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अशोक गहलोत ने हाथरस दुष्कर्म मामले पर भाजपा को घेरा, राहुल और प्रियंका के बारे में कही ये बात

By भाषा | Updated: October 2, 2020 12:19 IST

गहलोत ने कहा,' राहुल गांधी व प्रियंका गांधी मुख्य विपक्ष दल के नेताओं के रूप में उत्तर प्रदेश के हाथरस गए लेकिन उन्हें रोक दिया गया जो इस बात का संकेत है कि वहां कुछ छुपाने की कोशिश की जा रही है।

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ठळक मुद्देराजस्थान के बारां में दो नाबालिग लड़कियों के गायब होने की घटना पर गरमाई सियासत। हाथरस दुष्कर्म मामले पर राजस्थान के सीएम गहलोत ने भाजपा को घेरा।

जयपुर।राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बारां में दो नाबालिग बहनों से कथित दुष्कर्म को लेकर मुख्य विपक्षी दल पर निशाना साधा और उन्हें कहा कि वे खुद वहां जाकर हकीकत से रूबरू क्यों नहीं होते। गहलोत ने कहा,' भाजपा नेताओं को बारां का दौरा नहीं करने के लिए राहुल व प्रियंका गांधी पर सवाल उठाने के बजाय, खुद वहां जाकर हकीकत को जानना चाहिए।' उल्लेखनीय है कि राज्य के बारां शहर की दो नाबालिग बहनें 19 सितंबर को घर से गायब हो गयीं थी, जिन्हें 22 सितंबर को कोटा से बरामद किया गया। बयान दर्ज करने के बाद इन लड़कियों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस के अनुसार दोनों लड़कियों ने अपने 164 के बयानों में स्पष्ट किया कि उनसे कोई दुष्कर्म नहीं हुआ। दोनों के चिकित्सकीय परीक्षण में भी दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई।

मुख्य विपक्ष दल भाजपा इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साध रहा और सवाल उठा रहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी बारां क्यों नहीं आते। गहलोत ने कहा,' राहुल गांधी व प्रियंका गांधी मुख्य विपक्ष दल के नेताओं के रूप में उत्तर प्रदेश के हाथरस गए लेकिन उन्हें रोक दिया गया जो इस बात का संकेत है कि वहां कुछ छुपाने की कोशिश की जा रही है।' गहलोत ने कहा,' राहुल गांधी और प्रियंका गांधी हमारे शब्दों व रिपोर्ट पर भरोसा करते हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता जैसे अमित शाह व धर्मेंद्र प्रधान राज्य में बारां या किसी भी और जगह खुद क्यों नहीं जाते ताकि वहां की वास्तविकता जान सकें। हम उन्हें अनुमति देंगे और जरूरत पड़ने पर भाजपा नेताओं को पुलिस सुरक्षा भी उपलब्ध करवाई जाएगी।'

गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने भाजपा के प्रतिनिधिमंडल को डूंगरपुर जाने से तो नहीं रोका जहां पिछले सप्ताह हिंसा हुई थी ... क्योंकि एक स्वस्थ लोकतंत्र में विपक्ष की महती भूमिका है। गहलोत ने कहा कि घटनाएं कहीं भी हो सकती है, लेकिन उस पर कार्रवाई मायने रखती है और हाथरस कोई कार्रवाई नहीं किए जाने का एक नमूना है। मुख्यमंत्री ने कहा,' हाथरस में जो भी हुआ वह बहुत शर्मनाक है। पीड़िता की मां रोती रही और अपने बेटी के अंतिम दर्शन कराने की गुहार करती रही, लेकिन पुलिस ने उनको अनुमति नहीं दी और देर रात शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।'

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