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मोदी सरकार लोगों को गुलाम बनाने की कोशिश कर रही है: राहुल गांधी

By शीलेष शर्मा | Updated: August 31, 2020 21:15 IST

2008 की मंदी के कारण जबर्दस्त आर्थिक तूफान आया, चाहे वह अमेरिका हो या  जापान अथवा चीन। अमेरिका के बैंक गिर गए, कंपनियां बंद हो गई, एक के बाद एक कंपनियों की लाइन लग गई बंद होने में, यूरोप के  बैंक गिरे, मगर हिंदुस्तान को कुछ नहीं हुआ।

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ठळक मुद्देआप इन बातों को समझते हैं पूरी दुनिया में आर्थिक नुकसान हुआ है मगर हिंदुस्तान को कोई असर नहीं हुआ कारण क्या है? समझना होगा कि हिंदुस्तान में दो अर्थव्यवस्था है, पहली असंगठित अर्थव्यवस्था और दूसरी संगठित अर्थव्यवस्था. जिस दिन तक हिंदुस्तान की  असंगठित व्यवस्था मजबूत है उस दिन तक हिंदुस्तान को कोई भी आर्थिक तूफान छू नहीं सकता। 

नई दिल्लीः देश की दम तोड़ती अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला करते हुये राहुल गाँधी ने कहा "बीजेपी की सरकार ने असंगठित व्यवस्था पर आक्रमण किया है, आपको गुलाम बनाने की कोशिश की जा रही है।"

उन्होंने दुनिया में आयी उस दौर की मंदी का जिक्र किया जिस समय कांग्रेस के नेतृत्व वाली मनमोहन सरकार सत्ता में थी। 2008 की मंदी के कारण जबर्दस्त आर्थिक तूफान आया, चाहे वह अमेरिका हो या  जापान अथवा चीन। अमेरिका के बैंक गिर गए, कंपनियां बंद हो गई, एक के बाद एक कंपनियों की लाइन लग गई बंद होने में, यूरोप के  बैंक गिरे, मगर हिंदुस्तान को कुछ नहीं हुआ।

 चिंतित राहुल  के मन में सवाल उठते रहे नतीजा वे इस को  समझने के लिए मनमोहन सिंह के पास गए। उनको अपनी मानसिक उलझन का ब्योरा दिया और कहा कि आप इन बातों को समझते हैं पूरी दुनिया में आर्थिक नुकसान हुआ है मगर हिंदुस्तान को कोई असर नहीं हुआ कारण क्या है?

मनमोहन सिंह जी ने कहा, अगर हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था को समझना चाहते हो तो यह समझना होगा कि हिंदुस्तान में दो अर्थव्यवस्था है, पहली असंगठित अर्थव्यवस्था और दूसरी संगठित अर्थव्यवस्था. संगठित में बड़ी कंपनियां हैं, असंगठित व्यवस्था में किसान, मजदूर, छोटे दुकानदार, माध्यम दर्जे की कम्पनियाँ हैं। जिस दिन तक हिंदुस्तान की  असंगठित व्यवस्था मजबूत है उस दिन तक हिंदुस्तान को कोई भी आर्थिक तूफान छू नहीं सकता। 

राहुल ने मोदी सरकार के पिछले 6 साल अर्थव्यवस्था के लिए घातक बताते हुए कहा कि भाजपा  की सरकार ने असंगठित व्यवस्था पर हमला किया है, मसलन नोटबंदी, गलत जीएसटी और लॉकडाउन। उनका मानना था कि  लॉकडाउन के पीछे एक सोची समझी साजिश थी। आखिरी मिनट पर लॉक डाउन की घोषणा कर हमारे असंगठित क्षेत्र को खत्म करने की सोच काम कर रही थी, जिसे इस  सरकार ने लागू कर दिया। 

राहुल मानते हैं कि सरकार का मकसद उन लोगों को तोड़ना है जिनके पास पैसा है , यह पैसा असंगठित क्षेत्र में ही है जैसे किसानों के घर में, मज़दूरों के पास,  छोटे व्यापार में,  दुकानदारों के पास लाखों करोड़ों रुपए है। इसको यह लोग तोड़ना चाहते हैं और उस पैसे को लेना चाहते हैं। 

जिसका नतीजा यह होगा कि असंघटित क्षेत्र बैठ जाएगा और  हिंदुस्तान रोज़गार पैदा नहीं कर सकेगा। दरअसल असंघटित क्षेत्र  90 फीसदी  से ज्यादा रोज़गार देता है। जिस दिन असंघटित क्षेत्र  नष्ट हो गया उस दिन हिंदुस्तान से रोज़गार समाप्त हो जायेगा।

जो लोग वास्तव में देश को चला रहे हैं, आगे ले जा रहे हैं, उन्ही के  खिलाफ साजिश हो रही है। उन लोगों को ठगा जा रहा है और  गुलाम बनाने की कोशिश हो  रही है|  राहुल ने लोगों का आवाहन किया कि  वे सरकार के इस आक्रमण को पहचाने और  मिलकर इसके खिलाफ संघर्ष छेड़ें। 

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