अग्निवीर बनाने के लिए पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र के युवाओं का जोश हाई!

By राजेंद्र कुमार | Updated: May 7, 2026 19:40 IST2026-05-07T19:40:03+5:302026-05-07T19:40:03+5:30

इस साल अग्निवीर के विभिन्न पदों के लिए होने वाली भर्ती के लिए जो ऑनलाइन आवेदन सेना के भर्ती कार्यालय को प्राप्त हुए हैं, उससे यह हकीकत सामने आयी है. 

Spirits Run High Among Youth in PM Modi's Parliamentary Constituency to Become Agniveers! | अग्निवीर बनाने के लिए पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र के युवाओं का जोश हाई!

अग्निवीर बनाने के लिए पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र के युवाओं का जोश हाई!

Highlightsरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसदीय क्षेत्र के युवा अग्निवीर बनने के इच्छुक नहीं उत्तर प्रदेश के छह भर्ती मुख्यालयों में 4.97 लाख अभ्यर्थियों ने किया आवेदन यूपी और उत्तरांचल के 5.60 लाख युवाओं ने अग्निवीर बनाने में दिखाया उत्साह

लखनऊ: सेना में अग्निवीर बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र (वाराणसी) और उससे सटे जिलों के युवाओं का जोश हाई है, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसदीय क्षेत्र (लखनऊ) और उसके आसपास के जिलों में रहने वाले युवाओं की बहुत रुचि अग्निवीर बनने में नहीं है. इस साल अग्निवीर के विभिन्न पदों के लिए होने वाली भर्ती के लिए जो ऑनलाइन आवेदन सेना के भर्ती कार्यालय को प्राप्त हुए हैं, उससे यह हकीकत सामने आयी है. 

सेना के अधिकारियों के अनुसार, अग्निवीर के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश (यूपी) और उत्तरांचल के युवाओं की कमान प्रदेश परीक्षा (सीईई) आगामी एक जून से 15 जून तक होगी. इसी में शामिल होने के लिए यूपी और उत्तरांचल के 5.60 लाख युवाओं ने आवेदन किया है. अब तक जो आवेदन प्राप्त हुए उसके अनुसार, वाराणसी और उसके आसपास के युवा आवेदन करने में सबसे आगे हैं, जबकि पिछले वर्ष पश्चिम उत्तर प्रदेश के युवा इस मामले में अव्वल रहे थे. वही इस बार आवेदन करने के मामले में लखनऊ पिछड़ गया है.    

अग्निवीर बनने के लिए मिले आवेदन
 
सेना के उच्चाधिकारियों के मुताबिक, सेना में अग्निवीर जनरल ड्यूटी, तकनीकी, अग्निवीर क्लर्क, स्टोर कीपर तकनीकी और ट्रेडसमैन, महिला मिलिट्री पुलिस, मिलिट्री पुलिस, सिपाही फार्मा तथा सैनिक नर्सिंग सहायक के लिए 13 फरवरी से एक अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे. जिसके चलते उत्तर प्रदेश के छह भर्ती मुख्यालयों आगरा, अयोध्या, बरेली, मेरठ, वाराणसी और लखनऊ के अधीन आने वाले सभी जिलों के करीब 4.97 लाख अभ्यर्थियों और उत्तराखंड के अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और लैंसडाउन के भर्ती मुख्यालयों के 63,500 अभ्यर्थियों को सीईई के लिए प्रदेश पत्र जल्दी ही जारी किए जाएंगे. 

सेना में  अग्निवीर बनने के लिए सबसे अधिक 1.19 लाख आवेदन यूपी के वाराणसी के अधीन वाले पूर्वांचल के वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, गोरखपुर, बलिया, देवरिया सहित 12 जिलों के युवाओं ने दाखिल किए हैं. इसी तरह सेना भर्ती मुख्यालय लखनऊ के अधीन आने वाले लखनऊ, फ़तेहपुर, चित्रकूट, कानपुर देहात, हमीरपुर, उन्नाव, गोंडा, बांदा, कन्नौज, महोबा, औरैया और बाराबंकी से सबसे कम 54,600 आवेदन प्राप्त हुए हैं. जबकि आगरा भर्ती  मुख्यालय को 88,500, अयोध्या भर्ती मुख्यालय को 66,900, बरेली भर्ती मुख्यालय को 68,700 आवेदन प्राप्त हुए हैं. उत्तराखंड में अल्मोड़ा भर्ती मुख्यालय को 21,000, पिथौरागढ़ भर्ती मुख्यालय को 11,000 और लैंसडाउन भर्ती मुख्यालय को 31,400 आवेदन प्राप्त हुए हैं. 

सेना में अग्निवीर बनने के इच्छुक इन अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र 15 मई से सेना की वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे. और जिन अभ्यर्थियों के आवेदन किन्हीं कारणों से अस्वीकृत हो गए हैं उनका परीक्षा शुल्क 15 मई तक उनके दिए गए खातों में ट्रांसफर हो जाएगा. सेना के अधिकारियों के अनुसार अब सेना भर्ती मुख्यालय सीईई का आयोजन करेगा. सीईई में सफल होने वाले अभ्यर्थी को ही भर्ती रैली के लिए आमंत्रित किया जाएगा. 

इसलिए उत्साह नहीं दिखाया

सेना में अग्नि वीर बनने के लिए लखनऊ के युवाओं ने कम रुचि दिखाई है? इसकी क्या वजह है , इसका क्या वजह है? इस संबंध में सवाल किए जाने पर सेना और पुलिस के अफसरों का यह कहना है कि पीछे कई सामाजिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक वजह हो सकती है. युवाओं के बीच सबसे बड़ी चिंता अग्निवीर का चार साल का कार्यकाल है. पहले जहां सेना की नौकरी को जीवन भर की सुरक्षा के रूप में देखा जाता था, अब वैसा नहीं है. पहले सेना में रिटायरमेंट के बाद पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाओं की गारंटी थी, जो अग्निवीर योजना में नहीं है. 

अब अग्निवीर में 25% युवाओं को स्थायी सेवा में रखे जाने का प्रावधान होने के कारण युवाओं की रुचि अग्निवीर बनने को लेकर घटी है. अब सेना के बजाए लखनऊ और अन्य बड़े शहरों में रहने वाले युवा पुलिस और पीएसी तथा अन्य राज्य स्तरीय सरकारी भर्तियों पर ध्यान दे रहे हैं. युवाओं का कहना है कि सेना में चार साल की सेवा के बाद दोबारा तैयार करने से बेहतर है कि शुरुआत से ही ऐसी नौकरी की तैयारी की जाए जहां 60 वर्ष तक की स्थायी नौकरी मिल सके. 

अभ्यर्थियों ने किए आवेदन 

सेना कार्यालय : हुए आवेदन 
वाराणसी        : 1,19,000 
मेरठ               : 98,500 
आगरा            : 88,500 
बरेली              : 68,700 
अयोध्या           : 66,900 
लखनऊ           : 54,600 
लैंसडाउन         : 31,400 
अल्मोडा           : 21,100 
पिथौरागढ़         : 11,000 

Web Title: Spirits Run High Among Youth in PM Modi's Parliamentary Constituency to Become Agniveers!

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