अब शिवपाल यादव की बढ़ेंगी मुश्किलें! शिवपाल और योगी सरकार में राजनीतिक संघर्ष छिड़ा

By राजेंद्र कुमार | Published: November 29, 2022 05:00 PM2022-11-29T17:00:17+5:302022-11-29T18:02:30+5:30

शिवपाल के आवंटित किए गए आवास को भी वापस लेने की कवायद भी होने लग गई है। जल्दी ही योगी सरकार प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रगति) के मुखिया शिवपाल सिंह यादव को यह दो झटके देने में जुट गई है।  

Shivpal Yadav's difficulties will increase, Shivpal and Yogi government sparked political conflict | अब शिवपाल यादव की बढ़ेंगी मुश्किलें! शिवपाल और योगी सरकार में राजनीतिक संघर्ष छिड़ा

अब शिवपाल यादव की बढ़ेंगी मुश्किलें! शिवपाल और योगी सरकार में राजनीतिक संघर्ष छिड़ा

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Highlightsसीबीआई को शिवपाल से पूछताछ की अनुमति देगी सरकार अखिलेश से दूरियों के चलते मिले आवास पर पर भी खतरा मंडराया

लखनऊ: यूपी में डिंपल यादव को जिताने के अभियान में जुटे समाजवादी पार्टी (सपा) मुखिया अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह की मुश्किलें एकाएक बढ़ने लगी है। दो दिन पूर्व योगी सरकार के उनकी सुरक्षा में कटौती कर दी। अब जल्दी ही शिवपाल से रिवर फ्रंट घोटाले को लेकर सीबीआई पूछताछ करेगी। इसके साथ ही शिवपाल के आवंटित किए गए आवास को भी वापस लेने की कवायद भी होने लग गई है। जल्दी ही योगी सरकार प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रगति) के मुखिया शिवपाल सिंह यादव को यह दो झटके देने में जुट गई है।   

सरकार की इन तैयारियों के बीच में प्रसपा के मुखिया शिवपाल सिंह यादव ने भी हुंकार भरी है। उन्होंने कहा है कि उनकी सुरक्षा में कटौती कर योगी सरकार उन्हें झुका नहीं सकती। अब कार्यकर्ता हमारी सुरक्षा करेंगे। फिलहाल होगी सरकार और प्रसपा के मुखिया शिवपाल के बीच यूपी में राजनीतिक संघर्ष शुरू हो गया हैं।

अब देखना यह है कि योगी सरकार गोमती रिवर फ्रंट घपले के प्रकरण में सीबीआई को शिवपाल सिंह से पूछताछ करने की अनुमति कब देखी? गोमती रिवर फ्रंट घपले में सीबीआई ने तत्कालीन सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव और दो आला अफसरों से पूछताछ करने की अनुमति मांगी है।

योगी सरकार ने सत्ता में आते ही वर्ष 2017 में गोमती रिवर फ्रंट की न्यायिक जांच कराई थी। न्यायिक जांच में रिवर फ्रंट के निर्माण में भारी घपला सामने आया तो यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई इस प्रकरण में कई इंजीनियरों को गिरफ्तार कर चुकी है। 

सीबीआई दो आईएएस अधिकारी समेत तत्कालीन सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव की भूमिका की भी जांच करना चाहती है। कई माह पूर्व सीबीआई इसके लिए उसने सरकार से अनुमति मांगी थी, जिसका अभी तक योगी सरकार ने संज्ञान नहीं लिया था। अब बदले राजनीतिक घटनाक्रम में शासन ने निर्णय लेने के लिए सिंचाई विभाग से संबंधित रिकॉर्ड तलब किया है।

शासन के एक अधिकारी ने बताया कि रिकॉर्ड के आधार पर प्रकरण में इन लोगों की भूमिका मिलने पर सीबीआई को पूछताछ की अनुमति दे दी जाएगी। इसी के साथ राज्य संपत्ति विभाग ने शिवपाल सिंह यादव को वीआईपी इलाके लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर आवंटित किए गए सरकारी बंगले की फ़ाइल को फिर से निकाल लिया है।

समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव से दूरियों के चलते शिवपाल को योगी सरकार ने यह बंगला आवंटित किया था। शिवपाल को यह सरकारी आवास विधायक आवास के रूप में आवंटित किया है। आवास के साथ ही यहां प्रसपा का कार्यालय भी संचालित होता है, जबकि विधायक सिर्फ इस बंगले में रहने के लिए अनुमन्य हैं। अब इसी आधार पर आवास के आवंटन पर कभी भी संकट गहरा सकता है।

Web Title: Shivpal Yadav's difficulties will increase, Shivpal and Yogi government sparked political conflict

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