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पूजा करते समय इन चीजों का रखें ध्यान नहीं तो देवी-देवता हो जाएंगे नाराज 

By लोकमत समाचार हिंदी ब्यूरो | Updated: January 7, 2018 13:10 IST

रविवार, एकाशी, द्वादशी और संक्रांति और संध्या काल में तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ना चाहिए।

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इस वक्त माघ का महीना चल रहा है और यह हिंदू धर्म का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। माघ के समय अक्सर लोग गंगा स्नान करते हैं और सुबह शाम पूजा करते हैं। माना जाता है कि माघ महीना में एक बार किसी पवित्र नदी में स्नान जरूर करना चाहिए इससे सारे पाप धुल जाते हैं।

माघ के दौरान कई लोग घर में ही पूजा करते हैं। पूजा करने की अपनी एक विधि होती है जिससे हमारा मन शांत रहता है। लेकिन कई बार होता है कि हम पूजा तो करते हैं लेकिन हमारा मन न शांत रहता है और न ही मनोकाना पूरी होती है। पूजा करते वक्त कुछ बातें जानना हमारे लिए बेहद जरूरी है जिसे हम पूजा का सही तरीका मानते हैं। सही तरीके से पूजा करने से न केवल हमारा मन शांत रहता है बल्कि भगवान की कृपा हमारे ऊपर बरकरार रहती है। 

पूजा करते वक्त ध्यान रखने योग्य बातें 

1. अगर आप भगवान शिव, गणेश और भैरवजी की पूजा करते हैं तो इन देवताओं को कभी भी तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए। 2. माना जाता है कि तुलसी का पत्ता बिना स्नान किए नहीं तोड़ना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति बिना नहाए तुलसी के पत्तों को तोड़तें हैं तो पूजन में ऐसे पत्ते भगवान स्वीकार नहीं करते हैं। 3. नहाकर तुलसी के पत्तों पर रोजना शुद्ध जल से अर्ध देना चाहिए। तुलसी के पत्तों को 11 दिनों तक बासी नहीं माना जाता है। 4. रविवार, एकाशी, द्वादशी और संक्रांति और संध्या काल में तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ना चाहिए। 5. सूर्य देव को शंख के जल से अर्घ्य नहीं देना चाहिए।6. बुधवार और रविवार को पीपल के वृक्ष में जल अर्पित नहीं करना चाहिए। 7. प्लास्टिक की बोतल में या किसी अपवित्र धातु के बर्तन में गंगाजल नहीं रखना चाहिए। अपवित्र धातु जैसे एल्युमिनियम और लोहे से बने बर्तन। गंगाजल तांबे के बर्तन में रखना शुभ रहता है।8. किसी की पूजा में मनोकामना की सफलता के लिए दक्षिणा अवश्य चढ़ानी चाहिए। 9. सूर्य, गणेश, दुर्गा, शिव और विष्णु, ये पंचदेव कहलाते हैं, इनकी पूजा सभी कार्यों में अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए।  10.  घर के मंदिर में सुबह-शाम को दीपक अवश्य जलाएं। एक दीपक घी का और एक दीपक तेल का जलाना चाहिए।

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