लाइव न्यूज़ :

'हमारा पक्ष सुने बिना आदेश ना हो जारी', पायलट खेमे ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की कैविएट

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: July 22, 2020 18:31 IST

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी कांग्रेस के 19 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने की कार्यवाही को 24 जुलाई तक टाले जाने के उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय पहुंचे।

Open in App
ठळक मुद्देराजस्थान विधानसभा के स्पीकर सीपी जोशी (CP Joshi) ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दस्तक दीपायलट खेमे की ओर से कोर्ट में कैविएट दायर की गई है।

नई दिल्ली: राजस्थान में चल रहे सियासी ड्रामे में एक के बाद एक कई ट्विस्ट देखने को मिल रहा है। एक तरफ बुधवार को राजस्थान विधानसभा के स्पीकर सीपी जोशी (CP Joshi) ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दस्तक दी। वहीं, पायलट (Sachin Pilot) खेमे की ओर से कोर्ट में कैविएट दायर की गई है। उन्होंने आग्रह किया है कि कोर्ट में उनका पक्ष सुने बिना आदेश जारी ना करे। बता दें कि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी कांग्रेस के 19 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने की कार्यवाही को 24 जुलाई तक टाले जाने के उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय पहुंचे।

यहां वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने न्यायालय से कहा कि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष की याचिका जैसे मामलों का तत्काल उल्लेख करने के लिए एक तंत्र होना चाहिए। इसके बाद कोर्ट ने कपिल सिब्बल से कहा कि वह शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री के समक्ष राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष की याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने का मामला उठाए। इस याचिका में विधान सभा अध्यक्ष द्वारा विधायकों को भेजे गए अयोग्य ठहराए जाने संबंधी नोटिस को चुनौती दी गई है। अदालत ने अध्यक्ष से अयोग्यता की कार्यवाही 24 जुलाई तक टालने को कहा था। विधानसभा अध्यक्ष ने वकील सुनील फर्नांडीस के जरिए दायर याचिका में कहा है कि अयोग्य ठहराए जाने की प्रक्रिया विधानसभा की कार्यवाही का हिस्सा है और इसलिए अदालत शुक्रवार तक इसे टालने की बात कहकर इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती।

राजस्थान HC ने अयोग्यता नोटिस पर कार्रवाई 24 जुलाई तक टालने का आग्रह किया

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने पार्टी व्हिप की अवज्ञा करने को लेकर विधायकों को राजस्थान विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने के लिये विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत कर रखी है। इसी शिकायत पर अध्यक्ष ने बागी विधायकों को नोटिस जारी किए थे।

हालांकि, पायलट खेमे की दलील है कि पार्टी का व्हिप तभी लागू होता है जब विधानसभा का सत्र चल रहा हो। कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष को दी गई अपनी शिकायत में पायलट और अन्य असंतुष्ट विधायकों के खिलाफ संविधान की 10वीं अनुसूची के पैराग्राफ 2(1)(ए) के तहत कार्रवाई करने की मांग की है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बगावत करने के बाद पायलट को उप मुख्यमंत्री पद और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से बर्खास्त किया जा चुका है।

35 करोड़ का आरोप लगाने वाले कांग्रेस MLA को सचिन पायलट ने भेजा कानूनी नोटिस

कांग्रेस बागी सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने विधायक गिरिराज सिंह मलिंगा (Giriraj singh Malinga) को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में उन्‍होंने गिरिराज से माफी मांगने और एक रुपये की राशि देने की मांग की है। साथ ही कहा है कि अगर सात दिनों में माफी नहीं मांगी तो सिविल और आपराधिक मानहानि का माला करेंगे।

पायलट ने अपने वकील के जरिए गिरिराज सिंह मलिंग से लिखित में माफी मांगने और एक रुपये की राशि देने की मांग की है। नोटिस में कहा गया है कि नोटिस जारी होने के सात दिन के अंदर प्रेस के सामने लिखित में माफी नहीं मांगी तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

टॅग्स :राजस्थानसचिन पायलटकांग्रेस
Open in App

संबंधित खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

क्राइम अलर्टपत्नी की गला रेतकर हत्या और पति ने खुद को चाकू से वार कर आत्महत्या का किया प्रयास

क्राइम अलर्टराजस्थान सड़क हादसाः पुलिस उपनिरीक्षक सहित 4 लोगों की मौत, भरतपुर में तेज रफ्तार कार ने 3 को कुचला

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारत अधिक खबरें

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल