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मोहन भागवत ने हिंदू को बताया देशभक्त, तो ओवैसी ने कहा- गोडसे के बारे में क्या कहना है?

By अनुराग आनंद | Updated: January 2, 2021 12:11 IST

मोहन भागवत के बयान को लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यह आरएसएस की अज्ञानी और बेतुकी विचारधारा को प्रदर्शित करता है।

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ठळक मुद्देअसदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अधिकांश भारतीय बिना धर्म और पंथ को सोचे बगैर देशभक्त हैं। असदुद्दीन ओवैसी ने मोहन भागवत से पूछा कि नेल्ली दंगों , 1984 के सिख दंगों और 2002 के गुजरात दंगों के बारे में क्या मानते हैं?

नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने एक किताब का लोकार्पण करते हुए कहा कि अगर कोई हिन्दू है तो वह देशभक्त ही होगा, क्योंकि यही उसके मूल में है और यही प्रकृति भी है। इतना ही नहीं आगे भागवत ने दावा करते हुए कहा कि परिस्थिति चाहे जो भी हो लेकिन कोई हिन्दू कभी भी देशद्रोही नहीं हो सकता है। 

इस कार्यक्रम के दौरान अपने भाषण में भागवत ने महात्मा गांधी के द्वारा की गयी एक टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि वे मानते थे उनकी देशभक्ति का श्रोत उनका धर्म ही है। भागवत के इस बयान पर सांसद व AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर जोरदार हमला किया है।

सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मोहन भागवत के बयान पर ये सवाल पूछा है-

मोहन भागवत की इस टिप्पणी पर एआईएमआईएम नेता और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट करते हुए पूछा कि आप गांधी जी के हत्यारे गोडसे के बारे में , नेल्ली दंगों , 1984 के सिख दंगों और 2002 के गुजरात दंगों के बारे में क्या मानते हैं?

ओवैसी ने आगे कहा कि अधिकांश भारतीय बिना धर्म और पंथ को सोचे बगैर देशभक्त हैं। मोहन भागवत के बयान को लेकर उन्होंने आगे कहा कि यह आरएसएस की अज्ञानी और बेतुकी विचारधारा को प्रदर्शित करता है।

एक पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे थे मोहन भागवत-

बता दें कि मोहन भागवत शुक्रवार को जेके बजाज और एम डी श्रीनिवास लिखित पुस्तक "मेकिंग आफ ए हिन्दू पेट्रियट: बैकग्राउंड आफ गांधीजी हिन्द स्वराज" का लोकार्पण करने पहुंचे थे। इसी दौरान अपने भाषण में उन्होंने जो कहा उसपर अब ओवैसी ने हमला करते हुए सवाल पूछा है। 

दरअसल, कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि किताब के नाम और मेरा उसका विमोचन करने से अटकलें लग सकती हैं कि यह गांधी जी को अपने हिसाब से परिभाषित करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि महापुरुषों को कोई अपने हिसाब से परिभाषित नहीं कर सकता। यह किताब व्यापक शोध पर आधारित है और जिनका इससे विभिन्न मत है वह भी शोध कर लिख सकते हैं।

टॅग्स :मोहन भागवतआरएसएसअसदुद्दीन ओवैसी
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