पटना, 18 मार्च। एनडीए के सहयोगी दल लोक जन शक्ति पार्टी के प्रमुख और केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने अपने सहयोगी दल भारतीय जनता पार्टी को नसीहत देते हुए कहा है कि बीजेपी के नेताओं को दलितों और अल्पसंख्यकों के बारे में धारण बदलने की जरूरत है। क्या बीजेपी में धर्मनिरपेक्ष नेता नहीं हैं? सुशील मोदी, राम कृपाल यादव जैसे लोग हैं, लेकिन उनकी आवाज दबा दी जाती है और ऐसे अन्य लोग हैं जिनकी आवाज सुनी जाती है।
इसके अलावा पासवान ने कहा है कि उत्तर प्रदेश और बिहार के उपचुनावों में बीजेपी के खराब प्रदर्शन को देखते हुए एनडीए नेताओं से बिना सोचे-समझे टिप्पणी करने और विवादित बयानों से बचने और चुनाव के दौरान ज्यादा होशियारी बरतने को कहा है।
बता दें कि उपचुनाव में करारी शिकस्त के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक विवादित बयान देते हुए कहा था कि अररिया आतंकवाद का गढ़ बन जाएगा जिसे लेकर उनकी तीखी आलोचना हुई थी। इस मामले में पासवान ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में विकास के बारे में बात करने की बजाए सामाजिक रणनीति एक ठोस चुनावी मुद्दा माना जाता है और अपने पारंपरिक गढ़ गोरखपुर में उपचुनाव में बीजेपी की हैरान करने वाली हार के पीछे यही कारण है।
बता दें कि अररिया लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए नौ मार्च को बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार करते हुए पार्टी की बिहार इकाई के अध्यक्ष नित्यानंद राय ने कथित रूप से कहा था कि आरजेडी उम्मीदवार के चुनाव जीतने पर अररिया आतंकी संगठन आईएसआईएस का गढ़ बन जाएगा। चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के लिए राय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।