PM Narendra Modi avoided these three critical issues in Independence Day Speech | पीएम मोदी ने लालकिले से भाषण में क्यों नहीं किया नोटबंदी समेत इन तीन बातों का जिक्र?
पीएम मोदी ने लालकिले से भाषण में क्यों नहीं किया नोटबंदी समेत इन तीन बातों का जिक्र?

15 अगस्त, नई दिल्लीः भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 72वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लालकिले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। 82 मिनट के संबोधन में उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों और वर्गों का जिक्र किया। साल 2014 में भाजपा की अगुवाई में एनडीए के सत्ता में आने के बाद से यह उनका पांचवां संबोधन था। ऐसे में पूरे देश की निगाहें उनके इस कार्यकाल के अंतिम भाषण पर टिकी हुई हैं। उन्होंने आज अपने भाषण में पिछले साल चालों का लेखा-जोखा पेश किया वहीं 2019 के चुनाव का बिगुल भी फूंका। लेकिन बड़ी चालाकी से नोटबंदी समेत इन तीन अहम बातों पर बोलने से बच गए। कौन सी हैं वो बातें और पीएम मोदी के दरकिनार करने के पीछे है क्या रणनीति?

1. नोटबंदी की उपलब्धियां

भारतीय जनता पार्टी दावा करती है कि आर्थिक सुधार और कालाधन से निपटने के लिए उसने नोटबंदी और जीएसटी जैसे बड़े फैसले लिए हैं। लालकिले से अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी का जिक्र तो किया लेकिन नोटबंदी का कोई जिक्र नहीं किया। जीएसटी के बारे में उन्होंने कहा कि शुरुआती मुश्किलों के बावजूद देश के व्यापारियों ने इसे स्वीकार किया इसलिए मैं उनका धन्यवाद करना चाहता हूं। इसके बाद उन्होंने रिकॉर्ड टैक्स कलेक्शन का भी दावा किया। लेकिन नोटबंदी के दौरान हुई जिल्लत और उसके हासिल का कहीं कोई नाम तक नहीं लिया। तो क्या सरकार ने भी मान लिया है कि नोटबंदी सही फैसला नहीं था? 

2. एससी-एसटी विधेयक पर चुप्पी

दलितों से जुड़े मामलों में तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटते हुए संसद ने एससी एसटी अत्याचार निवारण संशोधन विधेयक 2018 को मंजूरी दी। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के साथ ही यह विधेयक कानून बन जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लालकिले से भाषण देते हुए ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का जिक्र किया लेकिन एससी-एसटी विधेयक पर जोर नहीं दिया। माना जा रहा है कि सरकार के इस फैसले से सवर्ण समाज पहले ही नाराज है। ऐसे में उस फैसले का और ढिंढोरा पीटकर पार्टी कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहती। 

3. गंगा सफाई सिरे से दरकिनार

प्रधानमंत्री मोदी पर सफाई पर बहुत जोर रहता है। 2014 में वाराणसी से चुनाव लड़ते हुए उन्होंने कहा था कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है। मैं इसे साफ करूंगा। इसके बाद 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद लालकिले की प्राचीर से मोदी ने स्वच्छता की बात कही थी। आज के भाषण में उन्होंने स्वच्छता को तो याद रखा लेकिन मां गंगा की सफाई भूल गए। उन्होंने जीवनदायिनी नदी के बारे में एक शब्द नहीं कहे। 

इन सात बड़े मुद्दों पर पीएम मोदी ने रखे विचारः-

1. दुनिया में बढ़ी भारत की साख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया में आज भारत की साख बढ़ी है। दुनिया के मंचों में हमने अपनी आवाज बुलंद की है। आज देश को विश्व की अनगिनत संस्थाओं में हमें स्थान मिला है। आज भारत पर्यावरण की चिंता करने वालों के लिए अगुवाई कर रहा है। आज दुनिया में कहीं पैर रखता है तो वो देश स्वागत करने के लिए लालायित रहता है। भारत के पासपोर्ट की ताकत बढ़ गई है। विश्व में कहीं पर भी अगर मेरा हिंदुस्तानी संकट में है तो उसे भरोसा है कि मेरा देश मेरे पीछे खड़ा है।

