लाइव न्यूज़ :

क्या है लोइटर म्यूनिशन?, जानें विशेषता, 79000 करोड़ रुपये मूल्य के लंबी दूरी के रॉकेट, मिसाइल, रडार प्रणाली?

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: December 29, 2025 18:28 IST

उन्नत रेंज वाली एकीकृत ड्रोन पहचान और अवरोधन प्रणाली (एमके-2) सामरिक युद्ध क्षेत्र तथा भीतरी इलाकों में भारतीय सेना की महत्वपूर्ण संपत्तियों की रक्षा करेगी।

Open in App
ठळक मुद्देआत्मघाती ड्रोन या विस्फोटक ड्रोन भी कहा जाता है।लक्ष्यों पर सटीक हमले के लिए ‘लोइटर म्यूनिशन’ का इस्तेमाल किया जाएगा।लंबी दूरी के दिशा निर्देशित रॉकेटों की खरीद की जा रही है।

नई दिल्लीः रक्षा मंत्रालय ने सेना की युद्ध क्षमता को मजबूत करने के लिए 79,000 करोड़ रुपये मूल्य के लंबी दूरी के रॉकेट, मिसाइल, रडार प्रणाली और अन्य सैन्य उपकरणों की खरीद को सोमवार को मंजूरी प्रदान कर दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) ने प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी। डीएसी ने सेना की तोपखाना रेजिमेंटों के लिए ‘लोइटर म्यूनिशन’ प्रणाली की खरीद को मंजूरी दे दी। ‘लोइटर म्यूनिशन’ ऐसे हवाई अस्त्र होते हैं जो किसी लक्ष्य क्षेत्र के आसपास तब तक मंडराते रहते हैं जब तक कि लक्ष्य का पता न चल जाए, और फिर उससे टकराकर हमला करते हैं।

इसे आत्मघाती ड्रोन या विस्फोटक ड्रोन भी कहा जाता है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा भारतीय सेना के लिए हल्के रडार, पिनाका रॉकेट प्रणाली के लिए लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेट सामग्री और एकीकृत ड्रोन पहचान एवं अवरोधन प्रणाली (एमके-2) की खरीद को भी मंजूरी दी गई है। इसने कहा कि सामरिक लक्ष्यों पर सटीक हमले के लिए ‘लोइटर म्यूनिशन’ का इस्तेमाल किया जाएगा,

जबकि हल्के रडार छोटे आकार की और कम ऊंचाई पर उड़ने वाली मानवरहित हवाई प्रणालियों का पता लगाएंगे और उन पर नज़र रखेंगे। बयान में कहा गया कि लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से भेदने के लिए पिनाका रॉकेट प्रणालियों की मारक क्षमता और सटीकता को बढ़ाने के वास्ते लंबी दूरी के दिशा निर्देशित रॉकेटों की खरीद की जा रही है।

उन्नत रेंज वाली एकीकृत ड्रोन पहचान और अवरोधन प्रणाली (एमके-2) सामरिक युद्ध क्षेत्र तथा भीतरी इलाकों में भारतीय सेना की महत्वपूर्ण संपत्तियों की रक्षा करेगी। इसके साथ ही भारतीय नौसेना के लिए, उच्च आवृत्ति सॉफ्टवेयर रेडियो (एचएफ एसडीआर) मैनपैक की खरीद और उच्च ऊंचाई तथा लंबी दूरी वाली तथा दूर से संचालित विमान प्रणाली (आरपीएएस) को पट्टे पर लेने की मंजूरी दी गई।

मंत्रालय ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में निरंतर खुफिया जानकारी, निगरानी और टोही अभियानों के लिए अनिर्दिष्ट संख्या में आरपीएएस पट्टे पर ली जा रही हैं। बयान में कहा गया कि कि भारतीय वायुसेना के लिए स्वचालित ‘टेक-ऑफ लैंडिंग’ रिकॉर्डिंग प्रणाली, अस्त्र एमके-2 मिसाइल, पूर्ण मिशन सिमुलेटर और लंबी दूरी के दिशा निर्देशन वाली स्पाइस-1000 किट आदि की खरीद को मंजूरी दी गई है।

मंत्रालय ने कहा कि उन्नत रेंज वाली अस्त्र एमके-2 मिसाइल लड़ाकू विमानों की क्षमता को बढ़ाएंगी, जिससे वे लंबी दूरी से दुश्मन के विमानों को गिरा सकेंगे। मंत्रालय के अनुसार, हल्के लड़ाकू विमान तेजस के लिए पूर्ण मिशन सिमुलेटर पायलटों के प्रशिक्षण को किफायती और सुरक्षित बनाएगा, जबकि स्पाइस-1000 भारतीय वायुसेना की लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता को बढ़ाएगी।

टॅग्स :Defense Forcesमिसाइलनरेंद्र मोदीराजनाथ सिंहRajnath Singh
Open in App

संबंधित खबरें

भारतIndian Navy Warship INS Taragiri: समंदर तूफान में INS तारागिरी, ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल से लैस, जानें खासियत

विश्वअमेरिका-इजरायल के वार बेअसर? हमलों के बावजूद ईरान की मिसाइल क्षमता बरकरार: रिपोर्ट

कारोबार‘युवा आबादी’ के लाभ को भुनाने की चुनौती?, 20 से 29 वर्ष के 6.3 करोड़ स्नातकों में से 1.1 करोड़ बेरोजगार?

भारतVIDEO: चाय बागान से चुनावी हुंकार! पीएम मोदी ने श्रमिकों संग तोड़ी पत्तियां, बोले- असम में NDA हैट्रिक को तैयार

भारतएक शांत दिखने वाली विदाई से हुई भारी क्षति!

भारत अधिक खबरें

भारतFire Accident: ONGC मुंबई हाई प्लेटफॉर्म पर भीषण आग, 10 लोग घायल; राहत और बचाव कार्य जारी

भारतElection 2026: केरल में चुनावी हिंसा! शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन को भी पीटा, 5 धरे गए

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष