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विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप पर रमेश मीणा ने अशोक गहलोत से पूछा- 'हमें कितने पैसे देकर बीएसपी से कांग्रेस में लाया गया?'

By विनीत कुमार | Updated: July 16, 2020 11:03 IST

राजस्थान में अशोक गहलोत की ओर से विधायकों की खरीद-फरोख्त किए जाने के आरोपों पर रमेश मीणा ने कड़ी आपत्ति जताई है। रमेशा मीणा सचिन पायलट गुट से हैं और बीएसपी से कांग्रेस में शामिल हुए थे।

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ठळक मुद्देरमेश मीणा ने अशोक गहलोत से पूछा- हमें कितने पैसे देकर बीएसपी से कांग्रेस में लाया गया थामुरारी लाल मीणा ने भी पूछा अशोक गहलोत से सवाल, 'पहले हम ईमानदार थे, अब भ्रष्ट कैसे हो गए'

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीजेपी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त और 20 करोड़ रुपये की डील के आरोपों पर सचिन पायलट के गुट की ओर से जवाब आया है। एक पूर्व मंत्री और एक अन्य नेता ने गहलोत को जवाब देते हुए उस समय की याद दिलाई है जब मायावती की बहुजन समाज पार्टी के विधायक कांग्रेस से जुड़े थे।

पूर्व मंत्री रमेशा मीणा ने कहा, 'आज वे कह रहे हैं कि करोड़ों के लेन-देन की बात हो रही है। मैं मुख्यमंत्री से पूछना चाहता हूं कि मुझे कितना पैसा दिया गया था जब में कांग्रेस से जुड़ा। सच बताइएगा।' 

मीणा ने कहा कि बीएसपी विधायकों ने दो बार अपनी पार्टी छोड़ी और कांग्रेस में जुड़ गए। ये दोनों ही समय ऐसा गहलोत के लिए किया गया। पहले कार्यकाल में गहलोत ने चार बीएसपी विधायकों को तोड़ा था और कांग्रेस में शामिल कराया था। वहीं, दूसरे कार्यकाल में और 6 विधायक कांग्रेस से जुड़े।

पिछले साल मायावती ने लगाए थे कांग्रेस पर आरोप

पिछले साल सितंबर में मायावती ने बीएसपी विधायकों के कांग्रेस से जुड़ने पर खूब नाराजगी भी जताई थी। मायावती ने तब एक के बाद एक कई ट्वीट कर कांग्रेस पर विधायकों को खरीदने का आरोप लगाया था।

वहीं, पायलट गुट के एक और नेता और दौसा से विधायक मुरारी लाल मीणा ने कहा, 'राजस्तान के लोग अशोक गहलोत को जादूगर कहते हैं। वे जिस तरह के आरोप हमपर लगा रहे हैं उससे सच में ऐसा जाहिर होता है। जादूगर लोगों में कई सार भ्रम पैदा कर सकता है।'

उन्होंने आगे कहा, 'आज वे हम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं। इससे हम काफी आहत हैं। हम पूछना चाहते हैं कि जब हम बीएसपी से आए थे हमने कितने पैसे उनके लिए? तब वे भाषण देते थे कि हम कितने ईमानदार हैं। हम पूछना चाहते हैं कि अब कैसे हम भ्रष्ट हो गए।'

बता दें कि अशोक गहलोत ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार को गिराने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त (हार्स ट्रेडिंग) के प्रयास हो रहे थे और उनके पास इसके सबूत हैं।

गहलोत ने सचिन पायलट का नाम लिये बिना बुधवार को दावा किया कि वह सीधे तौर पर भाजपा के साथ विधायकों की खरीद-फरोख्त में शामिल थे। पायलट के खिलाफ हमलावर होते हुए गहलोत ने कहा, ‘सफाई कौन दे रहे थे...सफाई वही नेता दे रहे थे जो खुद षडयंत्र में शामिल थे ...षडयंत्र का हिस्सा थे। हमारे यहां पर उपमुख्यमंत्री हो, पीसीसी अध्यक्ष हो वो खुद ही अगर डील करें ... वो सफाई दे रहे है कि हमारे यहां कोई हार्स ट्रेडिंग नहीं हो रही थी.. अरे तुम तो खुद षडयंत्र में शामिल थे..तुम क्या सफाई दे रहे हो ऐसी स्थिति में देश चल रहा है।’

गौरतलब है कि इससे पहले भी 19 जून को राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव से पहले विधायकों को कथित तौर पर प्रलोभन दिए जाने को लेकर कांग्रेस और भाजपा में काफी बयानबाजी हुई थी। मुख्यमंत्री गहलोत ने आरोप लगाया था कि भाजपा कुछ विधायकों को प्रलोभन दे रही है।

(भाषा इनपुट)

टॅग्स :राजस्थानसचिन पायलटअशोक गहलोतकांग्रेसभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)
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