No more liquor shops in Goa, population of 1.5 million, more than 2,000 shops | गोवा में शराब की और दुकानों की जरूरत नहीं, 15 लाख की आबादी, 2,000 से ज्यादा शॉप, आठ से दस हजार बार
2,000 खुदरा दुकानों के अलावा राज्य में आठ से दस हजार बार भी हैं जो शराब का कारोबार करते हैं।

Highlights 2020-21 के बजट में स्थानीय ‘फेनी’ समेत विभिन्न ब्रांड की शराब पर उत्पाद शुल्क में वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है।राज्य की 15 लाख की आबादी की जरूरत के लिए पहले से शराब के 2,000 खुदरा बिक्री केंद्र हैं।

गोवा में शराब व्यापारियों के संगठन ने शुक्रवार को राज्य सरकार से शराब की और दुकानों के लिए खुदरा बिक्री लाइसेंस नहीं जारी करने के लिए कहा।

उनका कहना है कि राज्य में शराब का कारोबार अपने ‘चरम’ पर पहुंच चुका है। ऑल गोवा लिकर ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दत्ता प्रसाद नाइक ने कहा कि हाल के राज्य बजट में शराब पर उत्पाद शुल्क में प्रस्तावित वृद्धि को यदि वापस नहीं लिया जाता है तो पूरा शराब उद्योग बैठ जाएगा।

छह फरवरी को पेश राज्य के 2020-21 के बजट में स्थानीय ‘फेनी’ समेत विभिन्न ब्रांड की शराब पर उत्पाद शुल्क में वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है। नाइक ने बताया कि राज्य की 15 लाख की आबादी की जरूरत के लिए पहले से शराब के 2,000 खुदरा बिक्री केंद्र हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में शराब की और दुकानें खोलने के लिए जगह नहीं है। राज्य सरकार को अगले तीन साल तक नए लाइसेंस देने पर रोक लगानी चाहिए। राज्य में शराब उद्योग अपने चरम पर पहुंच गया है।’’ नाइक ने यह भी कहा कि 2,000 खुदरा दुकानों के अलावा राज्य में आठ से दस हजार बार भी हैं जो शराब का कारोबार करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की त्रुटिपूर्ण नीतियों की वजह से शराब का कारोबार धीरे-धीरे गोवा के मूल निवासियों के हाथ से फिसलता जा रहा है।

Web Title: No more liquor shops in Goa, population of 1.5 million, more than 2,000 shops
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