कांग्रेस, राजद के आरोप पर निर्वाचन आयोग ने कहा: हम कभी दबाव में नहीं रहे

By भाषा | Published: November 10, 2020 11:22 PM2020-11-10T23:22:10+5:302020-11-10T23:22:10+5:30

On the allegation of Congress, RJD, Election Commission said: We have never been under pressure | कांग्रेस, राजद के आरोप पर निर्वाचन आयोग ने कहा: हम कभी दबाव में नहीं रहे

कांग्रेस, राजद के आरोप पर निर्वाचन आयोग ने कहा: हम कभी दबाव में नहीं रहे

नयी दिल्ली, 10 नवंबर बिहार में कुछ विधानसभा सीटों पर मतगणना में कथित गड़बड़ी के कांग्रेस एवं राजद के आरोपों की पृष्ठभूमि में निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को कहा कि वह कभी भी किसी के दबाव में नहीं रहा है।

आयोग के महासचिव उमेश सिन्हा ने यह भी कहा कि मतगणना में सभी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आयोग पूरी तरह से मुस्तैद है और मतगणना सही ढंग से हो रही है। आयोग कभी भी किसी के दबाव में नहीं रहा है। जो प्रक्रियाएं हैं, उनका पालन हो रहा है। इन प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद नतीजों की घोषणा की जाएगी।’’

सिन्हा ने कहा कि जिन सीटों पर हार और जीत का अंतर खारिज किए गए डाक मत पत्रों से कम है वहां पुन: सत्यापन किया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि ज्यादातर सीटों पर कुछ चरण की मतगणना शेष है।

इससे पहले कांग्रेस और राजद के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने पटना में चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर कुछ सीटों पर उनके उम्मीदवारों को हराए जाने का आरोप लगाया और कुछ सीटों पर फिर से मतगणना की मांग की।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कुछ सीटों का हवाला देते हुए ट्वीट किया, ‘‘ये न प्रजातंत्र की परिपाटी है और न ही क़ानूनी तौर से सही है। चुनाव आयोग कहां है?

इससे पहले सिन्हा ने बताया कि रात तक ज्यादातर चुनाव नतीजों की घोषणा कर दी जाएगी तथा शेष परिणाम देर रात आएंगे। उनसे सवाल किया गया था कि क्या नतीजों की घोषणा बुधवार को सुबह की जाएगी ?

बिहार के प्रभारी उप निर्वाचन आयुक्त चंद्र भूषण कुमार ने बताया कि शाम 5.30 बजे तक 2.7 करोड़ मतों की गिनती कर ली गई थी।

आयोग के अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न सरकारी सेवाओं से जुड़े लोगों से 1.6 लाख मत पत्र इलेक्ट्रानिक रूप से स्थानांतरित किए गए थे। करीब 52,000 डाक पत्रों का इस्तेमाल 80 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और दिव्यांगजनों ने किया।

अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि डाक पत्रों की गणना को बीच में ही रोक दिया गया।

कोविड-19 वैश्विक महामारी के मद्देनजर सामाजिक दूरी बनाए रखने के नियम के पालन के लिए आयोग ने 2015 विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार मतदान केन्द्रों की संख्या बढ़ा दी थी। इससे पहले, 2015 चुनाव में करीब 65,000 मतदान केन्द्र स्थापित किए गए थे, जिन्हें बढ़ाकर इस बार 1.06 लाख कर दिया गया था। इसके चलते इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) भी अधिक इस्तेमाल करनी पड़ीं।

इस बार हर मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या 1,000 से 1,500 तक तय की गई थी, ताकि सामाजिक दूरी सुनिश्चित की जा सके। इसके लिए मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ानी पड़ी।

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Web Title: On the allegation of Congress, RJD, Election Commission said: We have never been under pressure

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