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बिहार की राजधानी पटना से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर मोकामा में होगा श्री वेंकटेश्वर बालाजी मंदिर का निर्माण, राज्य सरकार ने उपलब्ध कराई जमीन

By एस पी सिन्हा | Updated: December 7, 2025 16:36 IST

सरकार ने यह जमीन टीटीडी को 99 साल की लीज पर सिर्फ 1 रुपये के प्रतीकात्मक शुल्क पर उपलब्ध कराई है। मोकामा खास क्षेत्र में स्थित यह भूमि भविष्य में धार्मिक पर्यटन का एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता रखती है।

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पटना:बिहार सरकार ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) को मोकामा खास क्षेत्र में श्री वेंकटेश्वर बालाजी मंदिर निर्माण के लिए 10.11 एकड़ जमीन आवंटित कर दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई। इसके बाद मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने टीटीडी को औपचारिक पत्र जारी किया। सरकार ने यह जमीन टीटीडी को 99 साल की लीज पर सिर्फ 1 रुपये के प्रतीकात्मक शुल्क पर उपलब्ध कराई है। मोकामा खास क्षेत्र में स्थित यह भूमि भविष्य में धार्मिक पर्यटन का एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता रखती है।

जमीन आवंटन के बाद टीटीडी चेयरमैन बी.आर. नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खुशी जताते हुए बिहार सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह केवल मंदिर निर्माण का निर्णय नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने वाला बड़ा कदम है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और राज्य के एचआरडी मंत्री नारा लोकेश को भी उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। 

वहीं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताते हुए कहा कि पटना में मंदिर निर्माण होने से पूर्वी भारत के लाखों भक्तों को तिरुपति जैसी आध्यात्मिक अनुभूति मिलेगी। इससे बिहार और आंध्र प्रदेश के सांस्कृतिक रिश्ते और भी मजबूत होंगे। टीटीडी की एक विशेष टीम जल्द ही बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के अधिकारियों से मुलाकात कर मंदिर निर्माण की रूपरेखा, डिजाइन, चरणबद्ध योजना और समय-सीमा पर चर्चा करेगी। मंदिर का पूरा खर्च टीटीडी वहन करेगा। 

परिसर में धर्मशाला, प्रार्थना मंडप, आध्यात्मिक केंद्र और भोजनालय जैसी कई आधुनिक सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। पटना में वेंकटेश्वर बालाजी मंदिर बनने से बिहार के धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की संभावना है। राज्य सरकार पहले ही वैशाली में बुद्ध स्मृति स्तूप, सीतामढ़ी–जनकपुर कॉरिडोर और पुनौरा धाम जैसे कई धार्मिक स्थलों के विकास पर काम कर रही है। 

विशेषज्ञों का मानना है कि इस मंदिर से रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे के विस्तार को बल मिलेगा टीटीडी ने मार्च 2025 में देशभर के प्रमुख शहरों में वेंकटेश्वर मंदिर निर्माण की राष्ट्रीय योजना शुरू की थी। इस पहल के तहत जमीन उपलब्ध कराने वाला बिहार पहला राज्य बना। पटना में बनने वाला मंदिर दक्षिण भारतीय पारंपरिक वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण होगा और इसे देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की सूची में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। पटना के लिए यह परियोजना धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक तीनों स्तरों पर एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकती है।

टॅग्स :बिहारपटनामोकामा
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