2019 : सूतक काल में जपें ये 3 मंत्र, दूर होंगे सारे बुरे प्रभाव

By मेघना वर्मा | Updated: December 13, 2019 11:09 IST

शास्त्रों के अनुसार ग्रहण से पहले लगने वाले सूतक काल के समय किसी भी तरह के शुभ कार्य नहीं किए जाते। सूतक काल में भोजन करने तक की मनाही होती है।

Open in App
ठळक मुद्देसूतक काल के समय लोग भगवान का जाप या मंत्रोच्चारण करते हैं। इस साल 26 दिसंबर को आखिरी सूर्य ग्रहण लग रहा है।

साल 2019 बस कुछ ही दिनों का मेहमान है। साल के आखिरी महीने में इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण पड़ रहा है। जिसका खासा महत्व बताया जा रहा है। हिन्दू धर्म में ग्रहण के समय को अशुभ काल बताया जाता है। ग्रहण से पहले लगने वाले सूतक काल में कोई भी शुभ कार्य करना सही नहीं माना जाता है। इस साल 26 दिसंबर को आखिरी सूर्य ग्रहण लग रहा है। जो साल का तीसरा ग्रहण भी है। 

शास्त्रों के अनुसार ग्रहण से पहले लगने वाले सूतक काल के समय किसी भी तरह के शुभ कार्य नहीं किए जाते। सूतक काल में भोजन करने तक की मनाही होती है। सूतक काल के समय लोग भगवान का जाप या मंत्रोच्चारण करते हैं। आज हम आपको ऐसे ही कुछ मंत्र बताने जा रहे हैं जिनका जाप आप सूतक काल के समय कर सकते हैं। 

सूतक काल में करें इन मंत्रों का जाप

ॐ ह्लीं दूं दूर्गाय: नम:ॐ श्रीं ह्लीं क्लीं ऐं ॐ स्वाहा:।ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:।

भारत में दिखेगा ग्रहण

26 दिसंबर को पड़ने वाला यह ग्रहण भारत में भी दिखाई देने वाला है। पिछला सूर्यग्रहण भारत में दिखाई नहीं दिया था। मगर इस बार ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। भारत में दिखने पर इस सूतक का असर भी जातकों पर पड़ेगा। ग्रहण का असर धार्मिक और ज्योतिष नजरिए से बहुत महत्व पड़ेगा।

क्या है ग्रहण का समय

ग्रहण इस साल 26 दिसंबर को पड़ रहा है। ये साल का आखिरी सूर्य ग्रहण होगा। यह सूर्य ग्रहण पौष मास की अमावस्या पर सुबह 8 बजकर 17 मिनट पर लगेगा। जो 10 बजकर 57 मिनट पर खत्म होगा। इस बार सूर्य ग्रहण भारत समेत यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी अफ्रीका में दिखाई देगा। 

ग्रहण का सूतक काल

इस बार सू्र्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा। इस कारण सूतक का असर होगा। सूतक का समय ग्रहण के एक दिन पहले से ही शुरू हो जाएगा। सूतक 25 दिसंबर की शाम 5:33 मिनट से शुरू होगा और अगले दिन सुबह 10:57 मिनट पर यानी ग्रहण के समापन के बाद खत्म होगा। सूतक लगने का काफी विशेष महत्व बताया जाता है। हिन्दू धर्म में सूतक लगने के बाद कोई भी कार्य नहीं किया जाता है। सूतक का समय अशुभ माना जाता है।

टॅग्स :सूर्य ग्रहणपूजा पाठ
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठSurya Grahan 2026: साल का पहला सूर्य ग्रहण आज, कितने बजे लगेगा सूतक काल; जानें यहां

पूजा पाठSurya Grahan 2026: फरवरी में वलयाकार सूर्य ग्रहण, आसमान में नज़र आएगा ‘रिंग ऑफ फायर’, जानें समय, तारीख व अन्य ज़रूरी जानकारी

पूजा पाठMakar Sankranti 2026: जिजीविषा का उत्प्रेरक पर्व है मकर संक्रांति

पूजा पाठSurya Grahan 2026: नए साल में दो सूर्य ग्रहण, जानें तारीखें, समय, सूतक काल और प्रभाव

पूजा पाठDiwali Puja Time Today: दिवाली पूजा का समय और शुभ मुहूर्त कब है?, 20 अक्टूबर गणेश-लक्ष्मी पूजा...

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठPanchang 05 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 05 April 2026: आज शत्रुओं की चाल से बचें वृषभ राशि के लोग, कर्क राशिवालों के जीवन में खुशियां

पूजा पाठGuru Nakshatra Parivartan 2026: अप्रैल में इन 5 राशिवालों का शुरू होगा गोल्डन पीरियड, मोटी कमाई की उम्मीद

पूजा पाठPanchang 04 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 04 April 2026: कुंभ राशिवालों को अचानक धनलाभ मिलने की संभावना, जानें सभी राशियों का फल