लाइव न्यूज़ :

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के सामने राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी परीक्षा

By भाषा | Updated: November 11, 2019 16:22 IST

राजनीतिक विश्लेषक ने कहा कि क्षेत्रीय नेता ठाकरे (59) सत्ता की साझेदारी के लिए हुई खींचतान को लेकर एक राष्ट्रीय पार्टी (भाजपा) के खिलाफ खड़े हुए। उन्होंने कहा कि अब, उन्हें एक नेता के रूप में अपनी साख साबित करनी होगी, जो कांग्रेस और राकांपा जैसी उन पार्टियों के साथ एक नया राजनीतिक रास्ता बना सकते हैं, जो वैचारिक रूप से अलग हैं।

Open in App
ठळक मुद्देयह देखना होगा कि वह (कांग्रेस अध्यक्ष) सोनिया गांधी को उन्हें समर्थन देने के लिए कैसे समझा पायेंगे।विश्लेषक ने कहा, ‘‘अगर किसी और को (मुख्यमंत्री) बनाया जाता है तो पार्टी पर संकट आ सकता है।

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को कांग्रेस और राकांपा का समर्थन मिलने की स्थिति में महाराष्ट्र में अपनी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार का गठन करने में अपने राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी परीक्षा का सामना करना पड़ेगा।

महाराष्ट्र के राज्यपाल ने शिवसेना को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। एक राजनीतिक विश्लेषक ने कहा कि क्षेत्रीय नेता ठाकरे (59) सत्ता की साझेदारी के लिए हुई खींचतान को लेकर एक राष्ट्रीय पार्टी (भाजपा) के खिलाफ खड़े हुए। उन्होंने कहा कि अब, उन्हें एक नेता के रूप में अपनी साख साबित करनी होगी, जो कांग्रेस और राकांपा जैसी उन पार्टियों के साथ एक नया राजनीतिक रास्ता बना सकते हैं, जो वैचारिक रूप से अलग हैं।

विश्लेषक ने कहा, ‘‘एक राष्ट्रीय पार्टी के साथ समझौता होगा और यह देखना होगा कि वह (कांग्रेस अध्यक्ष) सोनिया गांधी को उन्हें समर्थन देने के लिए कैसे समझा पायेंगे। क्या वह उग्र हिंदुत्व के रुख को नरम करेंगे, जिसका सहारा शिवसेना लेती है, या एक समस्या खड़ी होगी, यह तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा।’’

ठाकरे के लिए एक और चुनौती यह होगी कि क्या वह मुख्यमंत्री पद स्वीकार करेंगे, हालांकि पहली बार विधायक बने उनके बेटे आदित्य को पार्टी के मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में पेश करने के लिए कुछ क्षेत्रों में मांग उठ रही है। विश्लेषक ने कहा, ‘‘अगर किसी और को (मुख्यमंत्री) बनाया जाता है तो पार्टी पर संकट आ सकता है। यदि किसी अन्य नेता को मुख्यमंत्री नियुक्त किया जाता है तो मतभेद हो सकते हैं।’’

करीब 20 साल पहले ठाकरे को एक अनिच्छुक राजनेता के रूप में देखा जाता था जो अपनी पत्नी रश्मि और पुत्रों आदित्य तथा तेजस के साथ आरामदायक जीवन व्यतीत कर रहे थे। विश्लेषक ने कहा कि राजीव गांधी, जिन्होंने अपनी मां इंदिरा गांधी की मदद करते हुए राजनीति शुरू की थी, की तरह उद्धव ठाकरे ने अपने पिता बाल ठाकरे की मदद करते हुए राजनीति शुरू की थी। 

टॅग्स :इंडियामहाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)शिव सेनाउद्धव ठाकरेआदित्य ठाकरेकांग्रेससोनिया गाँधीशरद पवार
Open in App

संबंधित खबरें

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

भारतWest Asia Conflict: युद्धग्रस्त ईरान में फंसे 345 भारतीय, आर्मेनिया के रास्ते वतन लौटे; भारत की कूटनीतिक जीत

भारतPAN Card Update: घर बैठे सुधारें पैन कार्ड में मोबाइल नंबर या नाम, बस 5 मिनट में होगा पूरा काम; देखें प्रोसेस

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

राजनीति अधिक खबरें

राजनीतिDUSU Election 2025: आर्यन मान को हरियाणा-दिल्ली की खाप पंचायतों ने दिया समर्थन

राजनीतिबिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलीं पाखी हेगड़े, भाजपा में शामिल होने की अटकलें

राजनीतिBihar voter revision: वोटरों की सही स्थिति का पता चलेगा, SIR को लेकर रूपेश पाण्डेय ने कहा

राजनीतिबिहार विधानसभा चुनावः बगहा सीट पर बीजेपी की हैट्रिक लगाएंगे रुपेश पाण्डेय?

राजनीतिगोवा विधानसभा बजट सत्रः 304 करोड़ की 'बिना टेंडर' परियोजनाओं पर बवाल, विपक्ष का हंगामा