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धनु राशि में वक्री हुए शनिदेव, जानें कौन सी राशियां हैं संकट के घेरे में

By गुलनीत कौर | Updated: April 18, 2018 07:48 IST

हमारे जीवन में शनि देव आजीविका, सेवक, जनता, कर्म, तकनीकी कार्य, मशीनरी, अध्ययन, पूजा पाठ अध्यात्म, माइन्स पेट्रोलियम, पाचनतंत्र, हड्डी का रोग एवम निर्माण तथा इंडस्ट्री इत्यादि का कारक होता है।

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बुधवार 18 अप्रैल, सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर शनिदेव का धनु राशि में ही मार्गी गति से वक्री गति में परिवर्तन हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र द्वारा प्रदान किए गए 9 ग्रहों में से शनिदेव क पापी ग्रह किन्तु न्याय पसंद ग्रह माना जाता है। इनके एक राशि से दूसरी राशि में स्थान परिवर्तित करते ही सभी राशियों पर इसका प्रभाव देखा जा सकता है। आइए जानते हैं शनिदेव की यह चाल किन राशि को कितना नुकसान पहुंचाती है। 

उत्थान ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिर्विद पं दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली ने बताया कि शनिदेव 26 अक्टूबर 2017 को मंगल की राशि वृश्चिक को छोड़कर, देव गुरु बृहस्पति की राशि धनु में प्रवेश कर गए थे। वैसे तो शनि देव का 26 जनवरी 2017 को ही धनु राशि में प्रवेश हो गया था किंन्तु वक्री होने से शनि 20 जून 2017 को पुनः वृश्चिक राशि में प्रवेश कर गए थे। पूर्ण रूप से 26 अक्टूबर 2017 को शनि देव का धनु राशि में प्रवेश हुआ था।

शनि देव का प्रभाव

ज्योतिर्विद पं दिवाकर त्रिपाठी जी के अनुसार शनि का घर या मार्ग परिवर्तन ज्योतिष में एक बड़े परिवर्तन के रूप में देखा जाता है। सूर्य पुत्र शनि एक राशि पर लगभग 30 माह तक रहते हैं। हमारे जीवन में शनि देव आजीविका, सेवक, जनता, कर्म, तकनीकी कार्य, मशीनरी, अध्ययन, पूजा पाठ अध्यात्म, माइन्स पेट्रोलियम, पाचनतंत्र, हड्डी का रोग एवम निर्माण तथा इंडस्ट्री इत्यादि का कारक होता है।

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शनि की साढ़ेसाती

पं दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि शनिदेव के हालिया परिवर्तन के कारण वृश्चिक, धनु एवम मकर राशि पर सूर्य पुत्र शनि की साढ़ेसाती चल रही है। वृष एवम कन्या राशि पर शनि की ढैया चल रही है। ढैया का प्रभाव मकर राशि के सिर पर, धनु राशि के हृदय पर एवम वृश्चिक राशि के पैर पर रहेगा। 

उत्थान ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिर्विद पं दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली के अनुसार धनु राशिगत वक्री शनि का बारह राशियों पर प्रभाव: 

मेष :- पराक्रम वृद्धि, आर्थिक लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। संघर्ष में वृद्धि होगी। भाग्य में अवरोध होगी। धन लाभ होगा। दूरदेश की यात्रा का योग प्रवल है। भाई बहनों को कष्ट।

वृष :- वाणी में तीव्रता, सीने की तकलीफ। परंतु अचानक प्रगति एवम सफलता से मन प्रफुल्लित रहेगा। परिवार में शुभकार्य में खर्च योग है।रुका हुआ धन मिलने के योग बनेंगे। सम्मान एवं परिश्रम में कमी संभव। 

मिथुन :-पारिवारिक तनाव, वाद विवाद से वचे।मध्यम मार्ग अपनावे, लाभप्रद रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य में कमी। दाम्पत्य में अवरोध।

कर्क :- रोग ऋण एवम शत्रुओ से मुक्ति। भूमि भवन का लाभ का योग बन रहा है। पदोन्नत्ति का योग बन रहा है। दाम्पत्य से तनाव अथवा शारीरिक कष्ट।

सिंह :- यात्रा पर खर्च होगी।धन लाभ का योग बन रहा है। पदोन्नत्ति का योग बन रहा हैं। प्रेम संबंधों में तनाव। रूका हुआ धन प्राप्त होगा। संतान पक्ष से तनाव।

कन्या :- सम्मान एवं संघर्ष कमी होगा। न्यायालय में विजयश्री प्राप्त होगा। पारिवारिक तनाव अथवा खर्च से तनाव। भागदौड़ एवम तनाव की स्थिति होगी। सीने की तकलीफ।

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तुला :- पराक्रम वृद्धि ,आपके लिए अति शुभप्रद है। लम्बे समय से चल रहा विवाद हल होगा। रुका हुआ कार्य सम्पन्न होगा एवम लाभ प्राप्त होगा।धन लाभ होगा। परन्तु भाई -बहनों को कष्ट, सुख में कमी।

वृश्चिक :- मानसिक तनाव कम होगा। पेट की सामान्य समस्या होगी । वाणी में तीव्रता, धन की अचानक क्षति। भाई या परिवार पर खर्च। निर्माण कार्य एवम रिएल स्टेट से क्षति होगा।

धनु :- कठिन संघर्ष से सफलता प्राप्त होगा। सिर के कष्ट, चक्कर, परन्तु भागदौड़ एवम संघर्ष के बल पर बड़ी सफलता प्राप्त हीग। नये व्यापार एवम उद्योग धंधे से सफलता प्राप्त होगा। धन धान्य प्राप्ति में अवरोध होगा।

मकर :- यात्रा पर खर्च, वाहन पर खर्च। नये कार्य सम्पन्न होने से मन प्रसन्न रहेगा। आर्थिक लाभ एवम पदोन्नत्ति का योग बन रहा है। स्वास्थ्य की समस्या हो सकती है।

कुम्भ :- आय के नए साधन बनेंगे। आत्म विश्वास में वृद्धि होगा। चतुर्दिक लाभ का योग बन रहा है। सार्थक प्रयास करने पर कार्यों में बड़े पैमाने पर सफलता प्राप्त होगा। संतान एवं स्वयं के स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें।

मीन :- सम्मान में कमी एवं अड़चने में वॄद्धि होगी। कार्य देरी से सम्पन्न होगा। आजीविका एवम कैरियर के क्षेत्र में नये या पुराने रोजगार में अवरोध होने का योग बन रहा है।

शनिदेव को प्रसन्न करने के उपाय

- हर शनिवार शनि मंदिर जाएं और सरसों का तेल अर्पित करें- मंगलवार और शनिवार हनुमाना पूजा करें- रोजाना या फिर कम से कम मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का आपात करें- रोजाना शनि बीज मंत्रा या तांत्रिक मंत्र का एक माला जाप करें- काले घोड़े की नाल का छल्ला बनवाकर धारण करें- शनिवार को काले वस्त्र धारण ना करें- न्याय पसंद शनि देव सकारात्मक सोच वाले और दूसरों का बुरा ना सोचने वाले लोगों से प्रसन्न रहते हैं

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