Republic TV Editor-in-chief Arnab Goswami FIR registered lady police officer residence Mumbai  | बुरे फंसे अर्नब गोस्वामी, महिला पुलिस अधिकारी से मारपीट का आरोप, FIR, जानिए पूरा मामला
गोस्वामी पर महिला पुलिस अधिकारी से मारपीट करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। (file photo)

Highlightsपत्रकार के साथ उचित व्यवहार हो तथा सत्ता की शक्ति का दुरुपयोग बदला लेने के लिए न किया जाए। पुलिस का कहना है कि अर्णब ने वर्ली स्थित अपने घर का दरवाजा खोलने में एक घंटे का वक्त लगा दिया।

मुंबईः पुलिस टीम बुधवार सुबह रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी के मुंबई स्थित घर पहुंची थी। अब गोस्वामी पर महिला पुलिस अधिकारी से मारपीट करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।

पत्रकार ने दावा किया कि पुलिस ने उनके घर उनसे मारपीट की। पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘अलीबाग पुलिस ने गोस्वामी को भारतीय दंड संहिता की धारा 306(आत्महत्या के लिए उकसाने) और धारा 34 (कोई आपराधिक कृत्य व्यक्तियों द्वारा समान इरादे से किए जाने) के तहत गिरफ्तार किया है। यह (गिरफ्तारी) 2018 में एक व्यक्ति और उसकी मां को आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित है। हमारे पास सबूत (गोस्वामी के खिलाफ) हैं।’’ 

मुम्बई पुलिस ने ‘रिपब्लिक टीवी’ के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को एक 53 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर को कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने के दो साल पुराने मामले में बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अलीबाग पुलिस की एक टीम ने गोस्वामी को यहां लोअर परेल स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया।

अधिकारी पर हमला करने के आरोप में बुधवार को एक मामला दर्ज किया गया

मुंबई पुलिस ने रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी, उनकी पत्नी, बेटे और अन्य पर पुलिस अधिकारी पर हमला करने के आरोप में बुधवार को एक मामला दर्ज किया गया। अलीबाग पुलिस की एक टीम ने आज सुबह 2018 में इंटीरियर डिजाइनर को कथित रूप से खुदकुशी के लिए उकसाने के मामले में गोस्वामी को गिरफ्तार किया।

एक अधिकारी ने बताया कि एनएम जोशी मार्ग थाने में गोस्वामी और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 353 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला करना), 504 (शांति भंग करने के लिए उकसाने के वास्ते जानबूझकर अपमान करना) और 506 (धमकी देना) एवं सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पुहंचाने से संबंधित अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

उन्होंने बताया कि गोस्वामी को गिरफ्तार करने लोअर परेल इलाके में स्थित उनके घर गई टीम में शामिल एक महिला अधिकारी ने शिकायत दी है। गोस्वामी को पुलिस वैन में धक्का देते हुए देखा गया है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उनके घर में उनपर हमला किया था।

पुलिसकर्मी, गोस्वामी को धकेलते हुए वैन में बैठाते देखे गये

पुलिसकर्मी, गोस्वामी को धकेलते हुए वैन में बैठाते देखे गये। इस दौरान गोस्वामी ने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें अपने साथ ले जाने से पहले उनके घर में, उन पर हमला किया। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ अलीबाग पुलिस ने भादंवि की धारा 306 और 34 के तहत गोस्वामी को गिरफ्तार किया। 2018 में एक व्यक्ति और उनकी मां की आत्महत्या से जुड़े मामले में यह गिरफ्तारी की गई। हमारे पास उनके खिलाफ सबूत भी हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ जब हमने गोस्वामी की पत्नी को गिरफ्तारी की सूचना दी तो, उन्होंने कागज फाड़ दिए।’’

पुलिस ने बताया कि 2018 में, एक आर्किटेक्ट और उनकी मां ने कथित तौर पर गोस्वामी के रिपब्लिक टीवी द्वारा उनके बकाये का भुगतान न किए जाने के कारण आत्महत्या कर ली थी। इस वर्ष मई में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने आर्किटेक्ट अन्वय नाइक की बेटी आज्ञा नाइक की नई शिकायत के आधार पर फिर से जांच का आदेश दिये जाने की घोषणा की थी। देशमुख ने बताया था कि आज्ञा ने आरोप लगाया है कि अलीबाग पुलिस ने गोस्वामी के चैनल द्वारा बकाया भुगतान ना करने के मामले में जांच नहीं की। उसका दावा है कि इस कारण ही उसके पिता और दादी ने मई 2018 में आत्महत्या कर ली थी।

 गोस्वामी की मुंबई में हुई गिरफ्तारी के तरीके की बुधवार को निन्दा की

न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) ने रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी की मुंबई में हुई गिरफ्तारी के तरीके की बुधवार को निन्दा की और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि पत्रकार के साथ उचित व्यवहार हो तथा सत्ता की शक्ति का दुरुपयोग बदला लेने के लिए न किया जाए।

रायगढ़ पुलिस के असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वझे के नेतृत्व में रायगढ़ पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन स्क्वॉड ने बेहद गुप्त अभियान के तहत अर्नब के घर पर बुधवार सुबह 6 बजे ही धावा बोल दिया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अर्णब ने वर्ली स्थित अपने घर का दरवाजा खोलने में एक घंटे का वक्त लगा दिया। कभी न्यूज चैनल के स्टार रहे अर्नब गोस्वामी अब सलाखों के पीछे हैं।

एनबीए ने यह भी कहा कि यद्यपि वह गोस्वामी की ‘‘पत्रकारिता शैली’’ से सहमत नहीं है, लेकिन यदि अधिकारियों ने मीडिया संपादक के खिलाफ कोई ‘‘बदले की कार्रवाई’’ की है तो संगठन इसकी निन्दा करता है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि 2018 में 53 वर्षीय एक इंटीरियर डिजाइनर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गोस्वामी को आज सुबह गिरफ्तार किया गया। एनबीए ने एक बयान में कहा, ‘‘जिस तरीके से रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार किया गया, वह उसकी निन्दा करती है।’’

इसने कहा कि वह गोस्वामी की गिरफ्तारी के तरीके से निराश है। बयान में कहा गया, ‘‘यद्यपि एनबीए उनकी (गोस्वामी) पत्रकारिता शैली से सहमत नहीं है, लेकिन यदि अधिकारियों ने मीडिया संपादक के खिलाफ कोई बदले की कार्रवाई की है तो हम उसकी निन्दा करते हैं।

मीडिया कानून से ऊपर नहीं है, लेकिन उचित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।’’ वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा के नेतृत्व वाले संगठन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि पत्रकार के साथ उचित व्यवहार हो तथा सत्ता की शक्ति का दुरुपयोग बदला लेने के लिए न किया जाए। मुंबई में अलीबाग पुलिस ने गोस्वामी को आज सुबह लोअर परेल स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। गोस्वामी को पुलिस अपने वाहन में धकेलती देखी गई।

Web Title: Republic TV Editor-in-chief Arnab Goswami FIR registered lady police officer residence Mumbai 

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