Maharashtra: सरकारी कर्मचारी पर कीचड़ डालना पड़ा भारी, मंत्री नितेश राणे को कोर्ट ने सुनाई जेल की सजा; जानें पूरा मामला
By अंजली चौहान | Updated: April 28, 2026 08:16 IST2026-04-28T08:14:45+5:302026-04-28T08:16:25+5:30
Nitesh Rane Case: राणे उन 30 लोगों में शामिल थे जिन पर दंगा, लोक सेवक को कार्य करने से रोकने के लिए हमला और आपराधिक साजिश सहित कई अपराधों का आरोप लगाया गया था। 2019 में घटी इस घटना के समय वह कांग्रेस पार्टी के सदस्य थे।

Maharashtra: सरकारी कर्मचारी पर कीचड़ डालना पड़ा भारी, मंत्री नितेश राणे को कोर्ट ने सुनाई जेल की सजा; जानें पूरा मामला
Nitesh Rane Case:महाराष्ट्र सरकार में मौजूद मंत्री नितेश राणे को एक केस में सिंधुदुर्ग की अदालत ने जेल की सजा सुनाई है। यह मामला साल 2019 का है जब मंत्री राणे ने NHAI के एक इंजीनियर पर कीचड़ फेंक दिया था। अदालत ने उन्हें एक महीने जेल की सज़ा सुनाई है। अदालत ने टिप्पणी की कि कानून बनाने वालों से यह उम्मीद नहीं की जाती कि वे कानून को अपने हाथों में लें। बाद में सोमवार को अदालत ने इस सज़ा को निलंबित कर दिया, जिससे राणे को ऊपरी अदालत में अपील करने का समय मिल गया; साथ ही अदालत ने इस मामले में 29 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वी.एस. देशमुख ने कहा कि हालांकि राणे का मकसद काम की खराब गुणवत्ता और जनता को हो रही असुविधा के बारे में चिंता जताना था, लेकिन उन्हें किसी सरकारी कर्मचारी को सार्वजनिक रूप से अपमानित या बेइज्जत करने का कोई अधिकार नहीं था।
न्यायाधीश ने कहा कि ऐसी घटनाओं से सरकारी कर्मचारियों की अपने कर्तव्यों का गरिमापूर्ण ढंग से पालन करने की क्षमता कमज़ोर हो सकती है। इस कृत्य को सत्ता का दुरुपयोग बताते हुए अदालत ने कहा कि ऐसी प्रवृत्तियों पर रोक लगाने की ज़रूरत है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बेटे नितेश राणे उन 30 लोगों में शामिल थे जिन पर दंगा करने, सरकारी कर्मचारी को अपना काम करने से रोकने के लिए हमला करने और आपराधिक साज़िश रचने जैसे आरोप लगाए गए थे। घटना के समय वह कांग्रेस पार्टी में थे।
राणे सहित सभी आरोपियों को पर्याप्त सबूतों के अभाव में इन आरोपों से बरी कर दिया गया। हालांकि, अदालत ने राणे को धारा 504 के तहत दोषी पाया। यह धारा जानबूझकर अपमान करने और सार्वजनिक शांति भंग करने के लिए उकसाने से संबंधित है। इसके लिए उन्हें एक महीने जेल की सज़ा सुनाई गई।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 4 जुलाई, 2019 को हुई थी। उस समय कांग्रेस के विधायक रहे राणे ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के उप-विभागीय इंजीनियर प्रकाश शेडेकर को मुंबई-गोवा हाईवे पर चल रहे काम का निरीक्षण करने के लिए कंकावली में गाड नदी पर बने एक पुल पर बुलाया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, सड़क के काम की खराब गुणवत्ता और जलभराव से नाराज़ राणे और उनके समर्थकों ने इंजीनियर का घेराव किया, उन पर कीचड़ वाला पानी फेंका और उन्हें सार्वजनिक रूप से कीचड़ भरे रास्ते से चलने के लिए मजबूर किया।
Maharashtra Minister Nitesh Rane gets 1-month jail, court suspends sentence for time to appeal https://t.co/jCGHJssHv6
— The Indian Express (@IndianExpress) April 28, 2026
अदालत ने कहा कि पीड़ित NHAI में एक वरिष्ठ पद पर कार्यरत थे, और उन्हें सार्वजनिक रूप से कीचड़ भरे पानी से चलने के लिए मजबूर करना उनका अपमान और बेइज्ज़ती करने जैसा था।
न्यायाधीश ने निष्कर्ष निकाला कि राणे का यह कृत्य जानबूझकर किया गया अपमान था, जिसका मकसद उकसाना और सार्वजनिक शांति को भंग करना था।