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कलियुग के अंत तक सिर्फ इतने साल की होगी मनुष्य की उम्र! इतने वर्ष बाद शुरू होगा स्वर्ण काल

By मेघना वर्मा | Updated: April 28, 2020 12:48 IST

कलयुग की शुरुआत कब हुई इस पर कई सारी कथाएं मिलती हैं। कई विद्वानों ने इसपर कई सारे मत दिए हैं।

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ठळक मुद्देविष्णु पुराण की मानें तो कलयुग में पाप इतना बढ़ जाएगा कि सृष्टि का संतुलन बिगड़ जाएगा। पुराणों के अनुसार कलियुग के 5 हजार वर्ष बीत जाने के बाद पूरी दुनिया पर पाप का साम्राज्य होगा।

माना जा रहा है कि इस समय चार युगों में सबसे अंत वाला युग यानि कलयुग चल रहा है। सनातन धर्म में वेदों के अनुरूप चार युगों की बात कही गई है। जिसमें सतयुग में देवता, किन्नर और गंधर्व धरती पर निवास करते थे। वहीं त्रेता युग में श्रीराम का जन्म हुआ था। वहीं द्वापर युग में श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। 

कलयुग में क्या होगा

विष्णु पुराण की मानें तो कलयुग में पाप इतना बढ़ जाएगा कि सृष्टि का संतुलन बिगड़ जाएगा। कलयुग की शुरुआत कब हुई इस पर कई सारी कथाएं मिलती हैं। कई विद्वानों ने इसपर कई सारे मत दिए हैं। वहीं कलयुग के अंत को लेकर भी बहुत सारी चीजें कही गई है।

कलयुग के अंत में क्या होगा

शास्त्रों की मानें तो कलयुग के अंत में मनुष्यों की आयु घटकर 20 वर्ष तक की ही बची रह जाएगी। लोगों के बाल अल्पआयु में ही सफेद होने लगेंगे। पुराणों में बताया गया है कि चालाक और लालची व्यक्ति को कलयुग में विद्वान माना जाएगा। सिर्फ यही नहीं बताया जाता है कि धर्मगुरु अपने फायदे के लिए लोगों का इस्तेमाल करेंगे। 

इतने साल बाद होगा पाप का सम्राज्य

पुराणों के अनुसार कलियुग के 5 हजार वर्ष बीत जाने के बाद पूरी दुनिया पर पाप का साम्राज्य होगा। धरती पर मनुष्यों के पाप को धोने वाली गंगा नदी स्वर्ग लौट जाएगी। सिर्फ यही नहीं पुराणों में बद्रीनाथ और केदारनाथ के रूठने का जिक्र भी मिलता है। 

कलयुग बताया गया है सबसे श्रेष्ठ

भविष्योत्तर पुराण में ब्रह्मा जी ने इस बात को बताया है कि कलियगु में हर मनुष्य का आचरण दुष्ट हो जाएगा। योगी भी दुष्ट चित वाले होंगे। देश और गांव में कष्ट बढ़ जाएगा। लोगों में चरित्रहीनता बढ़ जाएगी। वहीं ब्रह्मवैवर्त पुराण में श्रीकृष्ण गंगा को बताते हैं कि कलियुग में एक स्वर्ण युग होगा। जिसकी शुरुआत कलियुग के 5 हजार साल बाद होगी। ये सुनहरा युग अगले 10 हजार साल तक चलेगा। 

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