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बिहार में लोगों के शादी-विवाह में भोज खाने जाएंगे नीतीश कुमार, रखी बस ये शर्त

By एस पी सिन्हा | Updated: December 24, 2021 19:59 IST

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों समाज सुधार अभियान के तहत जिलों की यात्रा पर हैं. इस यात्रा की शुरुआत चंपारण से की गई. तय कार्यक्रम के तहत दूसरा पड़ाव गोपालगंज रहा.

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पटना: दहेज रहित शादी-विवाह में आमंत्रण मिलने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भोज खाने जायेंगे. अपने 'समाज सुधार यात्रा' कार्यक्रम के तहत गोपालगंज पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस बात का ऐलान किया. जीविका दीदियों के साथ संवाद कार्यक्रम में शामिल होते हुए मुख्यमंत्री ने मंच से अपने संबोधन के जरिये शराबबंदी को सफल बनाने का संदेश दिया. उन्होंने दहेज प्रथा के खिलाफ भी जमकर बोला और लेागों से अपील भी की कि वो दहेज प्रथा को ना कहें.

गोपालगंज के मिंज स्टेडियम में लोगों को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने लोगों से कहा कि अगर उन्हें शादी विवाह की दावत मिलेगी तो जरूर जाएंगे, लेकिन इसके लिए शर्त यह है कि दावतनामा में लिखना होगा कि दहेज नही लिया है. उन्होंने कहा कि अगर लिखा होगा कि दहेज नहीं लिए हैं तो उन्हें शिरकत करने से गुरेज नहीं होगा. 

शराब, दहेज और बाल विवाह के खिलाफ अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब, दहेज और बाल विवाह के खिलाफ उनका अभियान जारी रहेगा, ये कोई यात्रा नहीं है जो समाप्त हो जाए. यह अभियान है जो निरंतर जारी रहेगा. शराबबंदी को सफल बनाने के लिए उन्होने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि अगर आपके आस-पास कोई शराब का धंधा कर रहा है तो सारी महिलाएं एक साथ होकर उसका विरोध करे और पुलिस-प्रशासन को धंधा करने वालों की सूचना दें. 

उन्होने कहा कि दहेज और बाल विवाह के खिलाफ भी ऐसा ही अभियान चलना चाहिए. कोरोना की वजह से गाइडलाइन है कि शादी से पहले थाने को सूचना दी जाए. मै अब ये कहता हूं कि थाने में तो सूचना देना ही है, साथ ही ये भी लिखवाया जाए कि शादी दहेजमुक्त है.

महात्मा गांधी का नीतीश कुमार ने किया जिक्र

शराब से होने वाले नुकसान को बताते हुए मुख्यमंत्री ने कई बार महात्मा गांधी का जिक्र किया. उन्होने कहा कि गांधी जी जब आजादी की लड़ाई लड़ रहे थे, तब उन्होंने कहा था कि अगर मुझे एक घंटे के लिए तानाशाह बना दिया जाए तो मैं देशभर में शराबबंदी लागू कर दूंगा. बापू ने कहा था शराब बहुत खराब चीज है, शराब न केवल उनसे उनका पैसा छीन लेती है बल्कि बुद्धि भी छीन लेती है. शराब पीने वाला आदमी हैवान बन जाता है. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वो छात्र जीवन से ही शराब के खिलाफ रहे हैं. उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमें कहते है कि बिहार में गुजरात मॉडल अपनाया जाए. जो लोग बाहर से आते हैं, उन्हे शराब पीने की इजाजत दे दी जाए, मै उनको कहता हूं कि कोई बिहार शराब पीने के लिए थोड़ी ही न आता है. कुछ लोग कहते थे कि शराब बंद होने से पर्यटन का नुकसान होगा. लेकिन 2019 से पहले का आंकड़ा देख लीजिये, बिहार आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार बढोतरी हुई है. 

बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों समाज सुधार अभियान के तहत जिलों की यात्रा पर हैं. इस यात्रा की शुरुआत चंपारण से की गई. तय कार्यक्रम के तहत दूसरा पड़ाव गोपालगंज रहा. इस अभियान के तहत मुख्यमंत्री शराबबंदी, दहेज प्रथा और बाल विवाह समेत अन्य मुद्दों पर समीक्षा कर रहे हैं. इस कार्यक्रम की ब्रांड एंबेसडर जीविका दीदियों को बनाया गया है. सभी जिलों में मुख्यमंत्री जीविका दीदियों से संवाद भी कर रहे हैं.

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