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राजस्थान में संकटः आज नहीं तो कुछ महीने बाद कांग्रेस सरकार गिरेगी, कटारिया बोले-राजे नाखुश नहीं, सब एक साथ

By भाषा | Updated: August 10, 2020 21:41 IST

भाजपा विधायक दल के नेता गुलाब चंद कटारिया ने दावा किया कि कांग्रेस में एकता होगी भी तो अस्थायी रहेगी और सरकार देर-सबेर गिर ही जाएगी। कटारिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि भाजपा विधायकों की बैठक मंगलवार को बुलाई गयी है।

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ठळक मुद्देभाजपा के सूत्रों ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जयपुर में होने वाली बैठक में शामिल हो सकती हैं। वह पिछले कुछ दिन से दिल्ली में राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात कर रही हैं।कांग्रेस में विलय को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गयी है और शीर्ष अदालत इस विषय पर मंगलवार को सुनवाई करेगी।

नई दिल्ली/जयपुरः कांग्रेस और राजस्थान में सचिन पायलट की अगुवाई वाले उसके असंतुष्ट खेमे के बीच सुलह होने के संकेतों के बीच भाजपा ने अपने विभिन्न विकल्पों पर विचार मंथन शुरू कर दिया है और 14 अगस्त को विधान सभा सत्र शुरू होने से पहले एकजुटता प्रदर्शित करने की कोशिश में जुटी है।

भाजपा विधायक दल के नेता गुलाब चंद कटारिया ने दावा किया कि कांग्रेस में एकता होगी भी तो अस्थायी रहेगी और सरकार देर-सबेर गिर ही जाएगी। कटारिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि भाजपा विधायकों की बैठक मंगलवार को बुलाई गयी है।

भाजपा के सूत्रों ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जयपुर में होने वाली बैठक में शामिल हो सकती हैं। वह पिछले कुछ दिन से दिल्ली में राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात कर रही हैं। राजस्थान में गहलोत सरकार के खिलाफ पायलट खेमे के 18 विधायकों की बगावत के बाद प्रदेश में भाजपा की रणनीति को लेकर विश्वास में नहीं रखे जाने से राजे के नाखुश होने की खबरों पर सूत्रों ने कहा कि मतभेद हो सकते हैं लेकिन अब सब एक साथ हैं।

जहां ऐसा लगता है कि गहलोत के पास विधानसभा में बहुमत है, वहीं भाजपा नेताओं के अनुसार उनकी रणनीति छह बसपा विधायकों के भविष्य पर निर्भर करेगी जिनके कांग्रेस में विलय को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गयी है और शीर्ष अदालत इस विषय पर मंगलवार को सुनवाई करेगी।

कटारिया ने कहा कि अगर गहलोत सरकार गिरती है तो यह कांग्रेस के आंतरिक कलह के कारण होगा और अगर यह चलती है तो यह नाराज गुटों के बीच किसी तरह की सुलह की वजह से होगा। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि अंतत: गहलोत सरकार गिरेगी, आज नहीं गिरी तो कुछ महीने में यह गिर जाएगी।

राहुल-पायलट मुलाकात के बाद सियासी संकट खत्म होने की ओर,तीन सदस्यीय समिति का होगा गठन

 राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ बागी रुख अख्तियार करने वाले वाले पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की सोमवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात होने और मामले के ‘उचित समाधान’ के लिए तीन सदस्यीय समिति के गठन का फैसला होने के बाद प्रदेश में सियासी संकट अब खत्म होता नजर आ रहा है। पिछले कई हफ्तों से चल रही सियासी उठापठक के बीच पायलट ने राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा से मुलाकात की तथा उनके समक्ष अपना पक्ष विस्तार से रखा।

इसके बाद सोनिया गांधी ने तीन सदस्यीय समिति गठित करने का फैसला किया ताकि पायलट एवं उनके समर्थक विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों का निदान हो सके और मामले का उचित समाधान किया जा सके। सूत्रों का कहना है कि पायलट जल्द ही एक बार फिर राहुल गांधी से मुलाकात कर सकते हैं। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक बयान में कहा, ‘‘सचिन पायलट ने राहुल गांधी जी से मुलाकात की और उन्हें विस्तार से अपनी चिंताओं से अवगत कराया। दोनों के बीच स्पष्ट, खुली और निर्णायक बातचीत हुई।’’

पायलट ने कांग्रेस पार्टी और राजस्थान में कांग्रेस सरकार के हित में काम करने की प्रतिबद्धता जताई

उनके मुताबिक, पायलट ने कांग्रेस पार्टी और राजस्थान में कांग्रेस सरकार के हित में काम करने की प्रतिबद्धता जताई। वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘इस बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने फैसला किया है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी पायलट एवं अन्य नाराज विधायकों की ओर से उठाए गए मुद्दों के निदान एवं उचित समाधान तक पहुंचने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन करेगी।’’ इससे पहले, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ मुलाकात में पायलट की करीब दो घंटे तक चर्चा हुई।

पायलट के करीबी सूत्रों का कहना है कि राजस्थान कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष ने पार्टी के दोनों शीर्ष नेताओं के समक्ष विस्तार से अपना पक्ष रखा और फिर दोनों ने उनकी चिंताओं के निदान का भरोसा दिलाया। दूसरी तरफ, कांग्रेस के सूत्रों ने कहा कि पायलट पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ संपर्क में बने हुए थे और उनके एवं दूसरे बागी विधायकों की वापसी के लिए फार्मूले पर काम चल रहा है। इस बीच, पायलट के समर्थक माने जाने वाले विधायक भंवर लाल शर्मा ने सोमवार शाम जयपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की।

पायलट की कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मुलाकात विधानसभा सत्र आरंभ होने से कुछ दिनों पहले हुई है।14 अगस्त से राजस्थान विधानसभा का सत्र आरंभ होगा। मुख्यमंत्री गहलोत के खिलाफ खुलकर बगावत करने और विधायक दल की बैठकों में शामिल नहीं होने के बाद कांग्रेस आलाकमान ने पायलट को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री के पदों से हटा दिया था। बागी रुख अपनाने के साथ ही पायलट कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि वह भाजपा में शामिल नहीं होंगे।

पायलट और उनके साथी 18 अन्य विधायकों की बगावत के कारण गहलोत सरकार मुश्किल में आ गई है। गहलोत और कांग्रेस अपनी सरकार बचाने के लिए पिछले कई हफ्तों से जुटे हुए हैं। पहले विधायकों को जयपुर के होटल में रखा गया था। बाद में उन्हें जैसलमेर के एक होटल में भेज दिया गया। 

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