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हारे हुए सेनापति की तरह कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा रहे हैं फड़नवीस और कुछ नहींः मलिक

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: November 16, 2019 13:06 IST

राकांपा के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक ने यह टिप्पणी महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल के उस बयान के एक दिन बाद दी जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी जल्द ही सरकार बनाएगी और उसके साथ निर्दलीय समेत 119 विधायकों का समर्थन हैं।

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ठळक मुद्देविधानसभा चुनावों से पहले जिन राजनेताओं ने उसका दामन थामा था वे अब उसका साथ छोड़ सकते हैं।फड़नवीस ने अपनी हालिया टिप्पणी में कहा था कि गैर भाजपा सरकार छह महीने से ज्यादा नहीं चलेगी।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र में भाजपा इस बात से घबरायी हुई है कि 21 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनावों से पहले जिन राजनेताओं ने उसका दामन थामा था वे अब उसका साथ छोड़ सकते हैं इसलिये उनके नेता दावा कर रहे हैं कि वे राज्य में अगली सरकार बनाने जा रहे हैं।

राकांपा के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक ने यह टिप्पणी महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल के उस बयान के एक दिन बाद दी जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी जल्द ही सरकार बनाएगी और उसके साथ निर्दलीय समेत 119 विधायकों का समर्थन हैं।

मलिक ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस पर निशाना साधा। फड़नवीस ने अपनी हालिया टिप्पणी में कहा था कि गैर भाजपा सरकार छह महीने से ज्यादा नहीं चलेगी। मलिक ने इस पर कहा कि वह (फड़नवीस) एक हारी हुई सेना के सेनापति की तरह बोल रहे हैं, जो अपने पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिये ऐसा कह रहा है।

मलिक ने कहा, “पूर्व मुख्य मंत्री एक हारे हुए सेनापति की तरह अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। हम मानते हैं कि वे हार चुके हैं और उन्हें यह स्वीकार करना होगा। वो हार स्वीकार करने को राजी नहीं हैं, लेकिन समय लगता है।”

पाटिल की टिप्पणी पर मलिक ने पूछा कि महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष द्वारा जैसा दावा किया जा रहा है कि उनके पास आंकड़े हैं तो भाजपा ने पूर्व में ही सरकार बनाने का दावा क्यों पेश नहीं किया। मलिक ने कहा, “कोई भी सरकार (महाराष्ट्र में) नहीं बना सकता जब तक 145 विधायकों का समर्थन न हो। उनके (भाजपा के) पास अपने विधायक नहीं है, उसने दूसरे दलों के नेताओं को अपने पाले में खींचा।” वह 21 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस और राकांपा के कई नेताओं के भाजपा में शामिल होने के संदर्भ में यह बात कह रहे थे।

मलिक ने कहा, “उन्हें (भाजपा को) अब यह घबराहट है कि ये विधायक (दूसरे दलों से भाजपा में आए) पाला बदल सकते हैं। इसलिये, वे (भाजपा नेता) अपने कुनबे को एकजुट रखने के लिये ऐसे बयान दे रहे हैं।” महाराष्ट्र में मौजूदा राजनीतिक गतिरोध के बीच केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता नितिन गडकरी ने शुक्रवार को इस पूरे परिदृश्य को क्रिकेट से जोड़ते हुए कहा कि इन दोनों क्षेत्रों (क्रिकेट और राजनीति) में ‘कुछ भी’ हो सकता है। उन्होंने कहा कि जो मैच हारता हुआ दिखाई देता है वास्तव में वह जीत भी सकता है।

केंद्रीय मंत्री के बयान के बारे में पूछे जाने पर मलिक ने कहा कि उन्हें यह नहीं पता कि क्या गडकरी ये समझ चुके हैं कि लोगों ने भाजपा को “क्लीन बोल्ड” कर दिया है। महाराष्ट्र में फिलहाल राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है। 

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