Maharashtra sanctuaries spoiled state economy lockdown again in many places | महाराष्ट्र: फिर से लगी पांबदियों ने बिगाड़ी अर्थव्यवस्था की हालत, कई जगह फिर लॉकडाउन
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा मामले मुंबई में आए हैं.

Highlightsकई जगह फिर से लॉकडाउन, रोजगार पर असर, उद्योग-धंधों की मुश्किलें बढ़ींमहाराष्ट्र में कोरोना वायरस के केसों की संख्या 2 लाख पार पहुंच गई है

महाराष्ट्र में कोविड-19 संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. अब यह 2 लाख के पार हो गया है. नए मामलों की संख्या बढ़ने के साथ कई जिलों और शहरों में कर्फ्यू और सख्त प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं. जिससे इस बात की चर्चा होने लगी है कि राज्य एक बार फिर सख्त लॉकडाउन की ओर बढ़ रहा है. सरकार प्रयास कर रही है कि राज्य में संक्रमितों की संख्या और न बढ़े लेकिन सफलता मिलती नजर नहीं आ रही है.

'मिशन बिगिन अगेन' के तहत जो छूट दी गई है, उसके चलते कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. कई जिलों में स्थानीय प्रशासन ने लोगों की आवाजाही को रोकने के लिए धारा 144 जैसे कदम उठाए हैं, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर पड़ रहा है. प्रतिबंधों के चलते कारखानों में पूरी क्षमता से काम नहीं हो पा रहा है. दुकानों को खोलने के नियम भी बेहद सख्त हैं, जिससे व्यवसायियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

सूत्रों के अनुसार मुंबई में बुधवार से धारा 144 लागू कर दी गई है. पनवेल में 3 से 13 जुलाई, नवी मुंबई में 4 से 13 जुलाई, ठाणे, कल्याण डोंबिवली, उल्हासनगर, अंबरनाथ-बदलापुर में 2 से 12 जुलाई तक सख्त प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं. इसी तरह मीरा-भाईंदर में 1 जुलाई से 13 जुलाई तक संपूर्ण लॉकडाउन है. ठाणे जिले में 2 से 11 जुलाई तक प्रतिबंध लगाए गए हैं. मराठवाड़ा में बीड और परभणी में कर्फ्यू लागू है.

औरंगाबाद में वालुज एमआईडीसी में कामगारों के अलावा अन्य व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है. औरंगाबाद शहर में 10 जुलाई से 19 जुलाई तक सख्त प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा की गई है. जलगांव, अमलनेर और भुसावल में 7 से 13 जुलाई तक 7 दिनों के लिए सख्त लॉकडाउन रहेगा.

 सोलापुर में 15 दिनों के सख्त कर्फ्यू की मांग

एक तरफ जहां विभिन्न शहरों में कुछ दिनों के लॉकडाउन का विरोध हो रहा है, वहीं सोलापुर में कुछ संगठनों ने 15 दिनों के सख्त कर्फ्यू की मांग पालकमंत्री दत्तात्रय भरणे से की है. भरणे का कहना है कि संक्रमण को रोकने के लिए कर्फ्यू लगाना होगा, लेकिन उसकी जानकारी जनता को 5 दिन पहले दी जाएगी.

विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस  ने कहा है कि कोविड-19 संकटकाल की शुरुआत में ही सख्त कदम उठाए होते तो संक्रमितों का आंकड़ा इतना नहीं बढ़ता. लॉकडाउन को इस तरह बढ़ाने का औचित्य नहीं है. समस्या से बाहर निकलने का रास्ता खोजना होगा. कुछ क्षेत्रों को सील करना, निश्चित समय में सबकुछ बंद रखना, इसका विकल्प हो सकता है

- अनिल देशमुख, गृह मंत्री

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