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चीन के साथ सीमा तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी के बीच हुई बातचीत

By निखिल वर्मा | Updated: June 2, 2020 22:04 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से टेलिफोनिक वार्ता की है. उनके बीच जी-7 समिट को लेकर चर्चा हुई.

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ठळक मुद्देडोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को यूएसए में होने वाली जी-7 समिट का न्योता दिया है.जी-7 दुनिया की शीर्ष सात विकसित अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और कनाडा शामिल हैं।

कोरोना वायरस महामारी और चीन के साथ सीमा विवाद के बीच भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच टेलिफोन वार्ता हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने जी-7 समिट पर भी पीएम मोदी से चर्चा की है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जी7 शिखर सम्मेलन को सितंबर तक टाल दिया है और विश्व की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के इस समूह में भारत और तीन अन्य देशों को शामिल करने के साथ ही इस ‘पुराने’ समूह का विस्तार जी10 या जी11 तक करने की इच्छा व्यक्त की है।

जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए भारत, रूस, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया को आमंत्रित करने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना पर चीन ने मंगलवार को नाराजगी भरी प्रतिक्रिया जतायी और कहा कि बीजिंग के खिलाफ किसी गुटबंदी का प्रयास नाकाम साबित होगा। 

 जलवायु परिवर्तन, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था सहित विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर चर्चा के लिए इन देशों के प्रमुखों की हर साल बैठक होती है। ट्रंप ने जी-7 की बैठक सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी है। उन्होंने इच्छा व्यक्त की है कि इस ‘‘पुराने पड़ गए संगठन’’ का विस्तार किया जाए तथा इसमें भारत और तीन अन्य देशों को शामिल किया जाए तथा इसे जी-10 या जी-11 बनाया जाए।

भारत और तीन अन्य देशों को जी-7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित करने की ट्रंप की योजनाओं के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने यहां मीडिया ब्रीफिंग में कहा, ‘‘ चीन का मानना ​​है कि सभी अंतरराष्ट्रीय संगठनों और सम्मेलनों को विभिन्न देशों के बीच आपसी विश्वास बढ़ाने वाला होना चाहिए, जिससे बहुपक्षीयता कायम रह सके और विश्व शांति तथा विकास को बढ़ावा मिल सके।’’

उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि यह दुनिया भर के देशों की भारी बहुमत की भूमिका है। उन्होंने कहा कि चीन के खिलाफ कोई भी गुटबंदी का प्रयास विफल होगा। ट्रंप द्वारा भारत और तीन अन्य देशों को आमंत्रित किए जाने से चीन में बेचैनी की भावना है।

इस साल जी7 की अध्यक्षता अमेरिका के पास है। कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के मद्देनजर इस सम्मेलन को वर्चुअल तरीके से कराए जाने की चर्चा थी लेकिन ट्रम्प ने सुझाव दिया कि इसे व्यक्तिगत तौर पर आयोजित कराया जाए।

शिखर सम्मेलन के दौरान जी7 अध्यक्ष आम तौर पर किसी एक या दो देशों के प्रमुख को विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित करते हैं। पिछले साल फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जी7 शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया था।

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