‘Sheshshayi Vishnu’ sculpture found: ‘शेषशायी विष्णु’ की विशाल मूर्ति मिली, 1.70 मीटर लंबी और एक मीटर ऊंची, भगवान विष्णु शेषनाग पर लेटे हैं और देवी लक्ष्मी पैर दबा रहीं...

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Published: June 23, 2024 08:55 PM2024-06-23T20:55:26+5:302024-06-23T20:56:50+5:30

‘Sheshshayi Vishnu’ sculpture found: शेषशायी विष्णु की विशाल मूर्ति मिली। यह 1.70 मीटर लंबी और एक मीटर ऊंची है। मूर्ति के आधार की चौड़ाई संभवत: 30 सेंटीमीटर है।

‘Sheshshayi Vishnu’ sculpture found Huge idol 1-70 meter long one meter high also idol Goddess Lakshmi know in Maharashtra’s Sindkhed Raja town ASI | ‘Sheshshayi Vishnu’ sculpture found: ‘शेषशायी विष्णु’ की विशाल मूर्ति मिली, 1.70 मीटर लंबी और एक मीटर ऊंची, भगवान विष्णु शेषनाग पर लेटे हैं और देवी लक्ष्मी पैर दबा रहीं...

सांकेतिक फोटो

Highlightsयह क्लोराइट शिस्ट चट्टान से बनी है। मूर्तियां दक्षिण भारत (होयसल राजवंश) में बनायी गयी थीं।भगवान विष्णु शेषनाग पर लेटे हुए हैं और देवी लक्ष्मी उनके पैर दबा रही हैं।

‘Sheshshayi Vishnu’ sculpture found: महाराष्ट्र में बुलढाणा जिले के सिंदखेड राजा शहर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा करायी गयी खुदाई के दौरान ‘शेषशायी विष्णु’ की एक विशाल मूर्ति मिली है। नागपुर क्षेत्र के अधीक्षण पुरातत्वविद अरुण मलिक ने बताया कि यह मूर्ति 2.25 मीटर की गहरायी में मिली, जब विशेषज्ञों के एक दल ने लखुजी जाधवराव की छतरी के संरक्षण कार्य के दौरान कुछ पत्थर देखा तथा फिर और खुदाई करने के बाद मंदिर की नींव तक पहुंचे। मलिक ने बताया, ‘‘सभा मंडप मिलने के बाद हमने और खुदाई करने का फैसला किया और इस दौरान हमें देवी लक्ष्मी की एक मूर्ति मिली। बाद में, इसमें से शेषशायी विष्णु की विशाल मूर्ति मिली। यह 1.70 मीटर लंबी और एक मीटर ऊंची है। मूर्ति के आधार की चौड़ाई संभवत: 30 सेंटीमीटर है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह क्लोराइट शिस्ट चट्टान से बनी है। ऐसी मूर्तियां दक्षिण भारत (होयसल राजवंश) में बनायी गयी थीं। इसमें भगवान विष्णु शेषनाग पर लेटे हुए हैं और देवी लक्ष्मी उनके पैर दबा रही हैं। इस मूर्ति में समुद्र मंथन को दर्शाया गया है और इससे निकले अश्व और ऐरावत की नक्काशी भी पैनल पर देखी जा सकती है।’’

उन्होंने बताया कि इस मूर्ति की विशेषता दशावतार, समुद्र मंथन और भगवान विष्णु को दर्शाती हुई बारीक नक्काशी है। मूर्ति विशेषज्ञ सैली पलांडे दातार ने बताया कि इसमें इस्तेमाल पत्थर शिस्ट चट्टान है जो स्थानीय रूप से पाए जाने वाले बेसॉल्ट चट्टान के मुकाबले नरम होता है।

उन्होंने बताया, ‘‘ऐसी मूर्तियां पहले मराठावाड़ा में पायी जाती थीं लेकिन वे बेसॉल्ट चट्टानों से बनी होती थीं। इस पैनल पर शेषनाग और समुद्र मंथन के बीच की मूर्ति भी प्रमुखता से उकेरी गयी है जो इसकी विशेषता है। भविष्य में जब महाराष्ट में एक कला संग्रहालय स्थापित किया जाएगा तो यह मूर्ति उसकी प्रमुख कलाकृतियों में से एक होगी।’’

Web Title: ‘Sheshshayi Vishnu’ sculpture found Huge idol 1-70 meter long one meter high also idol Goddess Lakshmi know in Maharashtra’s Sindkhed Raja town ASI

भारत से जुड़ीहिंदी खबरोंऔर देश दुनिया खबरोंके लिए यहाँ क्लिक करे.यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Pageलाइक करे