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राजस्थान संकटः रणदीप सुरजेवाला का ट्वीट-भाजपा ने संविधान को “सर्कस”, प्रजातंत्र को 'द्रौपदी' व जनमत को 'बंधक’ बना दिया

By भाषा | Updated: July 24, 2020 15:38 IST

जब कांग्रेस सरकार के पास बहुमत है, जब कांग्रेस सरकार सदन बुलाना चाहती है, जब सविंधान में ये अधिकार सरकार का है, तो फिर भाजपाई और उनके अनुयायी सदन से पीठ दिखा भाग क्यों रहे हैं? दिल्ली की सत्ता पे आसीन मदमस्त हुकमरानों को विधायिका में बहुमत से डर क्यों लगता है?

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ठळक मुद्देउन्होंने आगे लिखा ,‘‘दिल्ली की सत्ता पे आसीन मदमस्त हुक्मरानों को विधायिका में बहुमत से डर क्यों लगता है?' संविधान में ये अधिकार सरकार का है, तो फिर भाजपाई और उनके अनुयायी सदन से पीठ दिखा कर भाग क्यों रहे हैं?सुरजेवाला ने लिखा,‘‘भाजपा ने संविधान को “सर्कस” बना दिया है, प्रजातंत्र को 'द्रौपदी' व जनमत को 'बंधक’।’’

जयपुर/नई दिल्लीःकांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आग्रह के बावजदू राज्यपाल द्वारा विधानसभा का सत्र नहीं बुलाए जाने के मामले में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा ने संविधान को सर्कस बना दिया है।

सुरजेवाला ने शुक्रवार को ट्वीट किया,‘‘जब कांग्रेस सरकार के पास बहुमत है, जब कांग्रेस सरकार सदन बुलाना चाहती है, जब संविधान में ये अधिकार सरकार का है, तो फिर भाजपाई और उनके अनुयायी सदन से पीठ दिखा कर भाग क्यों रहे हैं?’’ उन्होंने आगे लिखा ,‘‘दिल्ली की सत्ता पे आसीन मदमस्त हुक्मरानों को विधायिका में बहुमत से डर क्यों लगता है?'

सुरजेवाला ने लिखा,‘‘भाजपा ने संविधान को “सर्कस” बना दिया है, प्रजातंत्र को 'द्रौपदी' व जनमत को 'बंधक’।’’ सुरजेवाला ने एक और ट्वीट में लिखा,‘‘ भूलें मत,‘द्रौपदी का चीरहरण’ करने वाले “कौरवों” का जो हाल हुआ था, वही हाल “कृष्ण रूपी” राजस्थान की जनता भाजपाई साज़िश का करेगी। अब होगा न्याय!’’

राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत ने इससे पहले शुक्रवार को कहा था कि सरकार के आग्रह के बावजूद राज्यपाल विधानसभा का सत्र नहीं बुला रहे हैं। गहलोत ने कहा कि ऊपर से दबाव के कारण राज्यपाल इस बारे में निर्देश नहीं दे रहे हैं।

राजस्थान में बसपा विधायकों के कांग्रेस के साथ विलय मामले में अदालत पहुंचे भाजपा के एक विधायक 

भाजपा के एक विधायक ने राजस्थान उच्च न्यायालय में शुक्रवार को याचिका दायर कर बसपा के छह विधायकों के कांग्रेस के साथ हुए विलय को रद्द करने का अनुरोध किया है। इस कदम से राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी को विधानसभा में बहुमत बरकरार रखने में मदद मिली है।

मदन दिलावर द्वारा दायर इस याचिका में विधानसभा अध्यक्ष की “निष्क्रियता” को भी चुनौती दी गई है जिन्होंने बहुजन समाज पार्टी के विधायकों को विधानसभा से अयोग्य ठहराने के उनके अनुरोध पर कोई निर्णय नहीं लिया है। उच्च न्यायालय सोमवार को इस याचिका पर सुनवाई करेगा।

विधानसभा अध्यक्ष ने पिछले साल 18 सितंबर को एक आदेश पारित किया था जिसमें घोषणा की गई थी कि छह विधायकों को कांग्रेस का अभिन्न अंग माना जाएगा। बसपा विधायक 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस में एक समूह के तौर पर शामिल हुए थे ताकि दल बदल विरोधी कानून के तहत उनपर कोई कार्रवाई न हो। 

टॅग्स :राजस्थानअशोक गहलोतभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)कांग्रेसनरेंद्र मोदीअमित शाहरणदीप सुरजेवाला
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