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Bihar assembly elections 2020: यूथ पर डोरे, JDU ने कहा- इंटर पास करने पर 25 और ग्रेजुएशन पास करने पर 50 हजार रुपये की सहायता

By एस पी सिन्हा | Updated: September 30, 2020 20:44 IST

चुनाव में 7 निश्चय पार्ट-2 का लक्ष्य रख कर चलने वाली नीतीश कुमार की पार्टी की ओर से सक्षम बिहार-स्वावलंबी बिहार का बड़ा लक्ष्य रखा गया है. इंटरमीडिएट और स्नातक पास करने वाली छात्राओं के लिए 'मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना' में राशि को बढ़ाने का ऐलान किया गया है.

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ठळक मुद्देयुवा मतदाताओं पर नजर टिकाते हुए तेजस्वी यादव ने जहां दस लाख नौकारी देने का ऐलान किया.अब सरकारी स्कूलों-कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए सत्ताधारी दल जदयू की ओर से बड़ा ऐलान किया गया है.इंटर पास करने पर 25 हजार और ग्रेजुएशन पास करने पर 50 हजार रुपये की सहायता राशि आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए दी जाएगी.

पटनाः बिहार में चुनावी गतिविधियों में तेजी आते ही मतदाताओं को लुभाने के लिए राजनीतिक दलों के द्वारा घोषणाओं का दौर शुरू हो गया है. युवा मतदाताओं पर नजर टिकाते हुए तेजस्वी यादव ने जहां दस लाख नौकारी देने का ऐलान किया तो अब सरकारी स्कूलों-कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए सत्ताधारी दल जदयू की ओर से बड़ा ऐलान किया गया है.

इस बार के चुनाव में 7 निश्चय पार्ट-2 का लक्ष्य रख कर चलने वाली नीतीश कुमार की पार्टी की ओर से सक्षम बिहार-स्वावलंबी बिहार का बड़ा लक्ष्य रखा गया है. इंटरमीडिएट और स्नातक पास करने वाली छात्राओं के लिए 'मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना' में राशि को बढ़ाने का ऐलान किया गया है.

नीतीश सरकार की वापसी के बाद सरकारी स्कूलों-कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं को इंटर पास करने पर 25 हजार और ग्रेजुएशन पास करने पर 50 हजार रुपये की सहायता राशि आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए दी जाएगी. बिहार में फिलहाल इंटरमीडिएट पास करने वाली सभी वर्ग और श्रेणी की छात्राओं को एक मुश्त 10 हजार रुपये और स्नातक पास छात्राओं को एक मुश्त 25 हजार रुपये दिये जाते हैं.

जिसे बढाने का लक्ष्य रखा गया है. जदयू की ओर से ट्वीट कर बताया गया है कि "सक्षम महिला-सशक्त महिला से ही तो बनेगा स्वाबलंबी बिहार, महिलाओं के चेहरे पर अब सुरक्षा और सम्मान की मुस्कान दिखती है." जदयू की ओर से जंगलराज और नरसंहार को लेकर भी लालू राज पर टिप्पणी की गई है.

ट्वीट कर लिखा गया है कि" तब के लक्ष्मणपुर बाथे में था जंगलराज और नरसंहार. अब के लक्ष्मणपुर बाथे में है विकास की बयार. आज के युवाओं को ये जानना जरूरी है कि बिहार को किस गर्त में पहुंचाया था एक परिवार ने.

अब दुबारा उनके झांसे में नही आना है. 90 के दशक का वो बिहार जिसे हर बिहारवासी एक डरावने सपने की तरह भूल जाना चाहता है. लक्ष्मणपुर बाथे में सिर्फ इंसानो की नहीं इंसानियत की भी हत्या हुई थी. आज नीतीश के प्रयासों से न सिर्फ वहां के लोगों में कानून के प्रति भरोसा जागा है बल्कि लोगों का जीवन स्तर भी सुधरा है."

टॅग्स :बिहार विधान सभा चुनाव २०२०जेडीयूराष्ट्रीय रक्षा अकादमीआरजेडीनीतीश कुमारभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)तेज प्रताप यादव
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