'Can't Interfere in Selection Process': Rijiju on Nikhat-Mary Row | निकहत की मांग पर किरेन रिजिजू ने कहा, देश के सर्वश्रेष्ठ हित में फैसला करने के लिए कहूंगा
निकहत की मांग पर किरेन रिजिजू ने कहा, देश के सर्वश्रेष्ठ हित में फैसला करने के लिए कहूंगा

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर। खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने मुक्केबाज निकहत जरीन की एमसी मैरी कॉम के खिलाफ ट्रायल मुकाबला कराने की मांग से उठे विवाद में शुक्रवार को स्पष्ट किया कि वह केवल महासंघ को देश और खिलाड़ियों के हित में सर्वश्रेष्ठ फैसला करने के लिये ही कह सकते हैं।

जरीन ने गुरुवार को किरेन रिजिजू को पत्र लिखकर चीन में अगले साल होने वाले ओलंपिक क्वालिफायर के लिए भारतीय टीम के चयन से पहले मैरी कॉम के खिलाफ ट्रायल मुकाबला आयोजित करने की मांग की थी। इससे पहले भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने कहा था कि मैरी कॉम (51 किग्रा) के हाल में रूस में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए वह छह बार की विश्व चैंपियन को चुनने का इरादा रखता है। इसके बाद ही जरीन ने यह पत्र लिखा।

किरेन रिजिजू ने जरीन के पत्र के जवाब में कहा, ‘‘मैं निश्चित तौर पर मुक्केबाजी महासंघ को देश, खेल और खिलाड़ियों के सर्वश्रेष्ठ हितों को ध्यान में रखते हुए फैसला करने के लिये कहूंगा। मंत्री को हालांकि खेल संघों द्वारा खिलाड़ियों के चयन में शामिल नहीं होना चाहिए क्योंकि खेल संघ ओलंपिक चार्टर के अनुसार स्वायत्त हैं।’’

मैरी कॉम ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह बीएफआई के फैसले के अनुसार चलेगी। बीएफआई ने पहले कहा था कि विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण और रजत पदक विजेता मुक्केबाजों का ही ओलंपिक क्वालिफायर के लिए सीधे चयन होगा। जरीन को विश्व चैंपियनशिप से पहले भी ट्रायल मुकाबले का मौका नहीं दिया गया था। महासंघ ने तब इंडिया ओपन और प्रेसीडेंट कप में स्वर्ण पदक जीतने के कारण मैरी कॉम का चयन करने का फैसला किया था। रीजीजू की पोस्ट पर जवाब देते हुए जरीन ने कहा कि उन्हें निष्पक्ष मौका मिलने की पूरी उम्मीद है।

उन्होंने कहा, ‘‘आपकी तुरंत कार्रवाई के लिए बहुत बहुत आभार सर। मुझे उम्मीद है कि उन खिलाड़ियों के साथ पक्षपात और भाई भतीजावाद नहीं होगा जो अपने देश का मान बढ़ाने के लिये कड़ी मेहनत कर रहे हैं।’’

बीएफआई ने पिछले साल अंक आधारित चयन प्रणाली शुरू की थी जिसके तहत मुक्केबाजों को विभिन्न ग्रेड के टूर्नामेंट और राष्ट्रीय शिविर में प्रदर्शन के आधार पर चुना जाता है। पूर्व में ट्रायल मुकाबले आयोजित करने का चलन था। अब यह केवल उन्हीं भार वर्गों में होता है जिनमें कोच और चयनकर्ताओं को लगता है कि प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी है। जरीन को भारत के एकमात्र व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और दिग्गज निशानेबाज अभिनव बिंद्रा का भी समर्थन मिला है।


Web Title: 'Can't Interfere in Selection Process': Rijiju on Nikhat-Mary Row
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