लाइव न्यूज़ :

मोदी के शासनकाल में लालफीताशाही और लाइसेंस राज में कमी आई: सायरस पूनावाला

By भाषा | Updated: August 13, 2021 16:46 IST

Open in App

पुणे,13 अगस्त टीका निर्माता कंपनी ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ के अध्यक्ष सायरस पूनावाला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार की शुक्रवार को सराहना की और कहा कि इसके शासनकाल में लालफीताशाही और लाइसेंस राज में कमी आई है। पूनावाला ने बीते वक्त को याद किया जब करीब 50वर्ष पहले अनुमति लेने के लिए उद्योगों को ‘मुश्किलों’ का सामना करना पड़ता था और ‘‘नौकरशाह उनका उत्पीड़न करते थे।’’

पूनावाला ने कहा कि अतीत में उन्हें मंजूरी के लिए नौकरशाहों और औषधि नियामकों के ‘‘पैरों पर गिरना’’ पड़ा,लेकिन अब स्थिति बदल गई है और इसी कारण सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) का कोविड-19रोधी टीका कोविशील्ड शीघ्र आ पाया।

उन्होंने लोकमान्य तिलक न्यास द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही। उन्हें इस कार्यक्रम में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

डॉ पूनावाला ने कहा, ‘‘ सीरम इंस्टीट्यूट की स्थापना 1966 में मेरा विवाह विल्लू से होने के बाद हुई थी। यह पुरस्कार मैं अपनी प्यारी दिवंगत पत्नी को समर्पित करता हूं। 50 वर्ष पहले उद्योगों को मूलभूत सुविधाएं जैसे बिजली, पानी की नौकरशाहों से अनुमति मिलने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। नौकरशाह उनका उत्पीड़न करते थे....वैसे मुझे यह सब नहीं कहना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि लाइसेंस राज समाप्त हुआ,और इसकी वजह से कोरोना वायरस रोधी टीका जल्दी से आ पाया।

एसआईआई के अध्यक्ष ने कहा,‘‘ हम अपना टीका इतनी जल्दी लॉन्च कर पाए उसके पीछे यकीनन एक वजह अनुदान या अनुमति मिलना रही, लाइसेंस राज समाप्त होने से उद्योगों को प्रोत्साहन मिला। हमारे पास एक औषधि नियामक है जो शाम को कार्यालय का वक्त समाप्त होने के बाद भी जवाब देता है। अब ‘मस्का लगाने’ की जरूरत नहीं है।

पुरस्कार के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा हालांकि उन्हें अमेरिका, ब्रिटेन और अतीत में कई अन्य देशों से पुरस्कार मिला है लेकिन उनके लिए यह बहुत मायने रखता है।

इस अवसर पर न्यास के अध्यक्ष दीपक तिलक ने कहा,‘‘अस्थाई और चुनौतीपूर्ण स्थितियों में एसआईआई ने स्वदेशी टीका निर्माण में कठिन प्रयास किए,जिससे कोविड-19से जुड़़े भय को कम करने में मदद मिली। यह डॉ सायरस पूनावाला और उनकी टीम के प्रयासों का नतीजा है।’’

पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं कांग्रेस नेता सुशील कुमार शिंदे ने भी पूनावाला की सराहना की।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्वहोर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर सहमत ईरान?, 14 दिन बमबारी और हमले रोकने को तैयार राष्ट्रपति ट्रंप?, पाकिस्तान के पीएम शरीफ क्या बोले?

विश्व'हम नए लॉन्च प्लेटफॉर्म्स के साथ अपने हमले दोगुने कर देंगे': ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का जवाब

क्रिकेट2015 में 5, 2024 में 4 और 2026 में लगातार 3 जीत से शुरुआत?, आईपीएल सीजन में तीसरी बार आरआर ने किया आगाज?

पूजा पाठPanchang 08 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठVaisakhi 2026: बैसाखी के दिन का महत्व बताते 5 रोचक तथ्य, सिर्फ फसलों का त्योहार नहीं बल्कि इतिहास है खास; जानें

भारत अधिक खबरें

भारतपंजाब में अमित शाह का प्रतिभा खोज अभियान?, आरिफ मोहम्मद खान ढाका जाएंगे!

भारतNagpur: पवनी सफारी में दिखा दुर्लभ ‘काला चीतल’, पर्यटकों में बढ़ा रोमांच

भारत‘अपने स्तर को नीचे न गिराएं’: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर शशि थरूर की सलाह

भारत'इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े होंगे ये तो सिर्फ ऊपरवाला जानता है', राजनाथ सिंह ने PAK के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी का दिया करारा जवाब

भारत403 करोड़ रुपए खर्च?, योगी सरकार का सियासी दांव, बीआर अंबेडकर की मूर्ति पर लगेगा छत्र