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Solar Eclipse 2019: सूर्य ग्रहण पर सूतक से पहले और बाद में करें ये काम, दूर होगी घर की दरिद्रता

By मेघना वर्मा | Updated: December 2, 2019 11:01 IST

Solar Eclipse Do's & don't During Sutak kaal in Hindi: इस बार सू्र्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा। इस कारण सूतक का असर होगा। सूतक का समय ग्रहण के एक दिन पहले से ही शुरू हो जाएगा।

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ठळक मुद्देग्रहण काल से पहले लगने वाले सूतक काल को शुभ नहीं माना जाता। हिन्दू धर्म में सूतक लगने के बाद कोई भी कार्य नहीं किया जाता है।

हिन्दू धर्म में ग्रहण को महत्ता दी जाती है। इस बार साल का आखिरी सूर्य ग्रहण दिसंबर में 26 तारीख को लग रहा है। जो साल का तीसरा ग्रहण भी है। इससे पहले 6 जनवरी को पहला ग्रहण और 2 जुलाई को दूसरा ग्रहण लगा था। ग्रहण के समय अपने दैनिक कार्यों में कुछ विशेष बातों का ध्यान रखा जाना जरूरी होता है। 

ग्रहण काल से पहले लगने वाले सूतक काल को शुभ नहीं माना जाता। कहते हैं इस काल में ना कोई कार्य किया जाता है ना किसी तरह की पूजा। भारत के कई शहरों में सूतक काल के दौरान मंदिरों के पट भी बंद कर दिए जाते हैं। आज हम आपको यहां कुछ ऐसी ही चीजें बताने जा रहे हैं जिन्हें सूतक से पहले और सूतक हटने के बाद आपको जरूर करना चाहिए।

ग्रहण का सूतक काल

इस बार सू्र्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा। इस कारण सूतक का असर होगा। सूतक का समय ग्रहण के एक दिन पहले से ही शुरू हो जाएगा। सूतक 25 दिसंबर की शाम 5:33 मिनट से शुरू होगा और अगले दिन सुबह 10:57 मिनट पर यानी ग्रहण के समापन के बाद खत्म होगा। सूतक लगने का काफी विशेष महत्व बताया जाता है। हिन्दू धर्म में सूतक लगने के बाद कोई भी कार्य नहीं किया जाता है। सूतक का समय अशुभ माना जाता है।

सूतक के समय करें ये काम

1. सूतक लगने से पहले आपके पास जो भी खाने की सामग्री है जैसे दूध, दही आदि इन सभी में तुलसी के पत्ते जरूर डालें। सिर्फ यही नहीं आप चाहें तो पानी से भरे पात्रों में भी तुलसी का पत्ता डाले। 

2. सूतक से पहले घर के मंदिरों पर पर्दा लगा दें या उन्हें बंद कर दें। सूतक के समय भगवान की पूजा नहीं की जाती। इसलिए उन्हें बंद ही रखें। 

3. सूतक के समय या ग्रहण के दौरान भगवान का जाप करें और धार्मिक पुस्तकें पढ़ें। सिर्फ यही नहीं आप अपने ईष्ट देव की उपासना में मंत्रों का उच्चारण भी कर सकते हैं।

4. सूतक खत्म हो जाने के बाद पूरे घर की साफ-सफाई करें। रखें हुए जल को प्रवाहित कर दें या पेड़ों में डाल दें। नए बर्तन में नए पानी भरें। साथ ही ग्रहण के खत्म हो जाने के बाद ही ताजा खाना बनाएं।

5. ग्रहण या सूतक खत्म होने के बाद मंदिर के कपाट खोले दें और मंदिर की भी साफ-सफाई करें। भगवान के सामने घी का दीया जलाएं। 

6. सूतक खत्म हो जाने के बाद पीने का पानी बदल लें। साथ ही जरूरतमंद को खाना जरूर खिलाएं। मान्यता है सूतक खत्म होने के बाद ऐसा करने से घर की दरीद्रता दूर होती है। 

क्या है ग्रहण का समय

ग्रहण इस साल 26 दिसंबर को पड़ रहा है। ये साल का आखिरी सूर्य ग्रहण होगा। यह सूर्य ग्रहण पौष मास की अमावस्या पर सुबह 8 बजकर 17 मिनट पर लगेगा। जो 10 बजकर 57 मिनट पर खत्म होगा। इस बार सूर्य ग्रहण भारत समेत यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी अफ्रीका में दिखाई देगा। 

टॅग्स :सूर्य ग्रहणपूजा पाठ
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