हिन्दू धर्म में देवी-देवताओं के अलावा पशु-पक्षियों और पेड़-पौधों को भी पूजनीय माना गया है। हिन्दू मान्यता के अनुसार पशुओं, पक्षियों और पौधों में देवताओं का वास होता है। इसलिए इनकी पूजा करनी चाहिए। कामधेनु गाय में 33 कोटि देवता हैं, तुलसी के पौधे में मां लक्ष्मी का वास है, इसी तरह अन्य पौधों पर भी देवताओं की दृष्टि का होना माना गया है।

अमूमन सभी हिन्दू घरों में आपको तुलसी का पौधा देखने को जरूर मिल जाएगा। इस पौधे को 'देवी' का स्थान प्राप्त है और लोग रोजाना इसकी पूजा करते हैं। तुलसी के अलावा और भी कई औधे हैं जिन्हें शास्त्रों में पूजनीय माना गया है। जैसे कि पीपल का वृक्ष। शनि उपासना के लिए यह उत्तम माना जाता है। पीपल के अलावा शमी का वृक्ष भी शनि पूजा के लिए उपयोग में लाया जाता है।

पुराणों में शमी का वृक्ष

एक पौराणिक कथा के अनुसार श्रीराम ने रावण को हराकर, लंका पर विजय पाने के बाद शमी के वृक्ष का पूजन किया था। द्वापर युग की एक कथा के अनुसार पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान शमी के पौधे में ही अपने अस्त्र-शस्त्र छिपाए थे। 

ज्योतिष शास्त्र में शमी के पौधे का महत्व

ज्योतिष शास्त्र में शमी के पौधे को शनि ग्रह से जोड़ा जाता है। शनि जो कि न्याय के देवता हैं, उनकी उपासना में शमी के पौधे का उपयोग करने से वे जल्दी प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति के रुके हुए कार्यों में सफलता प्रदान करते हैं।

ज्योतिष की मानें तो कुंडली में शनि ग्रह का बुरा होना बेहद दुखदायी होता है। यदि कुंडली में शनि गलत भाव में विराजमान हैं अथवा उनकी दृष्टि अशुभ है, किस्मत साथ छोड़ देती है। हर दूसरे कार्य में असफलता हाथ लगती है। दोस्तों में कमी और दुश्मनों की संख्या बढ़ जाती है। इसके अलावा व्यवहार में भी नकारात्मक बदलाव आता है।

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शनि पूजा में शमी का पौधा

इन सबसे बचाव हेतु शनि उपासना के दौरान शनि देव को शमी का पौधा अर्पित करने की सलाह दी जाती है। शनि देव की पूजा हमेशा ही सूरज ढलने के बाद की जानी चाहिए। पूजा के दौरान शनि के बीज मन्त्र का जाप करें, शनि देव को तेल और शमी के वृक्ष का पौधा अर्पित करें। जीवन के कष्ट धीरे धीरे दूर होते चले जाएंगे।

गणेश पूजा में शमी का पौधा

शनि देव के अलावा गणेश और शिव पूजा में भी शमी के पौधे को चढ़ाना शुभ माना जाता है। यदि घर-परिवार में पर समस्याओं का पहाड़ टूट पड़ा हो। नौकरी या कारोबार में बाधा हो तो हर बुधवार भगवान गणेश को शमी का पौधा अर्पित करें। अपने कष्टों को दूर करने के लिए मन से प्रार्थना करें, कुछ ही दिनों में समस्याएं कम होती दिखाई देंगी।

शिव पूजा में शमी का पौधा

भगवान गणेश के अलावा उनके पिता शिव को भी शमी का पौधा अत्यंत प्रिय है। प्रतिदिन शिवलिंग पर शमी के पत्ते अर्पित करने से कुंडली दोषों से छुटकारा मिलता है। यदि रोजाना यह उपाय ना हो पाए तो कम से कम हर सोमवार इसे करना चाहिए। सोमवार भगवान शिव का प्रिय दिन होता है।

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घर में लगाएं शमी का पौधा

तुलसी की तरह ही घर में शमी का पौधा लगाना भी शुभ माना जाता है। यह घर की नकारात्मक ऊर्जा को अपने भीतर खींच लेता है और घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा (खुशहाली) को फैलाता है। वास्तु शास्त्र अनुसार शमी के पौधे को घर की उत्तर-पूर्व दिशा में लगाएं। यह घर की सबसे शुभ दिशा मानी जाती है। 


Web Title: Importance and uses of Shami plant in astrology, where to keep shami tree in house
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