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तेज प्रताप पहुंचे केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस की मेजबानी वाले कार्यक्रम में, लोगों की भृकुटि तनीं

By भाषा | Updated: October 8, 2021 21:03 IST

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पटना, आठ अक्टूबर लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस की मेजबानी वाले एक कार्यक्रम में पहुंचे जिसके बाद घुमक्कड़ी स्वभाव वाले इन राजद नेता के भाजपा नीत राजग के साथ हाथ मिलाने की अटकलें पैदा हो गयी जबकि उनके पिता ने हमेशा ही भाजपा का जबर्दस्त विरोध किया है ।

तेज प्रताप लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के दिवंगत संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पहली बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पारस की अगुवाई वाले लोजपा गुट के पटना कार्यालय पहुंचे तब कई लोगों की भृकुटि तन गयीं।

पारस ने तेजप्रताप का जोरदार स्वागत किया एवं हसनपुर के विधायक ने केंद्रीय मंत्री की इस मांग का पूरा समर्थन किया कि उनके बड़े भाई को भारत रत्न दिया जाए।

तेज प्रताप ने पारस के न्यौते का सम्मान किया और लोजपा कार्यालय पहुंच गये जबकि महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर रह रहे उनके छोटे भाई तेजस्वी ने अपने निवास पर ही पासवान की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। पासवान की तस्वीर जयप्रकाश नारायण की तस्वीर के साथ लगायी गयी थी जिनकी पुण्यतिथि भी आज की ही तारीख को है।

दिल्ली में लालू प्रसाद इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान के निवास पर गये।

राजद सुप्रीमो लोजपा के विभाजन के बाद जमुई के सासंद चिराग पासवान को अपने साथ लाने का प्रयास कर रहे हैं और इसके लिए दिवंगत दलित नेता के साथ अपने निकट संबंधों का हवाला दे रहे हैं।

तेजप्रताप अपने भाई तेजस्वी द्वारा तारापुरा एवं कुशेश्वर स्थान विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव के वास्ते रणनीति पर चर्चा के लिए बुलायी गयी विधायकों की बैठक में भी नहीं पहुंचे।

यह घटना ऐसे समय हुई है जब एक दिन पहले ही तेजप्रताप का नाम पार्टी के 20 स्टार प्रचारकों की सूची से हटा दिया गया।

प्रसाद के परिवार के करीबी एक वरिष्ठ पार्टी नेता ने अपना नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा, ‘‘ तेजप्रताप, मीसा (प्रसाद की बड़ी बेटी एवं राज्यसभा सदस्य) एवं राबड़ी देवी के नाम सूची में इसलिए नहीं हैं क्योंकि उन्होंने चुनाव प्रचार अभियान में हिस्सा लेने से असमर्थता प्रकट की। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसमें ज्यादा मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए। ये महज उपचुनाव हैं।’’

लेकिन राजद की कट्टर प्रतिद्वंद्वी भाजपा ने कहा कि उनके नाम हटना इस बात का संकेत है कि ‘‘मीसा एवं तेज प्रताप का समय लद गया। ’’

मीसा एवं तेजप्रताप से छोटे तेजस्वी का अपनी पार्टी में अपने भाई बहनों की तुलना में सबसे अधिक प्रभाव है। वह अपने पिता के सबसे पसंदीदा हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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