कोविड-19 महामारी के बीच इस साल अक्ट्रबर-नवंबर में बिहार में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले महागठबंधन को झटका लगा है। जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम), महागठबंधन से अलग हो गई है। मांझी के बेटे संतोष सुमन ने कहा है कि महागठबंधन के लोग हमें समझ नहीं रहे थे। वो सोचते थे कि इन लोगों में क्षमता नहीं है ये कुछ नहीं कर सकते। इस उपेक्षा का दंश हम कब तक झेलते। 1-डेढ़ साल से हमारी गठबंधन सरकार के बड़े नेताओं के साथ कोई बात नहीं हुई। ये उपेक्षा कहीं न कहीं घातक थी।
उन्होंने आगे कहा, बिहार के विकास की और गरीबों के हित की बात नहीं थी इसलिए हमने सोचा कि हम लोगों को अलग होकर गरीबों की लड़ाई लड़नी है। इसके लिए आगे की रणनीति तय करेंगे। अभी ये तय नहीं हुआ है कि हम कहां जाएंगे। राजनीति है अपार संभावना है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जेडीयू चाहती है कि जीतन राम मांझी की पार्टी हम पूरी तरह से जेडीयू में मिल जाए। लेकिन कहा जा रहा है कि ऐसा नहीं होता है तो हम पार्टी जेडीयू के सामने कुछ सीटों पर समझौते का फॉर्मूला रख सकती है।