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उपचुनावः दक्षिण भारत में भाजपा फिर फेल, तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में सत्तारूढ़ दलों का बोलबाला

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: October 25, 2019 15:18 IST

माकपा ने केरल और अन्नाद्रमुक ने तमिलनाडु में विपक्षी दलों के गढ़ में जीत हासिल की। इसके अलावा टीआरएस ने तेलंगाना की हुजूरनगर सीट कांग्रेस से छीन ली। इससे पहले लोकसभा चुनाव के दौरान तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक ने द्रमुक नीत गठबंधन के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन किया था।

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ठळक मुद्देदिलचस्प बात यह है कि अप्रैल 2019 में लोकसभा चुनाव में झटका खाने वाले अन्नाद्रमुक और माकपा ने फिर से अपना दम दिखाया। तमिलनाडु की जिन दो सीटों विक्रवंदी और नांगुनेरी में 21 अक्टूबर को उपचुनाव हुए वे पहले क्रमश: द्रमुक और उसके सहयोगी दल कांग्रेस के पास थीं।

तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में हुए उपचुनावों में सत्तारूढ़ दलों का ही बोलबाला रहा। दिलचस्प बात यह है कि अप्रैल 2019 में लोकसभा चुनाव में झटका खाने वाले अन्नाद्रमुक और माकपा ने फिर से अपना दम दिखाया।

माकपा ने केरल और अन्नाद्रमुक ने तमिलनाडु में विपक्षी दलों के गढ़ में जीत हासिल की। इसके अलावा टीआरएस ने तेलंगाना की हुजूरनगर सीट कांग्रेस से छीन ली। इससे पहले लोकसभा चुनाव के दौरान तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक ने द्रमुक नीत गठबंधन के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन किया था।

इसी तरह केरल में कांग्रेस को माकपा के मुकाबले ज्यादा सीटों पर जीत मिली थी। भाजपा, डीएमडीके, पीएमके और अन्य दलों के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ने वाली अन्नाद्रमुक को सिर्फ एक सीट पर ही जीत हासिल हुई थी। दिलचस्प बात है कि तमिलनाडु की जिन दो सीटों विक्रवंदी और नांगुनेरी में 21 अक्टूबर को उपचुनाव हुए वे पहले क्रमश: द्रमुक और उसके सहयोगी दल कांग्रेस के पास थीं।

लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु की 22 सीटों में से द्रमुक को 13 पर जीत मिली थी जबकि अन्नाद्रमुक नौ सीटें ही जीत पाई थी। वहीं केरल में इस बार माकपा को अपनी मौजूदा सीट अरूर पर हार का सामना करना पड़ा। हालांकि उसने विपक्ष का गढ़ मानी जाने वाली दो सीटों वट्टियूरकवु और कोन्नी सीट पर जीत हासिल की।

इन दोनों सीटों समेत चार सीटों पर 21 अक्टूबर को चुनाव हुए थे। तेलंगाना में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने हजूरनगर सीट पर जीत दर्ज की। टीआरएस ने पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल की थी, हालांकि इस साल अप्रैल में हुए लोकसभा चुनाव में वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थी।

विधानसभा चुनाव में जहां उसे 120 सीटों में से 100 सीटों पर जीत मिली थी, वहीं इस साल हुए लोकसभा चुनाव में वह कुल 19 सीटों में से 12 पर जीती थी। इसी तरह, पुडुचेरी में सत्तारूढ़ कांग्रेस के उम्मीदवार और मुख्यमंत्री वी नारायणसामी के करीबी ए जॉन कुमार की जीत के साथ ही उसके विधायकों की संख्या में इजाफा हुआ। 

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