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कोरोना संकट के बीच HDFC ने अपने ग्राहकों को दिया तोहफा, अब EMI पर घटेगा आपका बोझ

By निखिल वर्मा | Updated: June 13, 2020 12:53 IST

कोविड-19 महामारी और ‘लॉकडाउन’ से अर्थव्यवस्था को उबारने और उसे पटरी पर लाने के लिये आरबीआई मार्च से अबतक प्रमुख नीतिगत दर (रेपो) में 1.15 प्रतिशत की कटौती कर चुका है। इससे ग्राहकों को फायदा हुआ है।

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ठळक मुद्देएसबीआई, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक आफ इंडिया और यूको बैंक ने भी ब्याज दर घटाया है बैंक हर महीने अपनी एमसीएलआर की समीक्षा करते हैं, इसके बाद ब्याज दर तय करते हैंक अपने ज्यादातर कर्जों पर ब्याज की दरें एमसीएलआर की एक वर्ष वाली दर के हिसाब से ही तय करते हैं।

एचडीएफसी ने शुक्रवार को अपनी लोन ब्याज दर 0.20 प्रतिशत घटा दी है। कंपनी की खुद ऋण लागत घटने के बाद बैंक ने यह निर्णय किया है। कंपनी का यह कदम भारतीय स्टेट बैंक के ऋण ब्याज दरों में कटौती के अनुरूप है। एचडीएफसी ने एक बयान में कहा, ‘‘ एचडीएफसी अपने खुदरा ऋण पर ब्याज दर 0.20 प्रतिशत घटा रही है। नई दर 12 जून से प्रभावी होगी।’’ 

इससे कंपनी के सभी खुदरा आवास ऋण और गैर-आवास ऋण के ग्राहकों को फायदा होगा। यह ब्याज दरें 7.65 प्रतिशत से 7.95 प्रतिशत के दायरे में रहेंगी। पिछले महीने भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो दर में 0.40 प्रतिशत की कटौती कर इसे 4 प्रतिशत के ऐतिहासिक निचले स्तर पर ला दिया था। इसके बाद से बाजार में लगातार ऋण ब्याज दरें कम हो रही हैं। 

पिछले सप्ताह पीएनबी ने भी अपनी एमसीएलआर में 0.15 प्रतिशत की कमी करने की घोषणा की थी। रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत ब्याज दर में उत्तरोत्तर कमी और तरलता बढ़ाने के उपायों के बाद बैंकों के पास लोन के लिए धन सस्ता और सुलभ हुआ है। बैंक ग्राहकों के जमाधन पर भी ब्याज कम कर रहे हैं। 

केनरा बैंक ने भी घटाया ब्याज दर

सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बैंक ने अपनी रेपो से जुड़ी ऋण दर (आरएलएलआर) को 0.40 प्रतिशत घटाकर 6.90 प्रतिशत कर दिया है। इसके साथ ही बेंगलुरु मुख्यालय वाले बैंक ने अपनी कोष की सीमान्त लागत आधारित ब्याज दर (MCLR) में भी 0.20 प्रतिशत की कटौती की है। इससे केनरा बैंक से जुड़े ग्राहकों फायदा होगा। बैंक ने बयान में कहा कि संशोधित ऋण दरें सात जून से लागू होंगी। सभी नए खुदरा ऋण (आवास, शिक्षा, वाहन) तथा सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) को दिया गया ऋण आरएलएलआर से जुड़ा है।

सीबीआई के कटौती का लाभ ग्राहकों को मिलेगा

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 10 जून से  MCLR में 0.25 प्रतिशत की कटौती की है। बैंक ने बताया कि एक साल की अवधि की एमसीएलआर दर को 7.25 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है। बैंक की ओर से लगातार 13वीं बार एमसीएलआर दर में कटौती की गई है। स्टेट बैंक इससे पहले बाहरी बेंचमार्क से जुड़ी लोन दर (ईबीआर) के साथ ही रेपो दर से जुड़ी कर्ज की ब्याज दर (आरएलएलआर) में एक जुलाई से 0.40 प्रतिशत कटौती की घोषणा कर चुका है। 

बैंक ने ईबीआर दर को जहां 7.05 प्रतिशत से घटाकर 6.65 प्रतिशत सालाना कर दिया है वहीं रेपो दर से जुड़ी ब्याज दर को 6.65 प्रतिशत से घटाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया गया है। बैंक की विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘इस हिसाब से एमसीएलआर दर से जुड़े होम लोन की समान मासिक किस्त की राशि में 421 रुपये की कमी आयेगी वहीं ईबीआर, आरएलएलआर से जुड़े होम लोन की मासिक किस्त में 660 रुपये की कमी आयेगी। यह गणना 30 साल की अवधि के 25 लाख रुपये तक के होम लोन पर की गई है।’’ 

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