अब हर साल 23 जनवरी से होगी गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत, जानें क्यों बदली गई तारीख

By मनाली रस्तोगी | Published: January 15, 2022 01:01 PM2022-01-15T13:01:32+5:302022-01-15T13:06:28+5:30

गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत अब हर साल 24 जनवरी के बजाय 23 जनवरी को शुरू होगी ताकि स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की जयंती इसमें शामिल की जा सके। सरकारी सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

Republic Day Celebrations will now begin every year from 23rd January to include the birth anniversary of Subash Chandra Bose | अब हर साल 23 जनवरी से होगी गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत, जानें क्यों बदली गई तारीख

अब हर साल 23 जनवरी से होगी गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत, जानें क्यों बदली गई तारीख

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Highlightsगणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस की जयंती से शुरू होगी।इससे पहले बोस की जयंती को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाने की शुरुआत की गई थी।

नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, अब से हर साल गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत 24 जनवरी की जगह 23 जनवरी शुरू होगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि इसमें स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की जयंती शामिल की जा सके। शनिवार को न्यूज एजेंसी एएनआई ने सरकार के सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी। 

रिपोर्ट्स के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के रुख के अनकूल है जो भारत के इतिहास और संस्कृति के अहम पहलुओं को मनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि इससे पहले बोस की जयंती को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाने की शुरुआत की गई थी। 

सूत्रों ने बताया कि अन्य दिवस जो हर साल मनाए जाने का फैसला लिया गया है उनमें 14 अगस्त को विभाजन विभिषिका स्मरण दिवस, 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस (सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती), 15 नवंबर जनजातीय दिवस (बिरसा मुंडा जंयती), 26 नवंबर को संविधान दिवस और 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस (सिखों के 10वें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह के चार साहबजादों की याद में) शामिल हैं।

बताते चलें कि कोरोना महामारी को ध्यान में गणतंत्र दिवस को लेकर इस बार कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं, जिसकी वजह से गणतंत्र दिवस परेड के दौरान 24,000 लोगों को उपस्थित रहने की अनुमति दी गई है। कोविड-19 वैश्विक महामारी संबंधी हालात के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में इस साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड के दौरान करीब 24,000 लोगों को उपस्थित रहने की अनुमति दी जाएगी। रक्षा प्रतिष्ठान में सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि देश में वैश्विक महामारी की मार पड़ने से पहले 2020 में करीब 1.25 लाख लोगों को परेड के दौरान उपस्थित रहने की अनुमति थी। उन्होंने बताया कि पिछले साल कोविड-19 के प्रकोप के बीच गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन किया गया था और करीब 25,000 लोगों को इस दौरान उपस्थित रहने की अनुमति थी।

सूत्रों ने बताया कि पिछली बार की तरह इस बार भी वैश्विक महामारी के कारण मुख्य अतिथि के रूप में विदेश से किसी गणमान्य व्यक्ति को संभवत: आमंत्रित नहीं किया जाएगा। भारत उज्बेकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिज गणराज्य और ताजिकिस्तान के नेताओं को आमंत्रित करने की योजना बना रहा है।

उन्होंने बताया कि इस साल परेड के दौरान उपस्थित रहने वाले करीब 24,000 लोगों में से 19,000 लोगों को आमंत्रित किया जाएगा और शेष आमजन होंगे, जो टिकट खरीद सकेंगे। परेड के दौरान कोविड-19 संबंधी सभी प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि लोगों के बैठने का प्रबंध करते समय सामाजिक दूरी के नियमों का पालन किया जाएगा। हर जगह सैनेटाइजर का छिड़काव करने वाले उपकरण लगे होंगे और मास्क पहनना अनिवार्य होगा।

(एजेंसी इनपुट्स के साथ)

Web Title: Republic Day Celebrations will now begin every year from 23rd January to include the birth anniversary of Subash Chandra Bose

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