लव रिलेशनशिप में रहने के बाद उन्हें 'सिर्फ दोस्त' मान लेना, यह करना तो दूर, सोचने भर से ही दिमाग में हजारों ख्याल आने लगते हैं। जिनसे कभी प्यार भरी बातें किया करते थे, क्या उनसे सामान्य दोस्त की तरह बात करना संभव है? क्या जिससे नजदीकी बढ़ाते थे, क्या उससे 4 कदम की दूरी पर बैठकर, बिना कोई उदासी दिखाए बातें की जा सकती है? लेकिन फिर भी अगर अपने गुजरे हुए कल को केवल दोस्त मानकर आगी बढ़ने का फैसला किया है तो पहले कुछ बातें जान लें। ये आपको दोस्ती के इस नए रिश्ते को सही रूप से आगे बढ़ाने में मदद करेंगी। 

1. पहले समय मांगें

अगर आपके एक्स-बॉयफ्रेंड या एक्स-गर्लफ्रेंड ने आपसे दोबारा से बात करने का विचार बनाने को कहा है। प्यार के रिश्ते की बजाय केवल दोस्ती का हाथ बढ़ाने को कहा है तो कुछ भी जवाब देने से पहले उनसे समय मांगें। खुद को समय दें और अपनी अंतरात्मा से यह जानने की कोशिश करें कि क्या वाकई आप उनसे दोबारा बात कर पाएंगे या नहीं। अगर कहीं भी लगे कि यह मुश्किल होगा तो आगे ना बढ़ें।

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2. दोनों की सहमती हो

अगर आपको लगता है कि आप दोनों के  प्यार का रिश्ता ग्तूतना एक सही फैसला था, तो आपके एक्स-पार्टनर को भी ऐसा लगना जरूरी है। दोनों अगर ब्रेक-उप को सही मानते हैं तभी वे दोस्ती के रिश्ते की ओर बढ़ सकते हैं। अगर किसी एक के मन में अभी भी प्यार की भावनाएं हैं और वे चाहते हैं कि रिश्ता दोबारा बन जाए, तो सिर्फ दोस्ती वाला रिश्ता कभी नहीं बन पाएगा।

3. मिलें लेकिन ध्यान रहे कि

प्यार से हटकर दोस्ती की ओर आप दोनों के बढ़ते हुए कदम अगर सहमती से बढ़े हैं तो अच्छी बात है। सिर्फ फोन पर ही नहीं, आप मिलकर भी बातें कर सकते हैं। लेकिन कहां मिलना है और किस तरह की बात करनी है, हर बात आपको सोच समझकर करनी होगी। किसी भी रोमांटिक जगह पर मिलने का विचार ना बनाएं। यह आप दोनों को असहज बनाएगा।

4. जस्ट फ्रेंड ही मानें

अगर आप दोनों के बीच ब्रेकअप हुआ था तो उसके पीछे कोई ठोस वजह रही होगी। इसके बाद दोस्ती का यह नया रिश्ता अपनाना भी सोच समझकर लिया गया फैसला है। इसके बाद दोबारा प्यार के रिश्ते में पड़ना, या ऐसी भावनाओं को भी मन में लाना गलत होगा। इसलिए पहले ही खुद को और उन्हें दोनों को समझा दें कि आप दोनों 'जस्ट फ्रेंड्स' हैं और दोस्त ही बनकर रहेंगे।

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5. सबसे जरूरी बात

अब जब आप दोनों सिर्फ दोस्त बनकर रहने का फैसला कर चुके हैं तो दोनों एक दूसरे से एक और वादा भी करें। जिस तरह से आप लोग पहले बातें किया करते थे, एक दूसरे को प्यार के संकेत देते थे, ऐसा कुछ भी आगे नहीं होना चाहिए। अगर किसी की तरफ से भी ऐसा कोई संकेत मिले तो दोस्ती को उसी वक्त खत्म कर दें। फिर ऐसी दोस्ती का कोई मतलब नहीं है। 

6. उन्हें आगे बढ़ने में मदद करें

आप दोनों के ब्रेकअप के बाद अगर दोनों की ही जिंदगी में अब तक कोई नहीं आया है तो एक दोसरे को लाइफ में आगे बढ़ने का मौका दें। अगर एक की भी जिंदगी में कोई आया है तो इस बात के लिए खुश होना चाहिए। उदास होकर किसी भी तरह का गलत संकेत नहीं देना चाहिए। क्योंकि अब आप दोनों केवल दोस्त हैं।