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राजस्थान में सियासी संकटः मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बोले-भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा कहां गया

By भाषा | Updated: July 31, 2020 19:47 IST

अशोक गहलोत ने कहा कि BJP ने TDP के 4 MPs को राज्यसभा के अंदर रातों रात मर्जर करवा दिया, वो मर्जर तो सही है और राजस्थान में 6 विधायक मर्जर कर गए कांग्रेस में वो मर्जर गलत है, तो फिर BJP का चाल-चरित्र-चेहरा कहां गया? राज्यसभा में मर्जर हो वो सही है और यहां मर्जर हो वो गलत है?

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ठळक मुद्देगहलोत ने शुक्रवार को ट्वीट किया, ‘‘भाजपा ने तेलुगु देशम पार्टी के चार सांसदों को राज्यसभा के अंदर रातों रात विलय करवा दिया। गहलोत ने कहा, ‘‘... दो तिहाई बहुमत से कोई पार्टी टूट सकती है, अलग पार्टी बन सकती है... विलय कर सकती है दूसरी पार्टी में।उनके सभी छह विधायक स्वविवेक से हमारी पार्टी में शामिल हुए... उसके बाद कोई वाजिब शिकायत नहीं बनता।

जयपुरःराजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बसपा के छह विधायकों के कांग्रेस में विलय पर सवाल उठाने के लिए भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि इससे भाजपा का दोहरा चेहरा सामने आ गया है। गहलोत ने सवाल किया है कि ‘‘चाल-चरित्र-चेहरा कहां गया?’’

गहलोत ने शुक्रवार को ट्वीट किया, ‘‘भाजपा ने तेलुगु देशम पार्टी के चार सांसदों को राज्यसभा के अंदर रातों रात विलय करवा दिया। वह विलय तो सही है और राजस्थान में बसपा के छह विधायकों का कांग्रेस में विलय गलत है। तो फिर भाजपा का चाल-चरित्र-चेहरा कहां गया, मैं पूछना चाहता हूं? राज्यसभा में विलय हो वो सही है और यहां हो तो वह गलत है?’’

मुख्यमंत्री ने एक और ट्वीट में कहा, ‘‘गोवा में भाजपा ने कांग्रेस के 15 में से 10 विधायक दो तिहाई के आधार पर ले लिए। तेदेपा के चार सांसदों का राज्यसभा के अंदर भाजपा में विलय हो गया। राजस्थान में बसपा के छह के छह विधायक, पूरी पार्टी कांग्रेस में वियल कर गयी है। जब भाजपा का विलय सही तो यहां विलय गलत कैसे? इसे क्या कहोगे?’’

उल्लेखनीय है कि गहलोत ने बृहस्पतिवार को कहा था कि राजस्थान में बसपा के छह विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर बसपा प्रमुख मायावती भाजपा के इशारे पर बयानबाजी कर रही हैं। गहलोत ने कहा, ‘‘... दो तिहाई बहुमत से कोई पार्टी टूट सकती है, अलग पार्टी बन सकती है... विलय कर सकती है दूसरी पार्टी में।

यहां बसपा छह के छह विधायक मिल गये हैं तो ऐसे में मायावती की शिकायत वाजिब नहीं है क्योंकि अगर उनके दो विधायक अलग होते तो शिकायत हो सकती थी। उनके सभी छह विधायक स्वविवेक से हमारी पार्टी में शामिल हुए... उसके बाद कोई वाजिब शिकायत नहीं बनता।’’

गहलोत ने आगे कहा, ‘‘मेरा मानना है कि मायावती जो बयानबाजी कर रही हैं वह भाजपा के इशारे पर कर रही हैं। भाजपा जिस प्रकार से सीबीआई, ईडी, आयकर का दुरूपयोग कर रही है ... डरा रही है, धमका रही है सबको को ही.. आप देखो राजस्थान में क्या हो रहा है?’’

टॅग्स :राजस्थानबीएसपीमायावतीअशोक गहलोतसचिन पायलटभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)कांग्रेससुप्रीम कोर्ट
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