स्टेट जांच एजेंसी ने कश्मीर में नार्को-टेरर नेटवर्क पर शिकंजा कसा, पीओके-स्थित लश्कर आपरेटिव की संपत्ति कुर्क की
By सुरेश एस डुग्गर | Updated: May 7, 2026 16:21 IST2026-05-07T16:21:47+5:302026-05-07T16:21:57+5:30
जारी एक बयान में जांच एजेंसी कश्मीर के प्रवक्ता ने कहा कि एजेंसी ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक ऐसे आपरेटिव की अचल संपत्ति कुर्क की है, जो पीओके में स्थित है और एजेंसी द्वारा जांच किए जा रहे एक बड़े नार्काे-टेरर मामले में शामिल है।

स्टेट जांच एजेंसी ने कश्मीर में नार्को-टेरर नेटवर्क पर शिकंजा कसा, पीओके-स्थित लश्कर आपरेटिव की संपत्ति कुर्क की
जम्मू: प्रदेश में आतंकियों के खिलाफ जारी कार्रवाई की कवायद में स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने पीओके में स्थित लश्कर-ए-तैयबा के एक आपरेटिव की अचल संपत्ति कुर्क कर ली। यह आपरेटिव एक हाई-प्रोफाइल नार्को-टेरर मामले में शामिल था। जारी एक बयान में जांच एजेंसी कश्मीर के प्रवक्ता ने कहा कि एजेंसी ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक ऐसे आपरेटिव की अचल संपत्ति कुर्क की है, जो पीओके में स्थित है और एजेंसी द्वारा जांच किए जा रहे एक बड़े नार्काे-टेरर मामले में शामिल है।
बयान में आगे बताया गया है कि जांच एजेंसी द्वारा की गई जांच से पता चला कि आरोपी जमीर अहमद लोन वर्तमान में पीओके से अपनी गतिविधियां चला रहा है और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर से जुड़ा हुआ है। वह केंद्र शासित प्रदेश में शांति और सुरक्षा को अस्थिर करने के उद्देश्य से नार्काे-टेरर गतिविधियों में सक्रिय रूप से लिप्त था। आरोपी को पहले ही सक्षम अदालत द्वारा ‘घोषित अपराधी’ घोषित किया जा चुका था, क्योंकि वह गिरफ्तारी से बच रहा था और सीमा पार से राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों को जारी रखे हुए था।
बयान के अनुसार,जांच एजेंसी द्वारा सक्षम अदालत में दायर एक विस्तृत आवेदन के बाद, अदालत ने रिकार्ड पर मौजूद साक्ष्यों की जांच की और फरार आरोपी की संपत्ति कुर्क करने का आदेश पारित किया। अदालत के आदेशों का पालन करते हुए, जांच एजेंसी ने आज मंडियान केरन, कुपवाड़ा में स्थित खसरा संख्या 113 के अंतर्गत आने वाली 01 कनाल और 14.37 मरला अचल संपत्ति कुर्क कर ली। बयान में कहा गया है कि यह कार्रवाई जांच एजेंसी के उस पक्के इरादे को दिखाती है, जिसके तहत वह आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करना चाहता है - जिसमें सीमा पार से चलने वाले टेरर फाइनेंसिंग और नार्काे-आतंकी नेटवर्क भी शामिल हैं।
जांच एजेंसी उन लोगों और संस्थाओं की पहचान करने, उनकी जांच करने और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, जो देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिए नुकसानदायक गतिविधियों में शामिल हैं। प्रवक्ता का कहना था कि जांच एजेंसी, अन्य कानून प्रवर्तन और नागरिक एजेंसियों के साथ मिलकर, न केवल नार्काे-आतंक मामलों की जांच के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि एक नशामुक्त समाज बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे रोकथाम और जागरूकता अभियानों में सहयोग देने के लिए भी पूरी तरह से तैयार है।