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चीन में Coronavirus ने मचाई तबाही, भारत समेत कई एशियाई देशों को खतरा, जानें लक्षण और बचाव के तरीके

By संदीप दाहिमा | Updated: January 21, 2020 18:46 IST

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चीन में इन दिनों एक खतरनाक वायरस ने दहशत फैला रखी है। इस वायरस का नाम कोरोना वायरस (Coronavirus) है जिसे सीवर एक्यूट रिस्परेटरी सिंड्रोम (Severe acute respiratory syndrome) भी कहा जाता है।
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इस संक्रामक वायरस से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और 220 से अधिक लोग प्रभावित हैं। यह वायरस देशभर में फैल चुका है और तीन अन्य एशियाई देशों में भी पहुंच चुका है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि ये वायरस संक्रामक है और तेजी से फैल सकता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में प्रसिद्ध वैज्ञानिक झोंग नंशान ने कहा है कि सीवर एक्यूट रिस्परेटरी सिंड्रोम (सार्स) का मनुष्य से मनुष्य तक संक्रमण होने की बात पक्की है। उन्होंने 2003 में सार्स का प्रकोप फैलने पर उसके स्तर का पता लगाने में मदद की थी।
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कोरोना वायरस का पता सबसे पहले पिछले महीने मध्य चीनी शहर वुहान में चला था और तब से यह चीन के बाहर फैल गया है। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने एक नए वायरस को काबू में करने के लिए सभी जरूरी उपाये करने का आदेश दिया है। संक्रामक रोगों पर चीन के एक शीर्ष विशेषज्ञ ने सार्स जैसे वायरस के मनुष्यों के बीच संक्रमण की पुष्टि की है जो देशभर में फैल चुका है और तीन अन्य एशियाई देशों में भी पहुंच चुका है।
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वैज्ञानिक झोंग नंशान ने कहा है कि सीवर एक्यूट रिस्परेटरी सिंड्रोम (सार्स) का मनुष्य से मनुष्य तक संक्रमण होने की बात पक्की है। उन्होंने 2003 में सार्स का प्रकोप फैलने पर उसके स्तर का पता लगाने में मदद की थी। चीन में 24 जनवरी से नए साल का उत्सव शुरू हो रहा है, जिस दौरान लाखों लोग देश के भीतर और दूसरे देशों की यात्रा करते हैं। ऐसे में वायरस के संक्रमण को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।
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द गार्जियनकी एक रिपोर्ट के अनुसार, यह एक तरह का कोरोना वायरस है, जो कोरोना वायरस फैमिली का है, जो पहले कभी सामना नहीं आया। अन्य कोरोना वायरस की तरह, यह समुद्री जानवरों से आया है। यह नया वायरस आमतौर पर पशु में उत्पन्न होते हैं। इबोला और फ्लू इसके उदाहरण हैं।
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यह वायरस निमोनिया का कारण बनता है। जो लोग इससे प्रभावित हैं, उन्हें खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ की खबर है। चूंकि यह वायरल निमोनिया है, इसलिए एंटीबायोटिक्स का कोई फायदा नहीं है। इसके लिए एंटीवायरल दवाओं का उपयोग किया जा सकता है जिससे लक्षणों की गंभीरता को कम किया जा सकता है।
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