2. नॉर्थ ईस्ट को लेकर बदला लोगों का नजरिया

नॉर्थ ईस्ट को लेकर जिस तरह की खबरें आ रही थी लेकिन अब नॉर्थ ईस्ट देश को प्रेरणा दे रहा है। आज नॉर्थ ईस्ट में रेलवे, हाईवे, वाटरवे, एयरवे की खबरें आ रही हैं। एक समय नॉर्थ ईस्ट को लगता है दिल्ली बहुत दूर है लेकिन हमने दिल्ली को नॉर्थ ईस्ट के दरवाजे पहुंचा दिया है।

3. 2025 तक अंतरिक्ष जाएगा भारत

आज इस लालकिले की प्राचीर से देशवासियों को एक खुशखबरी सुनाना चाहता हूं। जब आजादी के 75 साल होंगे तब मां भारत का कोई संतान वे अंतरिक्ष में जाएँगे। हाथ में तिरंगा झंडा लेकर जाएंगे। अब हम मानव सहित गगन यान लेकर चलेंगे। तब विश्व के अंदर हम चौथे देश बन जाएंगे। मैं देश के वैज्ञानिकों को हृदय से बधाई देता हूं।

4. ईमानदार टैक्सपेयर्स को सलाम

मैं आज विशेष रूप से देश के ईमानदार करदाताओं से कहना चाहता हूं कि आपके पैसों से जो योजनाओं से पुण्य मिलता है वो सरकार को नहीं, टैक्सपेयर को मिलता है। जब आप खाना खा रहे हैं उसी समय तीन गरीब परिवार खाना खा रहे हैं। देश में डायरेक्ट टैक्स दाताओं की संख्या 4 करोड़ थी वो अब बढ़कर करीब आठ करोड़ हो गई है। अब देश ईमानदारी की राह पर चल पड़ा है।

5. महिलाओं के लिए तमाम घोषणाएँ

भारतीय सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के माध्यम से चुनी गई महिलाओं को पुरुष अधिकारियों के बराबर रैंक देने की घोषणा करता हूं। सरपंच से लेकर संसद तक देश की महिलाएँ देश के विकास के लिए योगदान दे रही हैं। हमने बलात्कारियों के लिए फांसी प्रावधान किया है। राक्षसी प्रवृत्तियों की मानसिकता वालों को भय होना चाहिए। हमारे लिए रूल ऑफ लॉ सुप्रीम है। किसी को कानून हाथ में लेने का हक नहीं दिया जा सकता।

6. मैं बेचैन हूं...

मैं बेसब्र हूं अपने देश को सबसे आगे ले जाने के लिए। मैं बचैन हूं हमारे देश के बच्चों के विकास में कुपोषण से मुक्त करने के लिए। मैं व्याकुल हूं ताकि गरीब तक समूची हेल्थ कवर प्राप्त हो। मैं व्यग्र हूं क्योंकि मैं अपने नागरिकों को समान अवसर देना चाहता हूं। मैं अधीर हूं क्योंकि मैं आईटी में देश की अगुवाई चाहता हूं। मैं आतुर हूं क्योंकि देश हर क्षेत्र में देश की अगुवाई करे।

7. 25 सितंबर से शुरू की जाएगी आयुष्मान भारत स्कीम

लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 72वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर आयुष्मान भारत को लॉन्च करने और इसके लागू करने की रूपरेखा के बारे में ऐलान किया। पीएम मोदी ने बताया कि दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर यानी 25 सितंबर आयुष्मान भारत के लागू होने की शुरुआत हो जाएगी।


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