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भारत में आर वैल्यू 1.22 है, कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं: सरकार

By भाषा | Updated: December 30, 2021 21:32 IST

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नयी दिल्ली, 30 दिसंबर सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोविड-19 के प्रसार का संकेत देने वाली आर नॉट वैल्यू (रिप्रोडक्शन वैल्यू) देश में 1.22 है और यह चेतावनी है कि मामले बढ़ रहे हैं कम नहीं हो रहे।

सरकार ने कहा कि महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, दिल्ली, कर्नाटक और गुजरात साप्ताहिक कोविड-19 मामलों और सकारात्मकता दर के आधार पर चिंता बढ़ाने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में उभर रहे हैं।

एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल ने कहा कि बीते कुछ दिनों से कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं कुछ राज्यों में इसमें बढ़त की प्रवृत्ति दिख रही है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आज अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के 180 नए मामले सामने आने के बाद, देश में इस स्वरूप के मामले बढ़कर 961 हो गए। ये एक दिन में सामने आए ओमीक्रोन के सर्वाधिक मामले हैं।

मंत्रालय के मुताबिक दिल्ली में सबसे अधिक 263 मामले सामने आए और इसके बाद महाराष्ट्र में 252, गुजरात में 97, राजस्थान में 69, केरल में 65 और तेलंगाना में 62 मामले सामने आए हैं। सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, भारत में एक दिन में कोविड-19 के 13,154 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,48,22,040 हो गई है। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 82,402 हो गई। 268 और संक्रमितों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,80,860 हो गई है।

देश में 49 दिन बाद कोविड-19 के 13 हजार से अधिक दैनिक मामले सामने आए हैं। इससे पहले, 11 नवंबर को 24 घंटे में संक्रमण के 13,091 नए मामले सामने आए थे।

उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि वैज्ञानिक आधार पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक आर वैल्यू 1.22 है…इसलिये मामले बढ़ रहे हैं, कम नहीं हो रहे। जैसा कि परिदृश्य सामने आ रहा है, हम मानते हैं कि हम जो देख रहे हैं वह ओमीक्रोन स्वरूप द्वारा दुनिया भर में बढ़ाए गए मामलों की वैश्विक वृद्धि का हिस्सा हो सकता है...। हम पहले से ही जानते हैं कि यह स्वरूप बेहद संक्रामक है और जिस तेजी से दुनिया में मामले बढ़ रहे हैं वह स्वत: ही यह बता देता है।”

उन्होंने कहा, “जैसा कि हमने बताया है, गंभीरता के मुद्दों का उत्तर दिया जाता है और हम डब्ल्यूएचओ के बयान को उद्धृत करते हैं - गंभीरता (है) उम्मीद से हल्की है लेकिन इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता है। यह काम प्रगति में होने जैसा है।”

उन्होंने हालांकि लोगों से अनुरोध किया कि घबराएं नहीं, “क्योंकि एक राष्ट्र के तौर पर हम तैयार हैं। एक राष्ट्र के तौर पर हमारे पास अनुभव है और व्यापक रूप से हुए टीकाकरण की व्यापक ढाल है। मैं दोहराउंगा, घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन तैयार रहने, जिम्मेदार व अनुशासित बनने की जरूरत है।”

उन्होंने कहा कि कई राज्य सरकारों ने उचित कदम उठाए हैं और सभी स्वरूप एक ही मार्ग से प्रवेश करते हैं जिसे मास्क पहनकर अवरुद्ध किया जा सकता है।

भारत में करीब 33 दिनों बाद एक दिन में 10 हजार से ज्यादा संक्रमण के मामलों के आने का उल्लेख करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने संक्रमण में तेज बढ़ोतरी को देखते हुए सतर्कता बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया।

अग्रवाल ने कहा कि देश के आठ जिलों से कोविड-19 के साप्ताहिक संक्रमण के 10 प्रतिशत से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं, 14 जिलों में संक्रमण दर पांच से 10 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, दिल्ली, कर्नाटक और गुजरात साप्ताहिक कोविड-19 मामलों और सकारात्मकता दर के आधार पर चिंता बढ़ाने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में उभर रहे हैं।

सरकार ने कहा कि भारत की 90 प्रतिशत वयस्क आबादी को कोरोना वायरस रोधी टीके की पहली खुराक दी गई है और 63.5 प्रतिशत लोगों का पूर्ण टीकाकरण हो गया है।

टीके की एहतियाती खुराक मुख्य रूप से संक्रमण की गंभीरता, अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु की आशंका को कम करने के लिए है।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि कोविड-19 रोधी टीकाकरण के बाद प्रतिरक्षा का स्थायित्व नौ महीने या उससे अधिक समय तक बना रहता है और टीके की एक एहतियाती (तीसरी) खुराक जो स्वास्थ्य देखभाल, अग्रिम पंक्ति के कर्मियों और अन्य बीमारियों से ग्रसित 60 वर्ष से ऊपर के नागरिकों को दी जाएगी, संक्रमण की गंभीरता, अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु की आशंका को कम करने के लिए है।

उन्होंने कहा, “अगर आपको संक्रमण हुआ और आपका टीकाकरण भी हुआ है तो आपकी प्रतिरोधक प्रतिक्रिया उन लोगों से ज्यादा होगी जिन्हें सिर्फ संक्रमण हुआ या जिन्होंने सिर्फ टीका लगवाया। इसलिए महत्वपूर्ण चीज यह है कि टीकाकरण अत्यंत अनिवार्य है।”

सरकार ने कहा कि टीकाकरण से पहले और बाद में मास्क लगाना जरूरी है। उसने कहा कि पहले और वर्तमान में फैले हुए कोरोना वायरस के स्वरूप समान मार्गों से फैलते हैं और संक्रमण के लिए उपचार दिशानिर्देश समान हैं।

सरकार ने कहा कि एक महीने के भीतर 121 देशों में ओमीक्रोन स्वरूप के 3,30,379 मामले सामने आए हैं और 59 लोगों की इससे मौत की खबर है।

अग्रवाल ने कहा कि देश के 22 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से अब तक ओमीक्रोन स्वरूप से संक्रमण के 961 मामले सामने आ चुके हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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